PM मोदी से सवाल पूछना पड़ा महंगा, नार्वे की पत्रकार का Facebook-Instagram अकाउंट सस्पेंड

नॉर्वे की पत्रकार हेली लेंग ने दावा किया है कि पीएम नरेंद्र मोदी से प्रेस फ्रीडम पर सवाल पूछने के बाद उनके Facebook और Instagram अकाउंट सस्पेंड कर दिए गए। ओस्लो में हुई प्रेस ब्रीफिंग के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें भारी ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा।

May 20, 2026 - 10:55
PM मोदी से सवाल पूछना पड़ा महंगा, नार्वे की पत्रकार का Facebook-Instagram अकाउंट सस्पेंड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूरोप दौरे के दौरान नॉर्वे की पत्रकार हेली लेंग (Helle Lyng) अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गई हैं। ओस्लो में आयोजित संयुक्त प्रेस उपस्थिति के दौरान पीएम मोदी से प्रेस फ्रीडम और मानवाधिकारों को लेकर सवाल पूछने के बाद अब हेली ने दावा किया है कि उनके Facebook और Instagram अकाउंट सस्पेंड कर दिए गए हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। एक तरफ जहां कुछ लोग पत्रकार के सवाल को प्रेस की स्वतंत्रता से जोड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई यूजर्स ने उनकी आलोचना भी की है।

क्या था पूरा मामला?

नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे की संयुक्त मीडिया ब्रीफिंग आयोजित हुई थी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब दोनों नेता वहां से जाने लगे, तभी पत्रकार हेली लेंग ने पीछे से आवाज लगाते हुए सवाल पूछा-

“आप दुनिया की सबसे आजाद प्रेस के सवालों का जवाब क्यों नहीं देते?”

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

प्रेस फ्रीडम इंडेक्स का जिक्र

हेली लेंग ने बाद में सोशल मीडिया पर कहा कि उनका सवाल प्रेस स्वतंत्रता को लेकर था। उन्होंने दावा किया कि नॉर्वे विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में शीर्ष पर है, जबकि भारत 157वें स्थान पर है।

उनके इस बयान के बाद भारत और विदेशों में सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब

घटना के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की। इसमें विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने पत्रकार के सवालों पर प्रतिक्रिया दी।

हेली लेंग ने ब्रीफिंग के दौरान मानवाधिकार, लोकतंत्र और मीडिया स्वतंत्रता से जुड़े सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि दुनिया भारत पर भरोसा क्यों करे और क्या प्रधानमंत्री आलोचनात्मक सवालों का जवाब देंगे।

इस पर सिबी जॉर्ज ने कहा कि भारत को पूरी तरह समझे बिना इस तरह के निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। उन्होंने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था, वैश्विक योगदान और मीडिया परिदृश्य का बचाव किया।

सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग शुरू

हेली लेंग ने दावा किया कि इस घटना के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर ट्रोल किया गया।

उन्होंने बताया कि कई लोगों ने उनके पुराने लेख और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर लिखी रिपोर्ट्स को निकालकर उन्हें “फॉरेन प्लांट”, “जासूस” और “चीनी प्रॉक्सी” जैसे नामों से निशाना बनाया।

पत्रकार ने कहा कि ऑनलाइन ट्रोलिंग का स्तर लगातार बढ़ता गया और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी असर पड़ा।

Facebook और Instagram अकाउंट सस्पेंड होने का दावा

हेली लेंग ने अपने X अकाउंट पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि उनके Facebook और Instagram अकाउंट सस्पेंड हो गए हैं।

उन्होंने लिखा,
“प्रेस की आजादी के लिए यह एक छोटी सी कीमत है। मैंने ज्यादा से ज्यादा भारतीयों को जवाब देने की कोशिश की, लेकिन अब मेरे सोशल मीडिया अकाउंट बंद हो गए हैं। उम्मीद है कि Meta जल्द इन्हें बहाल करेगा।”

हालांकि Meta की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

विवाद के बाद तेजी से बढ़े फॉलोअर्स

इस विवाद के बाद हेली लेंग की सोशल मीडिया लोकप्रियता में भी बड़ा उछाल देखा गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना से पहले उनके X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर 800 से भी कम फॉलोअर्स थे। लेकिन विवाद के बाद कुछ ही दिनों में उनके फॉलोअर्स की संख्या 45 हजार के पार पहुंच गई।

सोशल मीडिया पर बंटी राय

इस पूरे विवाद को लेकर सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंटा नजर आया।

कुछ लोगों ने कहा कि पत्रकार का सवाल लोकतांत्रिक व्यवस्था में सामान्य पत्रकारिता का हिस्सा था। वहीं दूसरी ओर कई यूजर्स ने इसे राजनीतिक एजेंडा बताकर आलोचना की।

भारत में भी इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं ने प्रेस स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए, जबकि बीजेपी नेताओं ने इसे सामान्य कूटनीतिक कार्यक्रम को विवाद बनाने की कोशिश बताया।

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