गाजियाबाद में तीन सगी बहनों की दर्दनाक आत्महत्या: मोबाइल गेम की लत ने छीन लीं मासूम जिंदगियां
गाजियाबाद के भारत सिटी में तीन सगी बहनों (उम्र 12, 14, 16 साल) ने 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। मुख्य वजह टास्क-बेस्ड कोरियन लव गेम की गहरी लत बताई जा रही है, जिसे वे 3 साल से खेल रही थीं। सुसाइड नोट में लिखा- "सॉरी मम्मी-पापा, गेम नहीं छोड़ पाए... अब एहसास होगा हमारा प्यार"। तीनों स्कूल छोड़ चुकी थीं, एक साथ हर काम करती थीं और गेम में 'डेथ कमांडर' रोल निभाती थीं। पुलिस जांच जारी, गेमिंग एडिक्शन पर चिंता बढ़ी।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। तीन सगी नाबालिग बहनों ने अपने घर की 9वीं मंजिल से कूदकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। यह घटना 4 फरवरी 2026 की देर रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जब तीनों बहनें एक साथ बालकनी से छलांग लगा दीं। पुलिस और परिवार के अनुसार, इसकी मुख्य वजह तीनों की मोबाइल गेम (खासकर टास्क-बेस्ड कोरियन लव गेम) की गहरी लत थी, जिसे वे छोड़ नहीं पा रही थीं।
घटना का पूरा विवरण
घटना गाजियाबाद के भारत सिटी सोसाइटी, बी-1 टावर, फ्लैट नंबर 907 में हुई। तीनों बहनें अपने कमरे में सो रही थीं। उन्होंने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया, फिर स्टूल रखकर एक-एक करके बालकनी से कूद गईं। गिरने की ऊंचाई लगभग 80 फीट थी। आवाज सुनकर परिवार वाले दौड़े, लेकिन दरवाजा बंद होने के कारण उन्हें तोड़ना पड़ा। नीचे पहुंचते ही तीनों बहनें जमीन पर गंभीर रूप से घायल पड़ी मिलीं। उन्हें तुरंत लोनी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस को रात 2:18 बजे सूचना मिली और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
बहनों की पहचान और परिवार की पृष्ठभूमि
निशिका (16 वर्ष),प्राची (14 वर्ष),पाखी (12 वर्ष)।तीनों बहनें बेहद करीब थीं। वे हर काम साथ करती थीं—एक साथ नहातीं, टॉयलेट जातीं, खातीं और सोतीं भी। पिता चेतन कुमार मूल रूप से दिल्ली के खजूरी के रहने वाले हैं और ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग का काम करते हैं। परिवार में पिता की दो शादियां हुई हैं—पहली पत्नी से बच्चे नहीं होने पर उन्होंने उसकी बहन (साली) से दूसरी शादी की। परिवार में कुल 7 बच्चे हैं, जिसमें एक 7 साल का बेटा और अन्य छोटे बच्चे भी शामिल हैं। घटना के समय पिता दोनों पत्नियों और छोटे बच्चों के साथ एक कमरे में सो रहे थे, जबकि तीनों बड़ी बहनें दूसरे कमरे में थीं।
गेम की लत और सुसाइड नोट का खुलासा
पिता चेतन के अनुसार, तीनों बहनें पिछले 3 साल से (कोरोना काल से) मोबाइल गेम खेल रही थीं। वे एक टास्क-बेस्ड कोरियन लव गेम (जिसे Korean Lover Game या Korean Love Game कहा जा रहा है) की आदी हो गई थीं। इस गेम में टास्क दिए जाते थे, जो धीरे-धीरे कठिन और खतरनाक हो जाते थे। बीच वाली बहन प्राची गेम में 'डेथ कमांडर' की भूमिका निभाती थी और बाकी दोनों को टास्क देती थी। दोनों उसकी हर बात मानती थीं।
वे स्कूल भी 2 साल से नहीं जा रही थीं, दिनभर गेम खेलती रहती थीं, आसपास के लोगों से बात नहीं करती थीं और अक्सर कहती थीं कि "हम कोरिया जाना चाहते हैं"। उन्होंने खुद को कोरियन समझना शुरू कर दिया था और यहां तक कि कोरियन नाम भी रख लिए थे।कमरे से पुलिस को एक पॉकेट डायरी मिली, जिसमें 8-18 पन्नों का सुसाइड नोट लिखा था। नोट में मुख्य रूप से लिखा था:"मम्मी-पापा सॉरी... गेम नहीं छोड़ पा रही हूं।""अब आपको एहसास होगा कि हम गेम से कितना प्यार करते थे, जिसे आप छुड़वाना चाहते थे।""सॉरी पापा, हम गेम नहीं छोड़ सके। कोरियन गेम हमारी जिंदगी, हमारी जान है।"पिता ने बताया कि उन्होंने बेटियों को गेम खेलने से कई बार मना किया और फटकार लगाई, लेकिन वे नहीं मानीं।
पुलिस जांच और विशेषज्ञों की राय
एडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी और SP अतुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की पुष्टि हुई है। मोबाइल फोन और डायरी जब्त कर ली गई है। जांच में गेम के टास्क, स्क्रीनशॉट और अन्य सबूत देखे जा रहे हैं। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है कि क्या यह गेम ब्लू व्हेल चैलेंज जैसा था, जहां अंतिम टास्क में मौत शामिल होती है।यह घटना मोबाइल गेमिंग एडिक्शन की गंभीर समस्या को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे टास्क-बेस्ड गेम्स में भावनात्मक मैनिपुलेशन होता है, जो बच्चों को मानसिक दबाव में डाल देता है। अभिभावकों को बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर नजर रखनी चाहिए और समय पर हस्तक्षेप करना जरूरी है।