‘खून और पानी साथ नहीं बह सकता… फिर पाकिस्तान से बातचीत क्यों?’ टीकाराम जूली का केंद्र और RSS पर बड़ा हमला

उदयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने केंद्र सरकार, RSS और विदेश नीति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पाकिस्तान से बातचीत, महंगाई, पेट्रोल-डीजल कीमतों और मंत्रियों की सादगी को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए।

May 16, 2026 - 12:05
‘खून और पानी साथ नहीं बह सकता… फिर पाकिस्तान से बातचीत क्यों?’ टीकाराम जूली का केंद्र और RSS पर बड़ा हमला

राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने उदयपुर में एक शादी समारोह में शामिल होने के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विदेश नीति को लेकर तीखे सवाल उठाए हैं।

पाकिस्तान और RSS बयान पर सियासी घमासान

टीकाराम जूली ने RSS के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी जिसमें कहा गया था कि भारत को पाकिस्तान के साथ बातचीत के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं करने चाहिए। इस पर जूली ने सवाल उठाते हुए कहा कि “एक तरफ कहा जाता है कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकता, फिर पाकिस्तान से बातचीत की क्या जरूरत है?”

उन्होंने कहा कि जब-जब पाकिस्तान ने देश के खिलाफ गड़बड़ी की है, भारतीय सेना ने उसका करारा जवाब दिया है। ऐसे में बातचीत की पैरवी करना शहीद सैनिकों के बलिदान का अपमान जैसा है।

विदेश नीति और अमेरिका को लेकर हमला

जूली ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एक तरफ अमेरिका भारत पर दबाव बना रहा है और दूसरी तरफ देश के भीतर अलग-अलग संगठन पाकिस्तान से बातचीत की बात कर रहे हैं, जो नीति में विरोधाभास को दिखाता है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीति के स्तर पर गंभीर मुद्दा बताया।

प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा पर टिप्पणी

टीकाराम जूली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया पांच देशों की विदेश यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री खुद विदेश दौरे पर जा रहे हैं, तब जनता को सादगी और त्याग की सलाह देना विरोधाभासी है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री और इंदिरा गांधी जैसे नेताओं के त्याग को याद करता है, लेकिन आज जनता का विश्वास कमजोर हुआ है।

सादगी के नाम पर ‘नाटक’ का आरोप

जूली ने हाल ही में मंत्रियों द्वारा ऑटो और ट्रेन में सफर कर दिखाए गए सादगी प्रदर्शन पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि यह केवल फोटो और रील बनाने तक सीमित है। उनका कहना था—“रोज ऑटो और ट्रेन में बैठेंगे तो असलियत पता चल जाएगी, यह सिर्फ दिखावा और नाटक है।”

महंगाई और पेट्रोल-डीजल पर सरकार को घेरा

नेता प्रतिपक्ष ने पेट्रोल-डीजल और महंगाई को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो उसका पूरा बोझ जनता पर डाल दिया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ेगी, जिसका सीधा असर मैन्युफैक्चरिंग और आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।

गैस सिलेंडर और मध्यम वर्ग पर असर

टीकाराम जूली ने कहा कि पहले जो गैस सिलेंडर 400 रुपये के आसपास मिलता था, वह अब आम आदमी की पहुंच से दूर हो गया है। कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें भी बढ़कर 3000 रुपये से अधिक हो चुकी हैं, जिससे छोटे व्यापारी और कारोबारी प्रभावित हो रहे हैं।

बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था पर सवाल

उन्होंने केंद्र सरकार पर बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था को लेकर भी निशाना साधा। जूली ने कहा कि सरकार ने डॉलर को रुपये के बराबर लाने का वादा किया था, लेकिन आज रुपया ऐतिहासिक गिरावट पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास महंगाई और बेरोजगारी का कोई ठोस समाधान नहीं है, जिससे मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है।

उदयपुर में दिए गए टीकाराम जूली के इस बयान ने एक बार फिर राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। उनके आरोपों ने विदेश नीति, महंगाई और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि इस पर सत्ता पक्ष की क्या प्रतिक्रिया आती है।

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