बाड़मेर के चौहटन हॉस्पिटल में बवाल: डिलीवरी के बाद नाल काटने पर भड़के परिजन, नर्सिंग स्टाफ से मारपीट

बाड़मेर के चौहटन जिला अस्पताल में डिलीवरी के बाद नवजात की गर्भनाल काटने को लेकर परिजनों और नर्सिंग स्टाफ के बीच विवाद हो गया। मारपीट के आरोप के बाद नर्सिंगकर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। पुलिस ने चार लोगों को डिटेन कर मामला शांत करवाया।

May 22, 2026 - 14:57
बाड़मेर के चौहटन हॉस्पिटल में बवाल: डिलीवरी के बाद नाल काटने पर भड़के परिजन, नर्सिंग स्टाफ से मारपीट

बाड़मेर जिले के चौहटन जिला अस्पताल में शुक्रवार सुबह डिलीवरी के बाद नवजात की गर्भनाल काटने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि परिजनों ने अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। घटना के बाद अस्पताल में तनाव का माहौल बन गया और नर्सिंगकर्मियों ने सुरक्षा की मांग करते हुए कार्य बहिष्कार कर दिया।

मामले की सूचना मिलते ही चौहटन थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने दो महिलाओं समेत चार लोगों को डिटेन किया, जिसके बाद अस्पताल स्टाफ ने दोबारा काम शुरू किया।

लेबर रूम में डिलीवरी के दौरान शुरू हुआ विवाद

घटना शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है। नर्सिंग अधीक्षक भंवरलाल के अनुसार चौहटन क्षेत्र की एक महिला को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल लाया गया था। महिला की स्थिति सामान्य थी, इसलिए उसे रेफर नहीं किया गया और अस्पताल के लेबर रूम में ही नॉर्मल डिलीवरी करवाई गई।

डिलीवरी के बाद मेडिकल प्रक्रिया के तहत नवजात की गर्भनाल (Umbilical Cord) काटी गई। इसी बात को लेकर परिजनों ने आपत्ति जताई और अस्पताल स्टाफ से बहस शुरू कर दी।

नर्सिंग अधीक्षक ने लगाया मारपीट का आरोप

नर्सिंग अधीक्षक भंवरलाल ने आरोप लगाया कि समझाइश के बावजूद परिजन उग्र हो गए। उन्होंने कहा कि दो महिलाएं और दो पुरुष स्टाफ से झगड़े पर उतर आए और मारपीट करने लगे।

भंवरलाल के मुताबिक, “मेरे साथ धक्का-मुक्की की गई और गला दबाने की कोशिश भी की गई। इस दौरान हाथ में चोटें आई हैं। अस्पताल की ओर से इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई थी, लेकिन गलतफहमी के कारण माहौल बिगड़ गया।”

सुरक्षा की मांग को लेकर नर्सिंगकर्मियों ने छोड़ा काम

घटना के बाद अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने विरोध जताते हुए कार्य बहिष्कार कर दिया। कर्मचारियों का कहना था कि अस्पताल में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं और आए दिन स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

नर्सिंगकर्मियों ने मांग की कि अस्पताल में स्थायी पुलिस सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाए, ताकि स्टाफ बिना डर के काम कर सके।

पुलिस ने चार लोगों को किया डिटेन

चौहटन थानाधिकारी ललित किशोर ने बताया कि परिजनों और अस्पताल स्टाफ के बीच गर्भनाल काटने की प्रक्रिया को लेकर विवाद हुआ था। शुरुआती जांच में मामला गलतफहमी का प्रतीत हो रहा है।

उन्होंने कहा कि परिजन अशिक्षित होने के कारण मेडिकल प्रक्रिया को लेकर भ्रमित हो गए थे, जिससे विवाद बढ़ गया। फिलहाल पुलिस ने दो महिलाओं समेत चार लोगों को डिटेन किया है और मामले की जांच जारी है।

समझाइश के बाद सामान्य हुई स्थिति

पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद अस्पताल में स्थिति सामान्य हुई। इसके बाद नर्सिंग स्टाफ ने कार्य बहिष्कार खत्म कर दोबारा मरीजों का इलाज शुरू कर दिया।

घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई है।

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