10 साल बाद केरल में लौटी कांग्रेस सरकार: वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की ली शपथ, 20 मंत्रियों ने संभाली जिम्मेदारी
केरल में 10 साल बाद कांग्रेस नेतृत्व वाले UDF की सत्ता वापसी हो गई है। वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जबकि उनके साथ 20 मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। समारोह में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और कई बड़े नेता मौजूद रहे।
केरल में एक दशक बाद कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की सत्ता में वापसी हो गई है। सोमवार को तिरुवनंतपुरम में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने केरल के मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री के बाद उनकी कैबिनेट के 20 मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण किया।
समारोह में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर और CPI नेता बिनॉय विश्वम भी कार्यक्रम में शामिल हुए। विदेश दौरे पर होने के कारण कांग्रेस सांसद शशि थरूर समारोह में शामिल नहीं हो सके।
60 साल बाद पूरी कैबिनेट ने एक साथ ली शपथ
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने कहा कि केरल के राजनीतिक इतिहास में करीब 60 साल बाद ऐसा मौका आया है, जब पूरी कैबिनेट ने एक साथ शपथ ली है। इससे पहले 1962 में तत्कालीन मुख्यमंत्री आर शंकर ने पूरी मंत्रिपरिषद के साथ शपथ ली थी। हालांकि उनकी सरकार 1964 में अविश्वास प्रस्ताव के बाद गिर गई थी।
UDF सरकार में कांग्रेस का दबदबा
नई सरकार में कांग्रेस के सबसे ज्यादा 12 मंत्री शामिल हैं। इसके अलावा IUML, केरल कांग्रेस (जैकब), RSP और CMP को भी प्रतिनिधित्व मिला है। कांग्रेस की ओर से वीडी सतीशन, रमेश चेन्नीथला, सनी जोसेफ, के मुरलीधरन, एपी अनिल कुमार और पीसी विष्णुनाथ जैसे वरिष्ठ नेताओं को कैबिनेट में जगह दी गई है।
IUML को पांच मंत्री पद मिले हैं, जिनमें पीके कुन्हालिकुट्टी, एन शमसुद्दीन, केएम शाजी, पीके बशीर और वीई अब्दुल गफूर शामिल हैं। वहीं केरल कांग्रेस (जैकब) से अनूप जैकब, RSP से शिबू बेबी जॉन और CMP से सीपी जॉन मंत्री बने हैं।
कैबिनेट में 14 नए चेहरे
नई सरकार की सबसे बड़ी खासियत कैबिनेट में शामिल नए चेहरे हैं। कुल 14 विधायक पहली बार मंत्री बने हैं। इनमें एन शमसुद्दीन, पीसी विष्णुनाथ, रोजी एम जॉन, बिंदु कृष्णा, टी सिद्दीकी, केए थुलसी और ओजे जनीश जैसे नाम शामिल हैं।
कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद भी अपने पास रखा है। तिरुवनचूर राधाकृष्णन को विधानसभा स्पीकर और शनिमोल उस्मान को डिप्टी स्पीकर बनाया गया है।
22 मई को स्पीकर चुनाव, 5 जून तक बजट संभव
शपथ ग्रहण के बाद अब 22 मई को विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा। राज्यपाल का नीतिगत संबोधन 29 मई को प्रस्तावित है, जबकि नई सरकार 5 जून तक राज्य का बजट पेश कर सकती है।
कौन हैं वीडी सतीशन?
वडास्सेरी दामोदरन सतीशन का जन्म 12 अगस्त 1964 को एर्नाकुलम में हुआ था। उन्होंने LLM तक शिक्षा प्राप्त की और छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। वे पहले केरल स्टूडेंट्स यूनियन, फिर इंडियन यूथ कांग्रेस और NSUI से जुड़े।
1996 में उन्होंने पहला विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन करीब 1100 वोटों से हार गए। इसके बाद 2001 में पहली बार पारावूर सीट से जीत दर्ज की। सतीशन लगातार छह बार विधायक चुने जा चुके हैं और 2021 में वे केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता बने थे।
आक्रामक शैली, तेजतर्रार भाषण और संगठन पर मजबूत पकड़ के कारण सतीशन को कांग्रेस का मजबूत चेहरा माना जाता है।
सीएम फेस को लेकर 10 दिन चला सस्पेंस
4 मई को आए विधानसभा चुनाव नतीजों में UDF ने 140 में से 102 सीटें जीतकर शानदार बहुमत हासिल किया था। कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। इसके बाद मुख्यमंत्री पद के लिए वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्नीथला के नाम चर्चा में रहे।
राहुल गांधी की पहली पसंद केसी वेणुगोपाल बताए जा रहे थे, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं और सहयोगी दलों ने सतीशन के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई। आखिरकार 14 मई को कांग्रेस हाईकमान ने वीडी सतीशन को विधायक दल का नेता घोषित किया और उनके नाम पर मुहर लग गई।
केरल चुनाव 2026 में UDF की बड़ी जीत
2026 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेतृत्व वाले UDF ने 102 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की। वहीं LDF को 35 सीटों पर संतोष करना पड़ा। भाजपा ने पहली बार केरल विधानसभा में 3 सीटें जीतकर एंट्री दर्ज की।