अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी: पूरी घटना का विस्तृत विवरण
अमेरिकी सेना ने 3 जनवरी 2026 को वेनेजुएला पर बड़े हमले में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क लाया, जहां उन पर नार्को-टेररिज्म और हथियारों से जुड़े आरोपों में मुकदमा चलेगा। चीन ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताकर तुरंत रिहाई की मांग की। न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी ने इसे 'युद्ध की कार्रवाई' कहा और कानून उल्लंघन बताया। ट्रंप ने ऑपरेशन को सफल बताया और वेनेजुएला को अस्थायी रूप से चलाने की घोषणा की।
4 जनवरी 2026 की सुबह विश्व स्तर पर एक बड़ी खबर फैली जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला किया और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर अमेरिका लाया गया है। यह घटना लैटिन अमेरिका में अमेरिकी हस्तक्षेप की सबसे साहसिक कार्रवाई मानी जा रही है, जो 1989 में पनामा के मैनुअल नोरिएगा की गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ी है।
घटना कैसे हुई?ऑपरेशन का नाम: ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व (Operation Absolute Resolve)।समय: 3 जनवरी 2026 की रात (स्थानीय समयानुसार लगभग 2 बजे)।अमेरिकी डेल्टा फोर्स और स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेस ने काराकास में मादुरो के आवास पर छापा मारा। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, सैनिकों ने मादुरो दंपति को उनके बेडरूम से घसीटकर बाहर निकाला।हमले में 150 से अधिक अमेरिकी विमानों ने भाग लिया, जिन्होंने वेनेजुएला के हवाई रक्षा सिस्टम को निष्क्रिय किया। काराकास में कई धमाके हुए, जिनमें फुएर्ते टियुना मिलिट्री बेस, ला कार्लोटा एयरपोर्ट और अन्य सैन्य ठिकाने लक्ष्य थे।ऑपरेशन में कोई अमेरिकी सैनिक नहीं मारा गया, हालांकि कुछ हेलीकॉप्टरों पर गोलीबारी हुई।मादुरो दंपति को पहले यूएसएस इवो जिमा जहाज पर रखा गया, फिर न्यूयॉर्क के स्टुअर्ट एयर नेशनल गार्ड बेस पर लाया गया। वे अब ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में हैं।
आरोप क्या हैं? मादुरो पर 2020 से चले आ रहे अमेरिकी आरोपों के आधार पर मुकदमा चलेगा:नार्को-टेररिज्म (ड्रग्स से जुड़ा आतंकवाद)।कोकीन आयात की साजिश।मशीनगन और विनाशकारी हथियार रखने की साजिश। अमेरिका का आरोप है कि मादुरो ने "कार्टेल डे लॉस सोल्स" के जरिए टनों कोकीन अमेरिका भेजी और इससे मिले पैसे से सत्ता बनाए रखी। इन आरोपों पर 50 मिलियन डॉलर का इनाम भी रखा गया था।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं चीन: चीनी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर अमेरिका से मादुरो दंपति की तुरंत रिहाई की मांग की। कहा कि यह "अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन" है और वेनेजुएला की संप्रभुता पर हमला। चीन ने बातचीत से समाधान की अपील की।रूस, ईरान, क्यूबा: कड़ी निंदा की, इसे "साम्राज्यवादी हमला" बताया।ब्राजील, कोलंबिया जैसे लैटिन अमेरिकी देश: ज्यादातर ने निंदा की, लेकिन कुछ दक्षिणपंथी सरकारों ने स्वागत किया।न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी: इसे "एक्ट ऑफ वॉर" (युद्ध की कार्रवाई) बताया और अंतरराष्ट्रीय व अमेरिकी कानून का उल्लंघन कहा। उन्होंने ट्रम्प से फोन पर विरोध दर्ज कराया और न्यूयॉर्क में रहने वाले हजारों वेनेजुएलावासियों की सुरक्षा पर चिंता जताई।
आगे क्या? ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका फिलहाल वेनेजुएला "चलाएगा" और सुरक्षित संक्रमण तक तेल संसाधनों की देखभाल करेगा।वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति बनाया।संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई गई है।वेनेजुएला में प्रदर्शन हो रहे हैं, कुछ जगह जश्न, कुछ जगह विरोध।