यूजीसी एक्ट 2026 उच्च शिक्षा में समानता की नई शुरुआत.

यूजीसी ने 13 जनवरी 2026 से “प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस, 2026” लागू किए हैं। इन नियमों का उद्देश्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जाति, धर्म, लिंग, क्षेत्र और दिव्यांगता के आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकना है। नए कानून से एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को विशेष कानूनी सुरक्षा मिलेगी और उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता व समावेशन को बढ़ावा मिलेगा।

Jan 28, 2026 - 15:11
Jan 28, 2026 - 17:50
यूजीसी एक्ट 2026 उच्च शिक्षा में समानता की नई शुरुआत.

भारत:- विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने 13 जनवरी 2026 को “प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस, 2026” लागू किए हैं। इन नियमों का उद्देश्य देश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भेदभाव-मुक्त और समान अवसरों वाला वातावरण बनाना है।यह नियम पूरे भारत के सरकारी और निजी उच्च शिक्षा संस्थानों पर लागू होंगे।

क्यों जरूरी था यूजीसी का नया कानून?

पिछले कुछ वर्षों में कई विश्वविद्यालयों में जाति, धर्म, लिंग और सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर भेदभाव के मामले सामने आए। इससे छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ और शिक्षा की गुणवत्ता पर भी असर पड़ा।

इन समस्याओं को देखते हुए यूजीसी ने 2026 में यह नया कानून लागू किया, ताकि:

छात्रों को सुरक्षित माहौल मिले

समान अवसर सुनिश्चित हों

सामाजिक न्याय को बढ़ावा मिले

किन वर्गों को मिलेगा विशेष संरक्षण?

नए नियमों में जाति-आधारित भेदभाव को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। इसके तहत:

अनुसूचित जाति (SC)

अनुसूचित जनजाति (ST)

अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)

के छात्रों के साथ किसी भी प्रकार के पक्षपात को अपराध माना जाएगा।पहली बार ओबीसी वर्ग को भी स्पष्ट कानूनी संरक्षण दिया गया है, जो पहले नियमों में नहीं था।

किन आधारों पर भेदभाव रोका जाएगा?

यूजीसी के नए नियमों के अनुसार अब निम्न आधारों पर भेदभाव करना गैरकानूनी होगा:

जाति,धर्म,लिंग,भाषा,क्षेत्र,दिव्यांगता,सामाजिक पृष्ठभूमि

यदि कोई संस्थान ऐसा करता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।

हर संस्थान में बनेगी निगरानी व्यवस्था

नए नियमों के तहत सभी कॉलेज और विश्वविद्यालयों को:

समानता समिति (Equity Committee) बनानी होगी

शिकायत निवारण तंत्र मजबूत करना होगा

छात्रों की समस्याओं पर समय पर कार्रवाई करनी होगी

जागरूकता कार्यक्रम चलाने होंगे

ताकि किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोका जा सके।

सुरक्षित और समान माहौल

यूजीसी एक्ट 2026 से छात्रों को:

 भेदभाव से सुरक्षा

 शिकायत पर त्वरित कार्रवाई

मानसिक तनाव में कमी

पढ़ाई के बेहतर अवसर

सम्मानजनक वातावरण

जैसे लाभ मिलेंगे।

समान शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम

यूजीसी द्वारा लागू किया गया यह नया कानून भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे न केवल भेदभाव पर रोक लगेगी, बल्कि छात्रों को एक सुरक्षित, समावेशी और सम्मानजनक वातावरण भी मिलेगा।

इससे भविष्य में भारत की शिक्षा प्रणाली और अधिक मजबूत, न्यायपूर्ण और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेगी।