35 हजार की सैलरी वाला कर्मचारी निकला करोड़ों का मालिक ACB की छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति का खुलासा!

बीकानेर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने पंचायतीराज विभाग के कनिष्ठ सहायक शुभकरण परिहार के पांच ठिकानों पर छापेमारी कर आय से अधिक संपत्ति का बड़ा खुलासा किया। करीब 35 हजार रुपए मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारी के पास से 75 लाख नकद, 2 किलो सोना, 2 किलो चांदी, 5 मकान, 17 बीघा जमीन और करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज मिले। जांच में उसकी संपत्ति वैध आय से कई गुना अधिक पाई गई, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच जारी है।

Feb 15, 2026 - 14:50
35 हजार की सैलरी वाला कर्मचारी निकला करोड़ों का मालिक  ACB की छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति का खुलासा!

बीकानेर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की बड़ी कार्रवाई में पंचायतीराज विभाग का एक कनिष्ठ सहायक अपनी आय से कई गुना ज्यादा संपत्ति का मालिक निकला। एसीबी टीम ने जब उसके अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की, तो भारी मात्रा में नकदी, सोना-चांदी, मकान और जमीन से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए। कार्रवाई के बाद पूरे मामले ने प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

एसीबी को फलोदी क्षेत्र की कानासर ग्राम पंचायत में कार्यरत कनिष्ठ सहायक शुभकरण परिहार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। प्रारंभिक जांच में संदिग्ध आर्थिक गतिविधियों के संकेत मिलने पर ब्यूरो ने विस्तृत कार्रवाई की योजना बनाई और शुक्रवार को एक साथ कई टीमों ने दबिश दी।

पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

एसीबी अधिकारियों के नेतृत्व में गठित टीमों ने बीकानेर शहर और आसपास के क्षेत्रों में आरोपी से जुड़े पांच स्थानों पर तलाशी ली। जयनारायण कॉलोनी, मातेश्वरी एन्कलेव, गंगाशहर क्षेत्र, पुररासर और कानासर पंचायत सहित विभिन्न जगहों पर कार्रवाई की गई। जांच के दौरान अधिकारियों को बड़ी मात्रा में संपत्ति के दस्तावेज और कीमती सामान मिला।

तलाशी में मिला भारी नकद और कीमती सामान

छापेमारी के दौरान एसीबी टीम को आरोपी के कब्जे से बड़ी मात्रा में अवैध संपत्ति मिलने का दावा किया गया। जांच में सामने आया कि कर्मचारी के घर से करीब 75 लाख रुपए नकद, लगभग 2 किलो सोना और करीब 2 किलो चांदी बरामद हुई। इसके अलावा कई आलीशान मकानों, प्लॉट और कृषि भूमि से जुड़े दस्तावेज भी मिले।

प्राथमिक जांच में पांच मकानों और करीब 17 बीघा जमीन का पता चला है। कुछ संपत्तियां आरोपी की पत्नी के नाम पर खरीदी गई बताई जा रही हैं, जिन्हें भी जांच के दायरे में लिया गया है।

वैध आय से कई गुना ज्यादा संपत्ति

एसीबी अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की करीब 15 वर्षों की नौकरी में कुल वैध आय लगभग 17 लाख रुपए आंकी गई है, जबकि जांच में सामने आई संपत्ति उसकी आय से लगभग 9 गुना से भी अधिक बताई जा रही है। बरामद दस्तावेजों के आधार पर कुल संपत्ति का अनुमान करोड़ों रुपए में लगाया जा रहा है।

पत्नी के खिलाफ भी कार्रवाई

जांच में यह भी सामने आया कि कुछ संपत्तियां आरोपी की पत्नी के नाम पर खरीदी गई थीं। ऐसे में एसीबी ने उन्हें भी मामले में शामिल करते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि संपत्ति के स्रोत और लेन-देन की पूरी वित्तीय जांच की जाएगी।

मुख्यालय भेजी गई रिपोर्ट, केस दर्ज

छापेमारी के दौरान जुटाए गए सभी साक्ष्य जयपुर स्थित एसीबी मुख्यालय भेज दिए गए हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और अब आय के स्रोत, बैंक खातों और निवेश की विस्तृत जांच जारी है।

भ्रष्टाचार पर सख्ती का संकेत

एसीबी की इस कार्रवाई को सरकारी विभागों में आय से अधिक संपत्ति के मामलों पर सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।