राजस्थान में अचानक मौसम का कहर! ओलावृष्टि और तेज हवाओं की संभावना, जानिए पूरा मामला
राजस्थान में पिछले 24 घंटों से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण कई जिलों में तेज हवाएं, भारी बारिश और ओलावृष्टि हुई। मौसम विभाग ने लोगों और किसानों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
राजस्थान में पिछले 24 घंटों से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम अचानक बदल गया है। राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाएं, भारी बारिश और ओलावृष्टि ने आमजन और किसानों को परेशान कर दिया। उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में यह बदलाव सबसे ज्यादा महसूस किया गया।
शनिवार (4 अप्रैल) को कोटा, गंगापुर सिटी, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर और जैसलमेर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और ओले गिरे। कोटा और गंगापुर सिटी में ओलों से खेत, सड़कें और आसपास के इलाके सफेद चादर से ढक गए। श्रीगंगानगर के पदमपुर में सबसे ज्यादा 11.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। चूरू के सरदारशहर में धूल भरी आंधी ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया, जबकि जयपुर में पूरे दिन बादल छाए रहे।
बढ़ते तापमान से राहत, लेकिन फसलें खतरे में
इस मौसम बदलाव से तापमान में कुछ राहत मिली है, लेकिन तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने कई जगहों पर फसलों को नुकसान पहुंचाया है। स्थानीय किसानों का कहना है कि इतनी जोरदार ओलावृष्टि कई सालों बाद देखने को मिली है।
आज और आने वाले दिनों का अलर्ट
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार (5 अप्रैल) के लिए भरतपुर और आसपास के क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम वर्षा, 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं और कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने की संभावना है।
सोमवार (6 अप्रैल) को जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे तेज आंधी और बारिश हो सकती है। 7 अप्रैल को जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग में 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की आंधी, ओलावृष्टि और मेघगर्जन की संभावना है। 8 अप्रैल को उत्तर और पूर्वी भागों में हल्की-मध्यम बारिश संभव है।
मौसम विभाग की सलाह
किसानों को सलाह दी गई है कि खुले आसमान में रखी फसलें, कृषि मंडियों और धान मंडियों में अनाज को ढककर रखें या सुरक्षित स्थान पर भंडारण करें। ओलों और बारिश से गेहूं और अन्य रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचने का खतरा है।