NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने पर अशोक गहलोत का बीजेपी पर हमला, बोले- ‘युवाओं के भविष्य से किया खिलवाड़’
NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान की बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। गहलोत ने कहा कि पेपर लीक और गड़बड़ियों की जानकारी होने के बावजूद सरकार ने दो सप्ताह तक मामले को दबाने की कोशिश की।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 रद्द होने के बाद राजनीति भी तेज हो गई है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने परीक्षा रद्द होने के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। गहलोत ने कहा कि परीक्षा में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी, लेकिन राजस्थान की भाजपा सरकार ने इसे छिपाने की कोशिश की और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया। दरअसल, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने 3 मई को हुई NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया है। एजेंसी ने कहा कि केंद्र सरकार की मंजूरी और जांच एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया गया है। मामले की जांच अब CBI को सौंप दी गई है।
अशोक गहलोत ने X पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि NEET (UG) 2026 परीक्षा का रद्द होना इस बात का प्रमाण है कि परीक्षा में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी।
उन्होंने कहा कि राजस्थान की भाजपा सरकार ने दो सप्ताह तक इस मामले को दबाने की कोशिश की। गहलोत के मुताबिक, सरकार को पहले से जानकारी थी कि परीक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
गहलोत ने अपने पोस्ट में लिखा कि NTA ने परीक्षा रद्द कर और जांच CBI को सौंपकर युवाओं के हित में साहसिक फैसला लिया है।
‘भाजपा सरकार का असली चेहरा बेनकाब’
अशोक गहलोत ने अपने बयान में राजस्थान सरकार पर पुराने भर्ती घोटालों को दबाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पहले कर्मचारी चयन बोर्ड में हुए OMR शीट घोटाले को भी छिपाने की कोशिश की थी।
गहलोत ने आरोप लगाया कि सरकार की कमजोर पैरवी के कारण उस मामले के आरोपियों को जमानत मिल गई। उन्होंने कहा कि अब NEET UG परीक्षा लीक मामले में भी सरकार ने शुरुआती स्तर पर FIR तक दर्ज नहीं की और पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सच्चाई सामने आ चुकी है और भाजपा सरकार का “असली चेहरा” जनता के सामने बेनकाब हो गया है।
NEET परीक्षा रद्द होने के बाद बढ़ा विवाद
NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर में लाखों छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी है। बिहार में सॉल्वर गैंग, फर्जी कैंडिडेट और करोड़ों की डील के खुलासे के बाद परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे थे।
वहीं राजस्थान में भी हाथ से लिखे गेस पेपर मिलने और बड़ी संख्या में सवाल मैच होने के दावे ने मामले को और गंभीर बना दिया। राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
3 मई 2026 को देशभर में NEET UG परीक्षा आयोजित हुई थी। इसके बाद बिहार में एक सॉल्वर गैंग का खुलासा हुआ, जिसमें MBBS छात्र समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हुई। जांच में सामने आया कि मेडिकल सीट दिलाने के लिए 50 से 60 लाख रुपए तक की डील की जा रही थी।
इसके अलावा राजस्थान के सीकर, झुंझुनू और देहरादून से भी कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। जांच एजेंसियों को ऐसे दस्तावेज मिले जिनमें परीक्षा के कई सवाल पहले से मौजूद बताए गए।
इन खुलासों के बाद NTA ने केंद्रीय एजेंसियों से रिपोर्ट मांगी और आखिरकार परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।
अब आगे क्या?
NTA ने साफ किया है कि छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा। री-एग्जाम के लिए नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे और परीक्षा की नई तारीख जल्द घोषित होगी।
इस बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस जहां इसे सरकार की विफलता बता रही है, वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि जांच एजेंसियां पूरी निष्पक्षता से कार्रवाई कर रही हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल देशभर के लाखों छात्र नई परीक्षा तारीख का इंतजार कर रहे हैं और साथ ही यह उम्मीद भी कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित होगी।