पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए हाईकोर्ट में ऑनलाइन सुनवाई: 3 दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगा केसों का निपटारा, जोधपुर-जयपुर बेंच की सभी अदालतों में लागू

राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल की बचत और खर्चों में कटौती के लिए नई पहल शुरू की है। 22, 26 और 27 मई को जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर बेंच में वर्चुअल माध्यम से सुनवाई की जाएगी। वकीलों से व्हीकल पूलिंग और ऑनलाइन पेशी अपनाने की अपील भी की गई है।

May 21, 2026 - 17:23
पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए हाईकोर्ट में ऑनलाइन सुनवाई: 3 दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगा केसों का निपटारा, जोधपुर-जयपुर बेंच की सभी अदालतों में लागू

राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने अदालतों के कामकाज के दौरान होने वाले खर्चों में कटौती और पेट्रोल-डीजल की बचत को लेकर बड़ा कदम उठाया है। हाईकोर्ट की ओर से नई गाइडलाइन जारी करते हुए तीन दिनों तक अदालतों में वर्चुअल माध्यम से सुनवाई कराने का फैसला लिया गया है।

रजिस्ट्रार जनरल चंचल मिश्रा द्वारा बुधवार को जारी नोटिस में बताया गया कि 22 मई, 26 मई और 27 मई 2026 को जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर बेंच में मुकदमों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएगी। इस फैसले का उद्देश्य अदालत की कार्यवाही को बिना बाधा जारी रखते हुए ईंधन की बचत और अनावश्यक यात्रा को कम करना है।

सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद फैसला

हाईकोर्ट प्रशासन ने यह निर्णय भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा 12 मई को जारी मेमोरेंडम और सुप्रीम कोर्ट द्वारा 15 मई को जारी सर्कुलर के बाद लिया है।

बताया गया कि देशभर में ईंधन संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखते हुए अदालतों में तकनीक आधारित सुनवाई को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में राजस्थान हाईकोर्ट ने भी यह पहल शुरू की है।

बार एसोसिएशन से चर्चा के बाद बनी सहमति

हाईकोर्ट प्रशासन ने इस व्यवस्था को लागू करने से पहले जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर बेंच की हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ विस्तृत चर्चा की।

बार एसोसिएशन से मिले सुझावों और सहमति के बाद यह निर्णय लिया गया कि सीमित अवधि के लिए वर्चुअल सुनवाई को बढ़ावा दिया जाए, ताकि अदालत की कार्यवाही भी प्रभावित न हो और ईंधन की खपत भी कम की जा सके।

तीन दिन वर्चुअल सुनवाई, लेकिन फिजिकल हियरिंग जारी रहेगी

जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 22, 26 और 27 मई को सभी अदालतों की कार्यवाही कोर्ट रूम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संचालित की जाएगी। हालांकि, हाईकोर्ट प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि इन दिनों फिजिकल हियरिंग पर किसी प्रकार की रोक नहीं होगी।

यानी यदि किसी मामले में पक्षकार या अधिवक्ता व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना चाहते हैं, तो उन्हें इसकी अनुमति रहेगी।

वकीलों से व्हीकल पूलिंग अपनाने की अपील

हाईकोर्ट प्रशासन ने इस पहल को सफल बनाने के लिए वकीलों, पक्षकारों और अदालत से जुड़े अन्य लोगों से सहयोग मांगा है। नोटिस में अधिवक्ताओं से अधिक से अधिक वर्चुअल सुनवाई अपनाने की अपील की गई है।

इसके अलावा अनावश्यक यात्रा को कम करने और ईंधन बचाने के लिए 'व्हीकल पूलिंग' यानी गाड़ियां साझा करके आने-जाने का सुझाव भी दिया गया है।

डिजिटल सिस्टम को बढ़ावा देने की दिशा में कदम

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला अदालतों में डिजिटल कार्यप्रणाली को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है। कोविड काल के दौरान शुरू हुई वर्चुअल हियरिंग व्यवस्था अब धीरे-धीरे न्यायिक प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही है।

हाईकोर्ट प्रशासन की इस पहल को पर्यावरण संरक्षण, ईंधन बचत और समय प्रबंधन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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