भिवाड़ी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत के बाद मालिक गिरफ्तार, दूसरी फैक्ट्री और गोदाम का भी खुलासा...
भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आग हादसे में 7 मजदूरों की मौत के बाद पुलिस ने फैक्ट्री मालिक हेमंत कुमार शर्मा को हिरासत में लिया है। जांच के दौरान घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर एक और अवैध पटाखा फैक्ट्री और गोदाम का खुलासा हुआ, जहां से भारी मात्रा में पटाखे और मशीनें बरामद की गईं। पुलिस पूरे अवैध नेटवर्क और संभावित मिलीभगत की जांच कर रही है।
राजस्थान के औद्योगिक शहर भिवाड़ी में हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री हादसे की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। धमाके और आग लगने से सात मजदूरों की मौत के मामले में पुलिस ने अवैध फैक्ट्री संचालक हेमंत कुमार शर्मा को हिरासत में ले लिया है। जांच के दौरान पुलिस को एक और अवैध पटाखा फैक्ट्री तथा गोदाम का पता चला, जहां भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और पटाखा बनाने की मशीनें मिली हैं।
हादसे ने खोली अवैध कारोबार की परतें
सोमवार को खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में अचानक जोरदार विस्फोट के बाद आग भड़क उठी थी। आग इतनी भयावह थी कि सात मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई मजदूरों के शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त अवस्था में मिले।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि फैक्ट्री बिना वैध अनुमति के पटाखा निर्माण का काम कर रही थी। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने पूरे इलाके में सघन जांच अभियान शुरू किया।
500 मीटर दूर मिली दूसरी अवैध फैक्ट्री
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूरी पर एक और अवैध पटाखा फैक्ट्री और गोदाम पकड़ा। दोनों जगहों से बड़ी मात्रा में तैयार और अधबने पटाखे बरामद किए गए। यहां पटाखा निर्माण के लिए मशीनें भी स्थापित थीं, जिससे स्पष्ट हुआ कि अवैध उत्पादन बड़े स्तर पर किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, दोनों फैक्ट्री और गोदाम का संचालन भी हेमंत कुमार शर्मा ही कर रहा था।
पुलिस कर्मी के रिश्तेदार होने का मामला भी जांच में
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी हेमंत कुमार शर्मा, भिवाड़ी पुलिस की डीएसटी टीम में तैनात हेड कांस्टेबल योगेश कुमार शर्मा का भाई है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं अवैध फैक्ट्री संचालन में किसी प्रकार की मिलीभगत या संरक्षण तो नहीं मिला।
मैनेजर से पूछताछ, फैक्ट्री सील
घटना के तुरंत बाद फैक्ट्री मैनेजर अभिनंदन तिवारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई और दुर्घटनास्थल को सील कर दिया गया। 17 फरवरी को की गई कार्रवाई में पुलिस ने फैक्ट्री और गोदाम से अवैध पटाखों की बड़ी खेप जब्त की।
अधिकारियों का दौरा और अलग-अलग मामले दर्ज
जयपुर रेंज के आईजी ने मौके का निरीक्षण कर जांच की प्रगति की समीक्षा की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आग लगने वाली फैक्ट्री के मामले में पहले ही मुकदमा दर्ज किया जा चुका है, जबकि बाद में पकड़ी गई फैक्ट्री और गोदाम से जुड़े मामलों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा रही हैं।
आगे क्या?
पुलिस अब अवैध विस्फोटक निर्माण नेटवर्क, लाइसेंस संबंधी अनियमितताओं और संभावित प्रशासनिक लापरवाही की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।