‘इज्जत’ के डर में पिता ने बेटी के किए टुकड़े, टिन के बक्से में भरकर ट्रेन में छोड़ा शव
लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के कोच में मिले टिन के बक्से का रहस्य सुलझ गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि 15 साल की बेटी के प्रेम संबंधों से नाराज पिता ने ही उसकी हत्या कर शव के टुकड़े कर ट्रेन में फेंक दिए।
लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में मिले टिन के बक्से ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर दिया था। अब इस सनसनीखेज हत्याकांड का ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह मामला किसी गैंगवार, सीरियल किलिंग या लूटपाट का नहीं, बल्कि तथाकथित ‘इज्जत’ और सामाजिक बदनामी के डर में की गई ऑनर किलिंग का है।
पुलिस के मुताबिक कुशीनगर के शिवरही इलाके के रहने वाले बिग्गन अंसारी ने अपनी ही 15 वर्षीय बेटी शब्बा की हत्या कर दी। आरोप है कि बेटी का दूसरे समुदाय के एक युवक से बातचीत करना पिता को मंजूर नहीं था। इसी बात को लेकर घर में लगातार तनाव चल रहा था।
ट्रेन में मिला था शव से भरा टिन बॉक्स
17 मई को छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस जब लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पहुंची तो स्लीपर कोच S1 में एक लावारिस टिन का बक्सा मिला। पहले यात्रियों ने इसे सामान्य सामान समझा, लेकिन जब रेलवे कर्मचारियों ने बक्सा खोला तो अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए।
बक्से में सलवार-सूट पहने एक किशोरी का धड़ रखा था, जबकि पास में मिले एक थैले में कटे हुए हाथ और पैर थे। युवती का सिर गायब था। सूचना मिलते ही जीआरपी और रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे स्टेशन पर हड़कंप मच गया।
CCTV फुटेज ने खोली साजिश की परतें
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने ट्रेन के पूरे रूट के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। कई घंटों की जांच के बाद कुशीनगर के तमकुही रोड रेलवे स्टेशन पर पुलिस को अहम सुराग मिला।
फुटेज में तीन लोग एक बड़ा टिन बॉक्स और बैग लेकर ट्रेन में चढ़ते दिखाई दिए। थोड़ी देर बाद वे दूसरे कोच से उतर गए। पुलिस ने संदिग्धों की पहचान बिग्गन अंसारी, उसकी बहन नूरजहां और बहनोई मुजीबुल्ला के रूप में की।
पूछताछ में सामने आई दिल दहला देने वाली कहानी
पुलिस पूछताछ में आरोपी पिता पहले गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसकी दो बेटियां पहले ही घर छोड़ चुकी थीं, जिससे वह समाज और रिश्तेदारों के तानों से परेशान था।
उसे डर था कि तीसरी बेटी शब्बा भी कहीं घर छोड़कर न चली जाए। आरोपी ने बताया कि बेटी का दूसरे समुदाय के युवक से मोबाइल पर बात करना उसे लगातार परेशान कर रहा था। धीरे-धीरे यह डर गुस्से में बदल गया और उसने हत्या की साजिश रच डाली।
हत्या से पहले घर कराया खाली
जांच में सामने आया कि बिग्गन ने वारदात को अंजाम देने से पहले पूरी तैयारी की थी। उसने अपनी पत्नी और दोनों बेटों को रिश्तेदारी में भेज दिया ताकि घर में कोई गवाह न रहे।
16 मई को उसने अपनी बहन और बहनोई को घर बुलाया। फिर तीनों ने मिलकर युवती की हत्या की और शव के टुकड़े कर दिए। पहचान छिपाने के लिए सिर को अलग कर गांव के तालाब में फेंक दिया गया। धड़ को टिन के बक्से में रखा गया जबकि हाथ-पैर अलग बैग में भर दिए गए।
ट्रेन में ऐसे छोड़ा शव
हत्या के बाद आरोपी पिता, उसकी बहन और बहनोई शव से भरा बक्सा लेकर तमकुही रोड रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां उन्होंने छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में बॉक्स और बैग रख दिया और खुद एसी कोच से उतर गए, ताकि किसी को शक न हो।
उन्हें लगा था कि शव की पहचान नहीं हो पाएगी, लेकिन सीसीटीवी कैमरों और पुलिस की जांच ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
गांव में पसरा मातम और सन्नाटा
घटना सामने आने के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों को यकीन नहीं हो रहा कि एक पिता अपनी बेटी के साथ इतनी बेरहमी कर सकता है। पुलिस अब तालाब से युवती का सिर बरामद करने की कोशिश कर रही है और आरोपी की बहन व बहनोई की भूमिका की भी जांच जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी।