साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत: निधन के 4 घंटे बाद इंस्टाग्राम पर आया कथित सुसाइड नोट, कई सवाल खड़े
पश्चिमी राजस्थान की प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत अस्पताल में हुई, जहां उन्हें मृत घोषित किया गया। सबसे बड़ा रहस्य यह है कि मौत के लगभग 4 घंटे बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट आया, जिसमें सनातन प्रचार, अग्नि परीक्षा और "इस दुनिया से अलविदा" जैसे शब्द थे, जो सुसाइड नोट जैसा लग रहा है। पुलिस जांच कर रही है, जबकि परिवार ने पोस्टमॉर्टम के लिए सरकारी अस्पताल जाने से इनकार किया। मामला संदिग्ध बना हुआ है और सोशल मीडिया पर चर्चा तेज है।
जोधपुर, राजस्थान: पश्चिमी राजस्थान की प्रसिद्ध कथावाचक और बाल साध्वी साध्वी प्रेम बाईसा का निधन हो गया है। यह घटना बुधवार शाम को जोधपुर के प्रेक्षा अस्पताल में हुई, जहां उन्हें मृत घोषित किया गया। मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि उनकी मौत के लगभग 4 घंटे बाद उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट किया गया, जो प्रथम दृष्टया सुसाइड नोट जैसा लग रहा है। इस पोस्ट ने पूरे मामले को रहस्यमयी और संदिग्ध बना दिया है।
घटना का क्रम
साध्वी प्रेम बाईसा को उनके पिता और एक युवक द्वारा कार से बोरानाडा स्थित आश्रम से पाल रोड के प्रेक्षा अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचने पर शाम करीब 5:30 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉ. प्रवीण जैन के अनुसार, साध्वी के पिता ने बताया कि उन्हें बुखार था, जिसके लिए एक इंजेक्शन लगाया गया था। इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद उनकी हालत बिगड़ गई और वे निढाल हो गईं। डॉक्टरों ने बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन शरीर में कोई हलचल नहीं थी, यानी मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी।
डॉक्टरों ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए एमडीएम अस्पताल या महात्मा गांधी अस्पताल ले जाने की सलाह दी और अस्पताल की एंबुलेंस उपलब्ध कराने की पेशकश की, लेकिन साध्वी के पिता ने इनकार कर दिया और शव को निजी कार से ही ले जाने का फैसला किया।
इंस्टाग्राम पर कथित सुसाइड नोट
मौत के समय से करीब 4 घंटे बाद, रात 9:28 बजे साध्वी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक लंबी पोस्ट की गई। इस पोस्ट में लिखा गया:"मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जिया... मैंने आदि गुरु शंकराचार्य और देश के कई महान संतों को पत्र लिखा, अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था? ... मैं इस दुनिया से हमेशा के लिए अलविदा... लेकिन ईश्वर और पूज्य संत महात्माओं पर पूर्ण भरोसा... मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा।"
पोस्ट में सनातन धर्म के प्रति समर्पण, संतों के प्रति श्रद्धा और अंत में "अलविदा" जैसे शब्दों का जिक्र है, जो इसे सुसाइड नोट जैसा बनाता है। कुछ रिपोर्टों में पोस्ट में "मौत के बाद न्याय मिलेगा" जैसे वाक्य भी शामिल बताए जा रहे हैं।
पुलिस जांच और राजनीतिक प्रतिक्रिया
एसीपी (वेस्ट) छवि शर्मा ने बताया कि पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। बोरानाडा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज है और जांच जारी है। सोशल मीडिया पर कई लोग इसे संदिग्ध मौत बता रहे हैं और उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी मामले पर गंभीर सवाल उठाए हैं और राजस्थान सरकार से CBI-स्तरीय या उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।कई लोगों का मानना है कि इंजेक्शन से संबंधित रिएक्शन या इंस्फेक्शन मौत का कारण हो सकता है, जबकि सोशल मीडिया पोस्ट के समय अंतराल ने हत्या या अन्य संदेह पैदा किए हैं।साध्वी प्रेम बाईसा श्रीमद् भागवत कथा, भजन-कीर्तन और सनातन धर्म प्रचार के लिए जानी जाती थीं। उनके निधन से भक्तों और श्रद्धालुओं में शोक की लहर है। पुलिस जांच से मामले का खुलासा होने की उम्मीद है।