जयश्रीराम के जयघोष से गूंजा बाड़मेर, वीर हनुमान मंदिर से निकली 25KM लंबी नगर परिक्रमा
बाड़मेर में अधिकमास के अवसर पर वीर हनुमान मंदिर से 25 किलोमीटर लंबी नगर परिक्रमा निकाली गई। सुबह 5 बजे शुरू हुई इस पदयात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। भीषण गर्मी और ऊबड़-खाबड़ रास्तों के बावजूद श्रद्धालु जयश्रीराम के जयघोष और भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़े। जसदेर धाम में कथा, प्रवचन और विश्राम के बाद शाम को परिक्रमा का समापन हनुमान मंदिर में होगा। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं के लिए पानी और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए।
बाड़मेर में धार्मिक आस्था, सनातन संस्कृति और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। अधिकमास के अवसर पर वीर हनुमान मंदिर, सदर बाजार से सुबह 5 बजे नगर परिक्रमा की शुरुआत हुई। “जयश्रीराम” और भजन-कीर्तन के जयघोष के बीच हजारों श्रद्धालु 25 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में शामिल हुए। भीषण गर्मी के बावजूद महिलाओं, बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में जबरदस्त उत्साह नजर आया।
परिक्रमा वीर हनुमान मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई। श्रद्धालु हाथों में ध्वज और चुनरियां लेकर भक्ति गीत गाते हुए आगे बढ़ते रहे। रास्तेभर रामधुन और धार्मिक नारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। कई श्रद्धालुओं ने रास्ते में पेड़ों पर चुनरी बांधकर मन्नतें भी मांगी।
65 साल पुरानी धार्मिक परंपरा
महंत खुशालगिरी महाराज ने बताया कि बाड़मेर में पिछले 65 वर्षों से अधिकमास के दौरान नगर परिक्रमा निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और लोक आस्था का जीवंत प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि पुरुषोत्तम मास, जिसे अधिकमास भी कहा जाता है, सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है। शास्त्रों के अनुसार इस माह में जप, तप, दान और पूजा का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है। इस दौरान सम्पूर्ण सृष्टि भगवानमय हो जाती है और हर जीव ईश्वर की आराधना में लीन रहता है।
ऊबड़-खाबड़ रास्तों और पहाड़ियों से होकर निकली पदयात्रा
नगर परिक्रमा का मार्ग काफी लंबा और चुनौतीपूर्ण रहा। श्रद्धालुओं ने पहाड़ी और ऊबड़-खाबड़ रास्तों से होकर पदयात्रा की। परिक्रमा सदर बाजार से शुरू होकर चौहटन सर्किल, महावीर सर्किल, रावली ढाणी स्कूल, हिल पॉइंट और गोपाल गोशाला तक पहुंची। इसके बाद यात्रा हिंगलाज मंदिर, इंद्रानगर, इंद्रा कॉलोनी, नवले की चक्की और महिला पुलिस थाना होते हुए जसदेर तालाब पहुंचेगी।
दोपहर में जसदेर धाम मुख्य ठहराव रहेगा, जहां श्रद्धालुओं के लिए विश्राम, कथा और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। यहां संत-महात्माओं के प्रवचन भी होंगे। इसके बाद शाम को परिक्रमा फिर शुरू होगी और सिंधरी सर्किल व सफेद आकड़ा होते हुए वापस सदर बाजार स्थित वीर हनुमान मंदिर पहुंचकर समापन होगा।
गर्मी को देखते हुए विशेष इंतजाम
भीषण गर्मी को देखते हुए आयोजन समिति की ओर से जगह-जगह पानी और छाया की व्यवस्था की गई। वहीं परिक्रमा जिन नेशनल और स्टेट हाईवे मार्गों से गुजर रही है, वहां सुरक्षा के लिए पुलिस जाब्ता भी तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर नजर आया।