भारत की बेटियों ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा लहराकर इतिहास रच दिया!
BSF की पहली ऑल विमेन माउंटेनियरिंग टीम ने मिशन ‘वंदे मातरम’ के तहत माउंट एवरेस्ट फतह कर इतिहास रच दिया। 8,848.86 मीटर ऊंची चोटी पर पहुंचकर महिला जवानों ने ‘वंदे मातरम’ गाया। गृह मंत्री अमित शाह ने टीम को बधाई दी।
भारत की सीमा सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाली सीमा सुरक्षा बल (BSF) की महिला जवानों ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर नया इतिहास रच दिया है। BSF की पहली ऑल विमेन माउंटेनियरिंग टीम ने 8,848.86 मीटर ऊंचे माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक पहुंचकर न केवल बल बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि BSF के डायमंड जुबली वर्ष के दौरान हासिल की गई, जिसने इस मिशन को और भी खास बना दिया। महिला जवानों ने कठिन मौसम, बर्फीले तूफान और बेहद कम ऑक्सीजन जैसी चुनौतियों को पार करते हुए दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा लहराया और ‘वंदे मातरम’ गाकर देशभक्ति का संदेश दिया।
मिशन ‘वंदे मातरम’ के तहत मिली सफलता
सीमा सुरक्षा बल ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस उपलब्धि की जानकारी साझा की। BSF के अनुसार, “मिशन वंदे मातरम” के तहत भेजी गई यह पहली ऑल विमेन टीम थी, जिसने सुबह करीब 8 बजे एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचकर सफलता हासिल की। इस विशेष टीम में लद्दाख की कांस्टेबल कौसर फातिमा, पश्चिम बंगाल की कांस्टेबल मुनमुन घोष, उत्तराखंड की कांस्टेबल रेबेका सिंह और कारगिल की कांस्टेबल त्सेरिंग चोरोल शामिल थीं। टीम ने ऊंचाई पर लगातार बदलते मौसम, तेज बर्फीली हवाओं और ऑक्सीजन की कमी जैसी बेहद कठिन परिस्थितियों में अदम्य साहस और धैर्य का परिचय दिया।
एवरेस्ट पर गूंजा ‘वंदे मातरम’
BSF के अनुसार, इतनी अधिक ऊंचाई पर जहां सामान्य रूप से खड़े रहना भी मुश्किल होता है, वहां महिला जवानों ने एक स्वर में ‘वंदे मातरम’ गाकर ऐतिहासिक पल को और खास बना दिया। बल ने इस उपलब्धि को महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय गौरव और उत्कृष्टता के प्रति BSF की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
अमित शाह ने दी बधाई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महिला टीम की इस उपलब्धि पर खुशी जताई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर उन्हें बधाई दी। अमित शाह ने लिखा कि “नारी शक्ति BSF की अजेय ताकत को साबित करती है। माउंट एवरेस्ट पर सफलता हासिल करने वाली BSF की ऑल विमेन माउंटेनियरिंग टीम को हार्दिक बधाई।” उन्होंने कहा कि महिला जवानों ने डायमंड जुबली समारोह के दौरान दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचकर ‘वंदे मातरम’ गाया और देश के लिए गौरव का क्षण बनाया। गृह मंत्री ने महिला सदस्यों के साहस, समर्पण और दृढ़ निश्चय को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक बताया।
BSF का गौरवशाली इतिहास
सीमा सुरक्षा बल (BSF) का गठन 1 दिसंबर 1965 को भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद किया गया था। गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत यह बल देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है।
BSF को देश की “फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस” भी कहा जाता है। सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ BSF जवान कठिन परिस्थितियों में देशसेवा और साहसिक अभियानों में भी अपनी क्षमता का परिचय देते रहे हैं।
अब BSF की महिला टीम द्वारा एवरेस्ट फतह करना देश की बेटियों के बढ़ते आत्मविश्वास और महिला सशक्तिकरण का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।