पीएम बनने के बाद नेता सिर्फ एक पार्टी का नहीं रहता, मोदी में अभी वो भावना नहीं: अशोक गहलोत

दिल्ली में राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम बनने के बाद नेता सिर्फ एक पार्टी का नहीं रहता। उन्होंने लोकतंत्र, विपक्ष की भूमिका और राहुल गांधी के बयानों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।

May 21, 2026 - 16:43
पीएम बनने के बाद नेता सिर्फ एक पार्टी का नहीं रहता, मोदी में अभी वो भावना नहीं: अशोक गहलोत

दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। मीडिया से बातचीत करते हुए गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद कोई भी नेता केवल अपनी पार्टी का नहीं रहता, बल्कि पूरे देश का प्रतिनिधि बन जाता है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में अभी वह भावना दिखाई नहीं देती।

गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बनने के बाद व्यक्ति तमाम राजनीतिक दलों और विचारधाराओं के लोगों का नेता होता है, क्योंकि देश और प्रदेश के सभी नागरिक उसके अपने होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी अभी भी केवल अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री के रूप में काम कर रहे हैं, जबकि लोकतंत्र में सभी दलों और विचारधाराओं के प्रति समान व्यवहार और प्रेमभाव होना चाहिए।

राहुल गांधी के बयान का किया समर्थन

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरएसएस और भाजपा से नहीं डरने वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी कोई नई बात नहीं कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के दिल में देश के प्रति गहरा प्रेम है और वही उनकी जुबान पर दिखाई देता है।

गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी लगातार देशवासियों को आगाह करते रहे हैं। चाहे नोटबंदी का मुद्दा हो या कोविड महामारी का संकट, राहुल गांधी ने हर बार सरकार को चेतावनी दी और जनता को सच बताने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में यह उनकी जिम्मेदारी भी है और वे उसे पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं।

“सरकार की आलोचना करो तो जेल भेज दिया जाता है”

देश के मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए गहलोत ने कहा कि आज लोकतंत्र खतरे में नजर आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कोई सरकार की आलोचना करता है तो उसे राष्ट्रद्रोही बताया जाता है और जेल भेजने की कोशिश होती है।

उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर राजनीति की जा रही है और समाज को बांटने का प्रयास हो रहा है। गहलोत ने कहा कि कुछ लोगों को यह माहौल अच्छा लग सकता है, लेकिन भविष्य में यही राजनीति देश के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।

रूस का उदाहरण देकर दी नसीहत

अशोक गहलोत ने कहा कि देश को मजबूत और अखंड बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।

गहलोत ने रूस का उदाहरण देते हुए कहा कि एक समय रूस अमेरिका के मुकाबले की सुपरपावर था, लेकिन आपसी विभाजन और परिस्थितियों के कारण उसके 14 टुकड़े हो गए। उन्होंने कहा कि भारत में सभी वर्गों, समुदायों और विचारधाराओं के लोगों को प्यार और सम्मान के साथ रखना जरूरी है। इसके लिए विपक्ष से ज्यादा जिम्मेदारी सत्ता पक्ष की होती है।

राजीव गांधी के विजन को किया याद

राजीव गांधी को याद करते हुए गहलोत ने कहा कि वे अपने समय से बहुत आगे की सोच रखने वाले नेता थे। उस दौर में जब देश तकनीकी बदलावों से दूर था, तब राजीव गांधी 21वीं सदी के भारत की बात कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी चाहते थे कि भारत दुनिया के विकसित देशों की श्रेणी में शामिल हो। युवाओं को देश का भविष्य मानते हुए उन्होंने 18 साल की उम्र में मतदान का अधिकार देने का ऐतिहासिक फैसला लिया। गहलोत ने कहा कि पार्टी के अंदर विरोध होने के बावजूद राजीव गांधी ने युवाओं को लोकतंत्र से जोड़ने का काम किया और यही उनका सबसे बड़ा सपना था।

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