भारत-यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: 'मदर ऑफ ऑल डील्स' का ऐलान, लग्जरी कारें और प्रीमियम शराब होंगी सस्ती
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच 27 जनवरी 2026 को ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का ऐलान हुआ, जिसे दुनिया 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कह रही है। इस डील से यूरोपीय लग्जरी कारों (BMW, Mercedes, Volkswagen आदि) पर आयात टैरिफ 110% से घटाकर चरणबद्ध तरीके से 10% तक किया जाएगा (250,000 वाहनों की वार्षिक कोटा के साथ)। प्रीमियम शराब और वाइन पर 150% से घटाकर 20-30% टैरिफ होगा, जिससे ये उत्पाद भारत में काफी सस्ते हो जाएंगे। डील से दोनों पक्षों का व्यापार बढ़ेगा, MSME और निर्यातकों को फायदा मिलेगा, और वैश्विक स्तर पर 25% जीडीपी वाले आर्थिक ब्लॉक का निर्माण होगा। पीएम मोदी ने इसे 140 करोड़ भारतीयों के लिए बड़ा अवसर बताया।
नई दिल्ली: 27 जनवरी 2026 को भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement - FTA) अंतिम रूप ले चुका है। यह समझौता लगभग 18-20 वर्षों की लंबी बातचीत के बाद हुआ है और इसे दुनिया भर में "मदर ऑफ ऑल डील्स" (Mother of All Deals) के नाम से चर्चा मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इसकी घोषणा की और कहा कि यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है, जो 140 करोड़ भारतीयों और यूरोप के करोड़ों लोगों के लिए बड़े अवसर पैदा करेगा।
यह डील 16वें भारत-EU समिट के दौरान नई दिल्ली में हुई, जहां पीएम मोदी ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ बैठक की। दोनों पक्षों ने संयुक्त रूप से इसकी पुष्टि की। समझौता दुनिया की लगभग 25% जीडीपी और एक-तिहाई वैश्विक व्यापार को कवर करने वाला एक बड़ा आर्थिक ब्लॉक बनाएगा, जिसमें करीब 2 अरब लोग शामिल होंगे।
मुख्य लाभ और बदलाव:
लग्जरी कारों पर टैरिफ में भारी कटौती: वर्तमान में यूरोपीय देशों से आयातित कारों (जैसे BMW, Mercedes-Benz, Volkswagen, Audi आदि) पर 110% तक का उच्च आयात शुल्क लगता है। इस डील के तहत इसे पहले चरण में 40% तक घटाया जाएगा, जो मुख्य रूप से 15,000 यूरो (लगभग 16-17 लाख रुपये) से ऊपर की कीमत वाली पूरी तरह आयातित (fully built) कारों पर लागू होगा। समय के साथ यह और कम होकर 10% तक पहुंच सकता है। इससे लग्जरी और प्रीमियम कारें भारतीय बाजार में काफी सस्ती हो जाएंगी, जिससे इन ब्रांडों की बिक्री बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को फायदा होगा। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) पर पहले 5 वर्षों तक कोई छूट नहीं मिलेगी, ताकि घरेलू EV निर्माताओं (जैसे Tata, Mahindra) की सुरक्षा बनी रहे।
प्रीमियम शराब और वाइन सस्ती होंगी: यूरोप से आने वाली शराब (स्पिरिट्स), बीयर और वाइन पर वर्तमान में 150% तक का टैरिफ है। डील के तहत इसे घटाकर 20-40% के बीच किया जाएगा (बीयर पर 50%, स्पिरिट्स पर 40%, वाइन पर 20-30%)। इससे स्कॉच व्हिस्की, फ्रेंच वाइन, जर्मन बीयर जैसी प्रीमियम ड्रिंक्स भारतीय बाजार में अधिक किफायती हो जाएंगी।
अन्य क्षेत्रों में फायदे: डील के तहत 90% से अधिक EU उत्पादों पर टैरिफ में कटौती या समाप्ति होगी। इसमें केमिकल्स, ऑप्टिकल/मेडिकल उपकरण, एयरक्राफ्ट (शुल्क समाप्त), खाद्य पदार्थ, टेक्सटाइल, ज्वेलरी आदि शामिल हैं। भारतीय निर्यातकों को यूरोपीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी, विशेष रूप से MSME, किसानों और GI टैग वाले उत्पादों को।पीएम मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक 2026 के उद्घाटन समारोह में कहा, "कल ही भारत और European Union के बीच एक बहुत बड़ा एग्रीमेंट हुआ है। दुनिया में लोग इसे 'मदर ऑफ ऑल डील' कह रहे हैं।" उन्होंने इसे वैश्विक सप्लाई चेन मजबूत करने, निवेश बढ़ाने और नवाचार साझेदारी का माध्यम बताया।