IPL मैच बिना दर्शकों के कराने की मांग: CTI ने लिखा खेल मंत्री को पत्र, लाखों लीटर ईंधन बचाने का दावा

दिल्ली के चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने IPL मुकाबलों को बिना दर्शकों के कराने और टीमों की यात्रा सीमित करने की मांग की है। संगठन का दावा है कि इससे लाखों लीटर पेट्रोल-डीजल और एविएशन फ्यूल की बचत हो सकती है। इस संबंध में खेल मंत्री को पत्र लिखा गया है।

May 17, 2026 - 15:29
IPL मैच बिना दर्शकों के कराने की मांग: CTI ने लिखा खेल मंत्री को पत्र, लाखों लीटर ईंधन बचाने का दावा

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मौजूदा सीजन को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने मांग की है कि IPL के बचे हुए मुकाबले बिना दर्शकों के कराए जाएं और टीमों की यात्रा को सीमित किया जाए, ताकि देश में ईंधन की खपत को कम किया जा सके।

CTI का दावा है कि अगर यह कदम उठाया जाता है तो लाखों लीटर पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बचत की जा सकती है।

खेल मंत्री को लिखा गया पत्र

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया को इस संबंध में पत्र लिखा है। पत्र में मांग की गई है कि IPL के शेष मैचों का नया शेड्यूल तैयार किया जाए और उन्हें सीमित स्थानों पर आयोजित किया जाए। साथ ही यह भी सुझाव दिया गया है कि मैचों को बिना दर्शकों के कराया जाए, जिससे स्टेडियम तक आने-जाने वाले हजारों लोगों के कारण होने वाली ईंधन खपत को रोका जा सके।

“लाखों लीटर ईंधन की हो सकती है बचत”

CTI के अनुसार, IPL मैच देखने के लिए हर बार हजारों दर्शक स्टेडियम पहुंचते हैं, जिससे बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल खर्च होता है। संगठन का कहना है कि एक मैच में औसतन 50,000 दर्शक आते हैं, जिनकी आवाजाही से भारी ईंधन खपत होती है।

टीमों की यात्रा से भी बढ़ रहा ईंधन खर्च

CTI ने अपने पत्र में टीमों की हवाई यात्राओं का भी जिक्र किया है। IPL टीमों द्वारा चार्टर्ड फ्लाइट्स (जैसे Boeing 737 और Airbus A320) का उपयोग किया जाता है, जो औसतन 2400 से 3000 लीटर प्रति घंटे तक ईंधन खर्च करती हैं।

यदि फ्लाइट लगभग 2 घंटे की हो, तो एक यात्रा में करीब 5000 से 8000 लीटर ATF की खपत हो सकती है। इस हिसाब से एक टीम के पूरे सीजन में 10 से अधिक यात्राओं पर 50,000 से 70,000 लीटर तक एविएशन फ्यूल खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।

कोरोना काल का दिया गया उदाहरण

CTI ने अपने पत्र में कोरोना काल का उदाहरण भी दिया है, जब सीमित मैदानों पर और बिना दर्शकों के IPL का सफल आयोजन किया गया था। संगठन का मानना है कि उसी मॉडल को अपनाकर मौजूदा परिस्थितियों में भी ईंधन की बचत की जा सकती है।

देश की आर्थिक स्थिति और फिजूलखर्ची पर सवाल

पत्र में यह भी कहा गया है कि मौजूदा समय में जब सरकार और नागरिक फिजूलखर्ची कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तब बड़े आयोजनों में भारी ईंधन खपत पर पुनर्विचार होना चाहिए। CTI ने सुझाव दिया है कि IPL जैसे बड़े आयोजनों को अधिक पर्यावरण और ऊर्जा-संवेदनशील तरीके से आयोजित किया जाए।

Kashish Sain Bringing truth from the ground राजस्थान और देश-दुनिया की ताज़ा, सटीक और भरोसेमंद खबरें सरल और प्रभावी अंदाज़ में प्रस्तुत करना, ताकि हर पाठक तक सही जानकारी समय पर पहुँच सके।