राजस्थान की प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत: सुसाइड, हादसा या ब्लैकमेलिंग का असर?

राजस्थान की प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की 28 जनवरी 2026 को जोधपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी। मौत के 4 घंटे बाद उनके इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट (कथित सुसाइड नोट) आई, जिसमें अग्निपरीक्षा, न्याय और पिछले ब्लैकमेलिंग/वायरल वीडियो विवाद का जिक्र है। 6 महीने पहले उनके पूर्व स्टाफ पर 20 लाख की फिरौती और चरित्र हनन के आरोप लगे थे। पुलिस जांच कर रही है कि मौत सुसाइड, हादसा या अन्य कारण से हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट की टाइमिंग पर सवाल उठ रहे हैं।

Jan 29, 2026 - 11:18
राजस्थान की प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत: सुसाइड, हादसा या ब्लैकमेलिंग का असर?

जोधपुर, 29 जनवरी 2026: पश्चिमी राजस्थान की जानी-मानी कथावाचक और आध्यात्मिक वक्ता साध्वी प्रेम बाईसा (उम्र लगभग 23 वर्ष) की बुधवार शाम (28 जनवरी 2026) को जोधपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। यह घटना धार्मिक और सामाजिक जगत में हलचल मचा रही है, खासकर इसलिए क्योंकि मौत के करीब चार घंटे बाद उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक कथित सुसाइड नोट जैसी पोस्ट सामने आई, जिसमें 'अग्निपरीक्षा' और न्याय की बात की गई है। पुलिस इस पूरे मामले को संदिग्ध मानकर जांच कर रही है, और गुरुवार को पोस्टमार्टम होने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

मौत का घटनाक्रम

साध्वी प्रेम बाईसा को जोधपुर के आरती नगर स्थित उनके आश्रम से गंभीर हालत में प्रेक्षा अस्पताल (पाल रोड) ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर शाम करीब 5:30 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उन्हें बुखार और सांस की तकलीफ हुई थी। आश्रम में किसी कंपाउंडर या चिकित्सक को बुलाकर इंजेक्शन लगवाया गया, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई। उनके पिता और एक युवक उन्हें कार से अस्पताल लेकर पहुंचे थे।

मृत्यु के बाद शव को पहले आश्रम ले जाया गया, फिर महात्मा गांधी अस्पताल या अन्य सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने मामले को संदिग्ध मौत के तौर पर दर्ज किया है, और हर पहलू से जांच शुरू कर दी है।

6 महीने पुराना ब्लैकमेलिंग कांड और वायरल वीडियो

साध्वी की मौत को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा जुलाई 2025 के उस विवाद से जुड़ी है, जिसमें उन्होंने अपने ही पूर्व स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए थे।

13 जुलाई 2025: सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो (2021 का) वायरल हुआ, जिसमें साध्वी एक व्यक्ति से गले मिलती दिख रही थीं। इसे अश्लील बताकर प्रचारित किया गया।साध्वी ने स्पष्ट किया कि वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति उनके पिता वीरमनाथ (गुरुजी) थे, जो उस समय अवसाद में चल रही बेटी को ढांढस बंधा रहे थे।

16 जुलाई 2025: साध्वी ने बोरानाडा थाने में FIR दर्ज कराई। आरोप थे कि पूर्व स्टाफ सदस्यों (मुख्य रूप से जोगेंद्र उर्फ जोगाराम (29), निवासी सांईयो का तला, बाड़मेर; पूर्व ड्राइवर रमेश; जोगेंद्र की पत्नी कृष्णा और दो अन्य) ने घर के CCTV से वीडियो चुराया, एडिट किया और ब्लैकमेल किया।आरोप: 20 लाख रुपये की फिरौती मांगना, चरित्र हनन, और वीडियो वायरल कर भागवत कथा रद्द करवाना।

20 जुलाई 2025: पुलिस ने मुख्य आरोपी जोगेंद्र को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने रंजिश के चलते वीडियो चुराने और वायरल करने की बात कबूली।साध्वी ने तब कहा था- "इन लोगों ने भगवे पर कलंक लगाया है। मैं अपनी सच्चाई साबित करने के लिए अग्निपरीक्षा देने को तैयार हूं।" इस घटना के बाद कई कथाएं रद्द हुईं, और साध्वी मानसिक तनाव में थीं।

कथित सुसाइड नोट और उठे सवाल

मौत के करीब 4 घंटे बाद (रात करीब 9:28 बजे) साध्वी के इंस्टाग्राम अकाउंट से एक भावुक पोस्ट आई, जिसमें लिखा:"मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जिया... मैंने आदि गुरु शंकराचार्य और देश के कई महान संतों को पत्र लिखा, अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था? मैं इस दुनिया से हमेशा के लिए अलविदा... मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा।"

यह पोस्ट 'सुसाइड नोट' जैसी लग रही है, लेकिन मौत के बाद कैसे पोस्ट हुई? क्या यह पहले से शेड्यूल थी, या किसी ने मौत के बाद अपलोड किया? यह सवाल जांच का मुख्य बिंदु है।

जांच के प्रमुख सवाल

मौत प्राकृतिक थी, सुसाइड थी, या कोई हादसा/साजिश?इंजेक्शन का क्या रोल था? क्या कोई गलत दवा दी गई?क्या जमानत पर छूटे आरोपी फिर से परेशान कर रहे थे?सोशल मीडिया ट्रोलिंग और ब्लैकमेलिंग का मानसिक प्रभाव कितना गहरा था? 

सांसद हनुमान बेनीवाल समेत कई लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है, जिसमें सोशल मीडिया पोस्ट, पुराना FIR और पोस्टमार्टम रिपोर्ट शामिल हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.