NEET पेपर लीक आरोपी संग फोटो वायरल होते ही बोले शिक्षा मंत्री दिलावर- ‘तो क्या डोटासरा भी…?’ बयान से गरमाई सियासत

NEET-2026 पेपर लीक मामले में आरोपी के साथ फोटो वायरल होने पर राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पहली बार खुलकर जवाब दिया। जोधपुर में उन्होंने कांग्रेस और गोविंद सिंह डोटासरा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि फोटो किसी के चरित्र का प्रमाण नहीं होती।

May 14, 2026 - 16:22
May 14, 2026 - 16:22
NEET पेपर लीक आरोपी संग फोटो वायरल होते ही बोले शिक्षा मंत्री दिलावर- ‘तो क्या डोटासरा भी…?’ बयान से गरमाई सियासत

देशभर में सुर्खियों में बने NEET-2026 पेपर लीक मामले की राजनीतिक गूंज अब राजस्थान की सियासत में भी तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर पेपर लीक आरोपी के साथ फोटो वायरल होने के बाद राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। गुरुवार को जोधपुर सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया और कांग्रेस पर जोरदार पलटवार किया।

शिक्षा मंत्री ने साफ कहा कि राजनीति में हजारों लोग नेताओं के साथ फोटो खिंचवाते हैं और सिर्फ किसी तस्वीर के आधार पर किसी को करीबी या पार्टी कार्यकर्ता साबित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का नाम लेते हुए कहा कि उनके साथ भी सार्वजनिक मंचों पर कई तस्वीरें मौजूद हैं, तो क्या इसका मतलब यह निकाला जाए कि वे भी उसी श्रेणी में आते हैं?

‘फोटो किसी का चरित्र प्रमाण पत्र नहीं’

मदन दिलावर ने मीडिया से बातचीत में कहा,
“हर दिन सैकड़ों-हजारों लोग हमारे साथ फोटो लेते हैं। किसी पोस्टर में नाम छप जाने या फोटो आ जाने से कोई व्यक्ति भाजपा का कार्यकर्ता या मेरा करीबी नहीं हो जाता।”

उन्होंने आगे कहा कि अगर सिर्फ फोटो के आधार पर संबंध तय किए जाएंगे, तो फिर कई विपक्षी नेताओं के साथ भी उनकी तस्वीरें हैं। ऐसे में किसी पर भी मनमाने आरोप लगाना सही नहीं है।

मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि फोटो किसी के चरित्र का प्रमाण पत्र नहीं हो सकती और विपक्ष केवल राजनीतिक फायदा लेने के लिए इस मुद्दे को उछाल रहा है।

कांग्रेस पर साधा निशाना

शिक्षा मंत्री ने पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक का जो नेटवर्क खड़ा हुआ, उसकी जड़ें पिछली सरकार के समय में फैलीं।

दिलावर ने कहा कि आज कांग्रेस के कई बड़े नेता और उनसे जुड़े लोग जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा,
“सौ चूहे खाकर बिल्ली अब हज को चली है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब खुद को पाक-साफ दिखाने की कोशिश कर रही है, जबकि पेपर लीक माफिया को बढ़ावा देने का काम पिछली सरकार के समय हुआ।

‘नकल माफिया को नहीं छोड़ेंगे’

मदन दिलावर ने कहा कि भाजपा सरकार की नीति नकल माफिया के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की है। सरकार भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है।

उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। राज्य सरकार जांच एजेंसियों को हर संभव सहयोग दे रही है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है।

जांच एजेंसियों पर जताया भरोसा

शिक्षा मंत्री ने कहा कि NEET पेपर लीक मामला राष्ट्रीय स्तर का विषय है और इसकी जांच केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि जांच एजेंसियां पूरी सच्चाई सामने लाएंगी।

उन्होंने कहा,
“दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

इस पूरे विवाद के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। विपक्ष जहां शिक्षा मंत्री के बयान को बचाव की कोशिश बता रहा है, वहीं भाजपा समर्थक इसे राजनीतिक साजिश करार दे रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि NEET पेपर लीक मामला आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है, क्योंकि इसमें लगातार नए नाम और नए खुलासे सामने आ रहे हैं।

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