साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आंतें लाल मिलने से जहर की आशंका, FSL जांच का इंतजार
जोधपुर की प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की अचानक संदिग्ध मौत में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने मौत का सटीक कारण नहीं बताया, लेकिन छोटी-बड़ी आंतें पूरी तरह लाल मिलने से जहर की आशंका बढ़ गई है। कंपाउंडर द्वारा दिए गए डेक्सोना इंजेक्शन और आश्रम के पास मिली अस्थमा दवाओं ने रहस्य गहरा दिया है। पुलिस SIT गठित कर FSL विसरा जांच का इंतजार कर रही है, जहां जहर, दवा रिएक्शन या साजिश का पता चलेगा।
जोधपुर की प्रसिद्ध कथावाचक और साध्वी प्रेम बाईसा (Sadhvi Prem Baisa) की अचानक मौत ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। 28 जनवरी 2026 को उनके आश्रम में हुई यह घटना अब एक गहन जांच का विषय बन चुकी है। शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो सका, लेकिन छोटी और बड़ी आंतों के पूरी तरह लाल होने से जहर (poison) की आशंका गहरा गई है। पुलिस और SIT (विशेष जांच टीम) अब FSL (Forensic Science Laboratory) की विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जो मामले की दिशा तय करेगी।
घटना का क्रम और मुख्य तथ्य
साध्वी प्रेम बाईसा को मामूली जुकाम या बुखार की शिकायत थी। आश्रम में ही कंपाउंडर देवी सिंह को बुलाया गया, जिन्होंने उन्हें डेक्सोना (Dexona) इंजेक्शन लगाया। यह एक शक्तिशाली स्टेरॉयड है, जिसे कंपाउंडर ने बताया कि साध्वी पहले भी कई बार लगवा चुकी थीं। इंजेक्शन लगने के कुछ ही मिनटों बाद उनकी हालत बिगड़ गई—सांस लेने में तकलीफ हुई, और उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि:
कंपाउंडर ने डेक्सोना के अलावा अन्य इंजेक्शन (जैसे पेनकिलर Dynapar) भी लगाए थे।आश्रम के बाहर अस्थालीन (Asthalin) दवा की खाली शीशियां और रैपर मिले, जो अस्थमा (दमा) या गंभीर सांस की समस्या में इस्तेमाल होती हैं। इससे सवाल उठ रहा है कि क्या साध्वी लंबे समय से अस्थमा से पीड़ित थीं, जिसे छिपाया गया था? डेक्सोना की अधिक मात्रा, गलत दवाओं का मिश्रण या कोई अन्य केमिकल रिएक्शन जानलेवा साबित हो सकता है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के चौंकाने वाले खुलासे
सरकारी अस्पताल में मेडिकल बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम में:शरीर पर कोई बाहरी चोट या जहर के स्पष्ट लक्षण नहीं मिले।लेकिन छोटी और बड़ी आंतें पूरी तरह लाल पाई गईं।चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, जहर या किसी तेज केमिकल के शरीर में पहुंचने पर आंतें ऐसी प्रतिक्रिया दिखाती हैं।'Cause of Death' स्पष्ट नहीं हो सका, इसलिए विसरा (आंतरिक अंगों के सैंपल जैसे हार्ट, लिवर, किडनी, आंतें) सुरक्षित रखकर FSL भेज दिए गए।पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में जहर की कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन आंतों की स्थिति से संदेह मजबूत है। FSL रिपोर्ट (जिसमें 33 से अधिक सैंपल की जांच हो रही है, जिसमें DNA, विषैले पदार्थ आदि शामिल हैं) आने में अभी कुछ दिन लग सकते हैं। रिपोर्ट से ही तय होगा कि मौत जहर से हुई, दवाओं के ओवरडोज से, या कोई अन्य कारण था।
जांच के प्रमुख सवाल
आंतों का लाल होना जहर का संकेत है या दवाओं का साइड इफेक्ट?इंजेक्शन लगाने का निर्देश किसने दिया? क्या कंपाउंडर अकेले जिम्मेदार थे? क्या साध्वी को अस्थमा जैसी गंभीर बीमारी थी, जिसे अनुयायियों से छिपाया गया? क्या यह महज दवा की गलती थी या कोई गहरी साजिश (conspiracy)? मौत के कुछ घंटे बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट (जिसे 'अग्नि परीक्षा' जैसा बताया गया) वायरल हुई, जिसने रहस्य और गहरा कर दिया।
जासती गांव में शोक और विरासत
साध्वी प्रेम बाईसा के पैतृक गांव जासती में गहरा शोक छाया है। ग्रामीणों ने बताया कि वे अपनी माता अमरू देवी के पदचिन्हों पर चल रही थीं। कृपाराम जी महाराज के गुरुकुल से शिक्षा प्राप्त साध्वी ने देश-विदेश में भक्ति कथाओं से लाखों को प्रभावित किया। माता के निधन के बाद उन्होंने गांव के विकास में बड़ा योगदान दिया। उनका जीवन सरल, भक्ति और सेवा से भरा था। कुछ लोग बदनामी की कोशिश करते थे, लेकिन उनका व्यक्तित्व हमेशा साफ-सुथरा रहा।
पुलिस का बयान
जोधपुर पुलिस ने कहा है कि मामले की हर कड़ी की बारीकी से जांच हो रही है। कंपाउंडर से पूछताछ जारी है, और FSL तथा अन्य रिपोर्ट्स आने के बाद ही सही कारण सामने आएगा। फिलहाल, SIT हर एंगल—जहर, दवा रिएक्शन, लापरवाही या साजिश—से जांच कर रही है।