केंद्रीय बजट 2026-27: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया नौवां बजट, इंफ्रा पर जोर, टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं

बजट 2026 में टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, लेकिन बड़ा धमाका! 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 3 आयुर्वेदिक AIIMS, 12.2 लाख करोड़ का कैपेक्स, रेयर अर्थ कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर 2.0 और बायो-फार्मा पर जोर। इंफ्रा और मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस, युवा शक्ति से विकसित भारत की रफ्तार!

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
February 1, 2026 • 12:29 PM  259
भ
भारत
NEWS CARD
Logo
केंद्रीय बजट 2026-27: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया नौवां बजट, इंफ्रा पर जोर, टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं
“केंद्रीय बजट 2026-27: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया नौवां बजट, इंफ्रा पर जोर, टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं”
Favicon
Read more on thekhatak.com
1 Feb 2026
https://www.thekhatak.com/union-budget-2026-nirmala-sitharaman-no-tax-slab-change-7-high-speed-rail-corridors-3-ayurvedic-aiims-capex-hike
Google News
Copied
केंद्रीय बजट 2026-27: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया नौवां बजट, इंफ्रा पर जोर, टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (1 फरवरी 2026) लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट है, जो भारतीय इतिहास में एक रिकॉर्ड है। बजट 'युवाशक्ति' से प्रेरित है और तीन मुख्य कर्तव्यों—रफ्तार (आर्थिक विकास की गति बढ़ाना), क्षमता (लोगों की क्षमता निखारना) और सबका साथ (हर परिवार और क्षेत्र को अवसर देना)—पर आधारित है।

प्रमुख घोषणाएं: इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास पर फोकस

इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं: वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस बजट में इनकम टैक्स स्लैब में कोई संशोधन नहीं किया गया है। नए टैक्स रिजीम के तहत पहले से लागू व्यवस्था जारी रहेगी, जिसमें हाल के वर्षों में मध्यम वर्ग को राहत मिली थी।

7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर: प्रमुख शहरों को जोड़ने के लिए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान किया गया है। इनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी जैसे महत्वपूर्ण मार्ग शामिल हैं। इससे यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।

3 आयुर्वेदिक AIIMS: आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए देश में 3 नए आयुर्वेदिक एम्स (All India Institute of Ayurveda) स्थापित किए जाएंगे। इससे आयुर्वेदिक चिकित्सा और रिसर्च को मजबूती मिलेगी, साथ ही मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।

मालगाड़ी के लिए नया फ्रेट कॉरिडोर: पश्चिम बंगाल के डानकुनी से सूरत तक नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाया जाएगा। इससे माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी और लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी।

कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) में वृद्धि: अगले वित्त वर्ष (2026-27) के लिए कैपेक्स को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है, जो पिछले साल के 11.2 लाख करोड़ से अधिक है। यह इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता दिखाता है, खासकर 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों और टियर-2/टियर-3 शहरों पर फोकस रहेगा।

रेयर अर्थ कॉरिडोर: केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में दुर्लभ खनिजों (Rare Earth Elements) के लिए विशेष कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इससे खनिज संपन्न राज्यों को लाभ मिलेगा और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

टेक्सटाइल सेक्टर में मेगा पार्क: देश में बड़े टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे। साथ ही खादी और हथकरघा को मजबूत करने के लिए 'महात्मा गांधी ग्राम स्वराज' पहल शुरू होगी।

बायो-फार्मा शक्ति योजना: दवाइयों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से 'बायो-फार्मा शक्ति' योजना शुरू होगी। अगले 5 वर्षों में भारत को ग्लोबल बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का लक्ष्य है, जिसमें 3 नए संस्थान खोले जाएंगे।सेमीकंडक्टर मिशन ISM 2.0: भारत अपना सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करेगा, जिसमें इंडस्ट्री-लेड रिसर्च और ट्रेनिंग पर फोकस रहेगा।इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग: मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जे बनाने के लिए बजट को बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये किया गया है।

सरकार का फोकस: 6 बड़े क्षेत्र

वित्त मंत्री ने छह प्रमुख क्षेत्रों पर जोर दिया:रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग में उत्पादन क्षमता बढ़ाना।पुराने औद्योगिक क्षेत्रों को पुनर्जीवित करना।MSME को ग्लोबल चैंपियन बनाना (₹10,000 करोड़ MSME ग्रोथ फंड का ऐलान)।इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना (सड़क, रेलवे आदि)।दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना।शहरों को आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करना।

अर्थव्यवस्था पर सरकार का रिपोर्ट कार्ड

आत्मनिर्भरता: मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ी, आयात निर्भरता घटी।ग्रोथ रेट: पिछले सुधारों से 7% विकास दर बनी हुई है, गरीबी कम हुई।12 साल का सफर: अर्थव्यवस्था स्थिर, महंगाई नियंत्रित।वैश्विक चुनौतियां: ट्रेड और सप्लाई चेन की दिक्कतों के बावजूद भारत 'विकसित भारत' की ओर बढ़ रहा है।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter