दो बहनों की अनोखी लव स्टोरी: साथ पढ़ीं, फिर एक ने बदला जेंडर और रचा ली शादी
बिहार के जमुई जिले में BPSC शिक्षिका नयनश्री और उनकी रिश्ते की बहन राखी (अब राहुल) की शादी चर्चा का विषय बनी हुई है।
बिहार के जमुई जिले से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है। यह कहानी दो युवतियों की है, जो बचपन से साथ बड़ी हुईं, साथ पढ़ीं और समय के साथ एक-दूसरे के इतने करीब आ गईं कि जीवनभर साथ रहने का फैसला कर लिया। इस रिश्ते को सामाजिक और व्यक्तिगत रूप से स्वीकार्य बनाने के लिए एक युवती ने जेंडर ट्रांजिशन कराया और फिर दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया।
बचपन की दोस्ती से प्रेम तक का सफर
जानकारी के अनुसार नयनश्री और राखी (अब राहुल) रिश्ते में फुफेरी और ममेरी बहनें हैं। दोनों परिवारों के बीच करीबी संबंध होने के कारण बचपन से ही एक-दूसरे के घर आना-जाना था। दोनों ने साथ खेलते-कूदते बचपन बिताया और धीरे-धीरे उनकी दोस्ती गहरी होती चली गई।
वर्ष 2019 में दोनों ने साथ ही मैट्रिक परीक्षा पास की और आगे की पढ़ाई जारी रखी। इंटरमीडिएट और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान दोनों का अधिकांश समय साथ बीता। इसी दौरान उनके बीच भावनात्मक लगाव बढ़ा और यह रिश्ता प्रेम में बदल गया।
पढ़ाई के लिए पटना गईं, वहीं और मजबूत हुआ रिश्ता
परिजनों के अनुसार वर्ष 2023 में दोनों ने BPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का फैसला किया। इसके लिए उन्हें पटना भेजा गया, जहां दोनों ने साथ रहकर पढ़ाई की। परिवार को लगा कि दोनों अपने करियर पर ध्यान दे रही हैं, लेकिन इसी दौरान उनका रिश्ता और मजबूत होता गया।
BPSC शिक्षिका बनी नयनश्री
लगातार मेहनत के बाद वर्ष 2025 में नयनश्री ने BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कर ली। TRE-3 भर्ती प्रक्रिया के तहत उनका चयन हुआ और वर्तमान में वे लक्ष्मीपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय मेदनीपुर में शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं।
नयनश्री की सफलता से परिवार बेहद खुश था, लेकिन इसी दौरान दोनों ने अपने रिश्ते को शादी तक ले जाने का फैसला भी कर लिया।
जेंडर ट्रांजिशन के बाद बना राहुल
परिजनों के दावे के अनुसार राखी ने करीब छह महीने पहले जेंडर ट्रांजिशन की प्रक्रिया पूरी कराई और अपना नाम राहुल रख लिया। बताया जा रहा है कि यह प्रक्रिया दिल्ली में चिकित्सा विशेषज्ञों की देखरेख में कराई गई।
परिवार का कहना है कि इस प्रक्रिया पर करीब 8 लाख रुपये खर्च हुए। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। परिवार को भी इसकी पूरी जानकारी बाद में मिली, जिससे वे हैरान रह गए।
मंदिर में लिए सात फेरे
लंबे समय से चले आ रहे प्रेम संबंध को दोनों ने विवाह का रूप देने का फैसला किया। इसके बाद जमुई जिले के लक्ष्मीपुर स्थित प्रसिद्ध पटेश्वर नाथ मंदिर में दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार शादी कर ली।
शादी के दौरान वरमाला, सात फेरे और सिंदूरदान जैसी सभी पारंपरिक रस्में निभाई गईं। विवाह समारोह में सीमित संख्या में लोग मौजूद रहे। शादी के बाद नयनश्री राहुल के पैतृक गांव भी पहुंचीं, जहां कुछ पारिवारिक रस्में निभाई गईं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो
शादी के बाद समारोह और पारंपरिक रस्मों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला पूरे बिहार ही नहीं, बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बन गया। लोग इस रिश्ते को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
पुलिस को भी दी गई सूचना
परिजनों के अनुसार मामले की जानकारी पुलिस को भी दी गई थी। दावा किया गया कि दोनों बालिग हैं और अपनी इच्छा से जीवनसाथी चुनने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
चर्चा का केंद्र बनी अनोखी प्रेम कहानी
दो युवतियों की दोस्ती, प्रेम, जेंडर ट्रांजिशन और फिर विवाह तक पहुंची यह कहानी समाज में रिश्तों, पहचान और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर नई बहस छेड़ रही है। फिलहाल यह विवाह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सोशल मीडिया पर लगातार सुर्खियां बटोर रहा है।