10 महीने की मासूम बच्ची ने पांच लोगों को दिया नया जीवन, केरल ने राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई

केरल में 10 महीने की बच्ची आलिन शेरिन अब्राहम सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद ब्रेन डेड घोषित कर दी गई। गहरे दुख के बावजूद उसके माता-पिता ने अंगदान का फैसला लिया, जिससे पांच गंभीर मरीजों को नई जिंदगी मिली। राज्य की सबसे कम उम्र की ऑर्गन डोनर बनी इस बच्ची को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन सहित कई लोगों ने परिवार के साहस को इंसानियत की मिसाल बताया।

Feb 17, 2026 - 15:22
10 महीने की मासूम बच्ची ने पांच लोगों को दिया नया जीवन, केरल ने राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई

केरल से इंसानियत और संवेदनाओं से भरी एक ऐसी खबर सामने आई, जिसने पूरे देश को भावुक कर दिया। मात्र 10 महीने की बच्ची ने अपनी छोटी-सी जिंदगी में ऐसा बड़ा काम कर दिखाया, जो कई लोगों के लिए प्रेरणा बन गया। नन्ही आलिन शेरिन अब्राहम अब इस दुनिया में नहीं रही, लेकिन उसके अंगदान ने पांच गंभीर मरीजों को नई जिंदगी दे दी।

दुख के बीच लिया मानवता का सबसे बड़ा फैसला

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बच्ची को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि असहनीय दुख के समय भी उसके माता-पिता अरुण अब्राहम और शेरिन एन जॉन ने जो निर्णय लिया, वह समाज के लिए मिसाल है। उन्होंने बताया कि इतनी कम उम्र में अंगदान कर आलिन राज्य की सबसे कम उम्र की ऑर्गन डोनर बन गई।

मुख्यमंत्री ने इसे केरल की मानवीय संवेदनाओं और करुणा की सच्ची पहचान बताया। उनका कहना था कि एक परिवार के दर्द ने पांच परिवारों में उम्मीद की रोशनी जलाई है।

राजकीय सम्मान के साथ भावुक विदाई

रविवार को पठानमथिट्टा स्थित चर्च में बच्ची का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान माहौल बेहद भावुक रहा और मौजूद लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए। पुलिस ने राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर नन्ही बच्ची को अंतिम सलामी दी।

राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज और केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग अंतिम विदाई में शामिल हुए। सभी ने परिवार के साहस और त्याग को नमन किया।

फिल्म जगत ने भी जताई संवेदना

प्रसिद्ध अभिनेता कमल हासन ने भी परिवार के नाम संदेश जारी किया। उन्होंने लिखा कि यह बच्ची अब पांच अन्य बच्चों और लोगों के जीवन में स्वस्थ भविष्य की उम्मीद बन चुकी है, जो हमेशा याद रखी जाएगी।

कैसे हुआ था हादसा

5 फरवरी को आलिन अपनी मां और दादा-दादी के साथ कार से यात्रा कर रही थी। इसी दौरान सामने से आ रहे वाहन की जोरदार टक्कर से गंभीर सड़क हादसा हो गया। दुर्घटना में बच्ची को गंभीर चोटें आईं।

पहले उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, बाद में बेहतर इलाज के लिए कोच्चि के अस्पताल में शिफ्ट किया गया। डॉक्टरों ने कई दिनों तक इलाज किया, लेकिन 12 फरवरी को उसे ब्रेन डेड घोषित करना पड़ा।

मौत के बाद भी बांटी जिंदगी

गहरे शोक के बीच परिवार ने बेहद साहसिक फैसला लेते हुए बच्ची के अंग दान करने की अनुमति दी। डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रिया पूरी की, जिससे पांच गंभीर मरीजों को नया जीवन मिला।

इंसानियत की मिसाल बनी नन्ही आलिन

इतनी कम उम्र में किया गया यह अंगदान पूरे समाज के लिए एक बड़ा संदेश बन गया है — जिंदगी भले छोटी हो, लेकिन इंसानियत के काम हमेशा अमर रहते हैं। केरल में लोग इस मासूम को श्रद्धा और सम्मान के साथ याद कर रहे हैं, जिसने जाते-जाते कई घरों में उम्मीद की लौ जला दी।