श्री बिश्नोई और प्रदीप राजपुरोहित: फिल्म 'इक्कीस' में दो अलग-अलग किरदारों की प्रेरणादायक यात्रा
फिल्म 'इक्कीस' में पराग सिंह (श्री बिश्नोई) और हनुमान सिंह (प्रदीप राजपुरोहित) के किरदार निभाने वाले दो राजस्थानी अभिनेताओं की असली जिंदगी की संघर्षपूर्ण यात्रा - ऑडिशन, आर्मी ट्रेनिंग, वजन घटाना और सपनों की उड़ान। 1971 युद्ध की वीरगाथा के साथ प्रेरणा की मिसाल।
फिल्म 'इक्कीस' (Ikkis), जो 1 जनवरी 2026 को रिलीज़ हुई, 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध और सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल (परम वीर चक्र प्राप्तकर्ता) की वीरगाथा पर आधारित है। निर्देशक श्रीराम राघवन की यह बायोपिक अगस्त्य नंदा (अरुण खेत्रपाल के रूप में), धर्मेंद्र, जयदीप अहलावत सहित कई कलाकारों से सजी है। फिल्म में दो राजस्थानी अभिनेताओं ने महत्वपूर्ण सहायक किरदार निभाए हैं, जिनकी असली जिंदगी की संघर्षपूर्ण कहानियां युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हैं।
श्री बिश्नोई: पराग सिंह (फामागुस्ता टैंक के ड्राइवर) की भूमिका में संघर्ष से सफलता तक की कहानी
राजस्थान के बीकानेर जिले के छोटे से गांव मिट्ठड़िया से ताल्लुक रखने वाले श्री बिश्नोई (Shree Bishnoi) ने फिल्म में सोवर पराग सिंह का किरदार निभाया है। यह किरदार अरुण खेत्रपाल के टैंक 'फामागुस्ता' का ड्राइवर था, जो युद्ध के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।श्री बिश्नोई की यात्रा 2017 में मुंबई पहुंचने से शुरू हुई, जहां वे अभिनेता बनने के सपने लेकर आए थे। हजारों ऑडिशन देने के बाद भी बार-बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। करीब 5 साल तक उन्होंने सुनील शेट्टी के प्रोडक्शन हाउस में काम किया, ताकि इंडस्ट्री को करीब से समझ सकें।फिल्म 'इक्कीस' का ऑडिशन लॉकडाउन से पहले शुरू हुआ, लेकिन 20-25 बार कॉल आने के बाद भी कोई फाइनल अपडेट नहीं मिला। आखिरकार, एंटी कास्टिंग से फोन आया कि उन्हें दो महत्वपूर्ण किरदारों (पराग सिंह और नथु सिंह) के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। 4-5 लाख ऑडिशन के बाद चुने गए 26 कलाकारों में से आर्मी ट्रेनिंग के बाद दो फाइनल होने थे।श्री बिश्नोई ने असली पराग सिंह के गांव सांकड़ा जाकर उनकी वीरगाथा, तस्वीरें और जिंदगी को समझा। आर्मी ट्रेनिंग में खुद को सबसे अनफिट पाकर निराश हुए, लेकिन एसोसिएट डायरेक्टर की सलाह पर 10 दिनों में एक रोटी और रोज 40,000 स्टेप्स (20,000 दौड़ + 20,000 चलना) से वजन कम कर फिट हो गए। शूट से एक दिन पहले उन्हें पराग सिंह का किरदार मिला। उनका पहला टेक 15 अक्टूबर 2024 को उनके जन्मदिन पर लगा।श्री बिश्नोई का परिवार मां मोहनी देवी और छोटा भाई मदन बिश्नोई ने उनका पूरा साथ दिया। बचपन से ही सामाजिक कार्यों में रुचि रखने वाले श्री बिश्नोई गांव को हरा-भरा बनाने और बेहतर शिक्षा के सपने देखते हैं। उनकी यह सफलता छोटे शहरों से बड़े सपने देखने वाले युवाओं के लिए मिसाल है।
प्रदीप राजपुरोहित: हनुमान सिंह (ट्रक ड्राइवर) की भूमिका में मेहनत और जुनून की मिसाल
मकराना (राजस्थान) से आने वाले प्रदीप राजपुरोहित ने फिल्म में हनुमान सिंह का किरदार निभाया है, जो कैप्टन वी.एस. मल्होत्रा (विवान शाह) के ट्रक ड्राइवर हैं। इस भूमिका के लिए उन्होंने टैंक चलाने की ट्रेनिंग ली और भारतीय सेना जैसी कठोर सैन्य ट्रेनिंग प्राप्त की।प्रदीप के परिवार ने उन्हें सरकारी नौकरी करने की सलाह दी थी, लेकिन अभिनय का जुनून उन्हें गांव से जयपुर ले गया। वहां उन्होंने 6 साल तक थिएटर किया और लगातार फिल्मों के लिए ऑडिशन दिए। कई रिजेक्शन के बाद भी हार नहीं मानी और हर असफलता से सीख ली।प्रदीप न केवल अभिनेता हैं, बल्कि घुड़सवारी (हॉर्स राइडिंग) में भी माहिर हैं। उन्होंने ईशान खट्टर, विक्की कौशल और रणबीर कपूर जैसे बॉलीवुड सितारों को घुड़सवारी का प्रशिक्षण दिया है। उनकी मेहनत का फल 'इक्कीस' में मिला, और अब वे आगामी फिल्म 'रामायण' में घुड़सवार की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।प्रदीप की कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों से निकलकर बड़े पर्दे तक पहुंचने का सपना देखते हैं धैर्य, लगन और ईमानदारी से सफलता जरूर मिलती है।दोनों अभिनेताओं की ये कहानियां 'इक्कीस' को सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि सच्ची वीरता, त्याग और संघर्ष का प्रतीक बनाती हैं। फिल्म युद्ध की भयावहता के साथ-साथ इंसानी भावनाओं और शांति के महत्व को भी दर्शाती है।