अब मुफ्त नहीं मिलेगी वोटर लिस्ट, आयोग ने जारी किए नए निर्देश....
राजस्थान में पंचायत राज संस्थाओं और नगरीय निकाय चुनावों से पहले निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची वितरण के नियमों में बदलाव किया है। अब अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची प्राप्त करने के लिए राजनीतिक दलों, संस्थाओं और आम नागरिकों को निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। आवेदन के बाद ही हार्ड कॉपी या सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी। आयोग का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और दुरुपयोग रोकना है।
राजस्थान में आगामी पंचायत राज संस्थाओं और नगरीय निकाय चुनावों से पहले निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर अहम निर्णय लिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों के वितरण के नियमों में संशोधन करते हुए नई व्यवस्था लागू की है। अब अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची किसी भी व्यक्ति, संस्था या राजनीतिक दल को मुफ्त में उपलब्ध नहीं होगी, बल्कि इसके लिए निर्धारित शुल्क जमा कराना अनिवार्य रहेगा।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बदली व्यवस्था
मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि मतदाता सूची के वितरण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है। आयोग का मानना है कि शुल्क आधारित व्यवस्था लागू होने से मतदाता सूची के अनावश्यक उपयोग और दुरुपयोग पर रोक लगेगी।
नई व्यवस्था के तहत मान्यता प्राप्त और गैर-मान्यता प्राप्त पंजीकृत राजनीतिक दलों, सामाजिक संस्थाओं (एनजीओ) तथा आम नागरिकों सहित कोई भी इच्छुक आवेदक शुल्क जमा कर मतदाता सूची प्राप्त कर सकेगा।
आवेदन करना होगा जरूरी
मतदाता सूची प्राप्त करने के लिए इच्छुक आवेदक को संबंधित सक्षम अधिकारी के समक्ष औपचारिक आवेदन देना होगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी या संबंधित कार्यालय द्वारा सूची उपलब्ध कराई जाएगी।
इन दिनों राज्यभर में मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण कार्य जारी है और अंतिम प्रकाशन 25 जनवरी को किया जाना तय है। इसके बाद चुनाव लड़ने वाले संभावित प्रत्याशियों और अन्य जरूरतमंदों को नियमों के अनुसार सूची दी जाएगी।
प्रति पृष्ठ तय किया गया शुल्क
निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची की हार्ड कॉपी के लिए स्पष्ट शुल्क निर्धारित किया है—
फोटो रहित सूची की एकतरफा प्रिंटिंग: प्रति पृष्ठ 2 रुपये
दोनों तरफ प्रिंटिंग: प्रति पृष्ठ 4 रुपये
फोटो सहित सूची पर भी यही दरें लागू होंगी
इसके अलावा मतदाता सूची की सॉफ्ट कॉपी पीडीएफ फॉर्मेट में कॉम्पैक्ट डिस्क (सीडी) के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके लिए प्रति सीडी 100 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
चुनावी तैयारियों के बीच महत्वपूर्ण फैसला
पंचायत और नगरपालिका चुनावों की तैयारियों के बीच लिया गया यह निर्णय प्रशासनिक प्रक्रिया को अधिक नियंत्रित और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद मतदाता सूची प्राप्त करने के लिए अब निर्धारित प्रक्रिया और शुल्क दोनों का पालन करना अनिवार्य होगा।