बाबा बर्फानी के भक्तों की सुरक्षा के लिए बड़ा प्लान...अमरनाथ यात्रा से पहले मोदी सरकार अलर्ट, 670 सुरक्षा कंपनियों की तैनाती...

अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर केंद्र सरकार ने सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम शुरू कर दिए हैं। यात्रा के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 670 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की कंपनियां तैनात की जाएंगी। 3 जुलाई से शुरू होने वाली 57 दिवसीय यात्रा 28 अगस्त को रक्षा बंधन के दिन संपन्न होगी।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
June 2, 2026 • 4:37 PM  11
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2 Jun 2026
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बाबा बर्फानी के भक्तों की सुरक्षा के लिए बड़ा प्लान...अमरनाथ यात्रा से पहले मोदी सरकार अलर्ट, 670 सुरक्षा कंपनियों की तैनाती...

यात्रा से पहले सरकार अलर्ट
अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर केंद्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी इस पवित्र यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया जा रहा है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर यात्रा मार्ग और जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की करीब 670 कंपनियां तैनात की जाएंगी। सुरक्षा बलों की कुछ टुकड़ियां पहले ही जम्मू-कश्मीर पहुंचना शुरू हो गई हैं।

3 जुलाई से शुरू होगी यात्रा
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। कुल 57 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा दो प्रमुख मार्गों से संचालित होगी। पहला पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग है, जबकि दूसरा गंदेरबल जिले का 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग है। बालटाल मार्ग छोटा जरूर है, लेकिन इसकी चढ़ाई अधिक कठिन मानी जाती है। यात्रा का समापन रक्षा बंधन के अवसर पर होगा।

यात्रा व्यवस्थाओं का लिया जायजा
यात्रा शुरू होने में अब केवल एक महीने का समय शेष है। ऐसे में प्रशासन ने सभी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप में सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक निरीक्षण किया गया। जम्मू के डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार और इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) भीम सेन टूटी ने बेस कैंप का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान रजिस्ट्रेशन काउंटर, RFID सेंटर, तीर्थयात्रियों के ठहरने की व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, साफ-सफाई और सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम
भगवती नगर बेस कैंप में सफेदी, बस टिकट बुकिंग काउंटर, लंगर, क्लोकरूम, आवासीय सुविधाएं, बिजली आपूर्ति और प्रकाश व्यवस्था जैसे कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं को भी बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए प्रीपेड सिम कार्ड उपलब्ध कराने, कन्वीनियंस स्टोर स्थापित करने और जर्मन हैंगर लगाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। वहीं फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज विभाग को संपूर्ण फायर सेफ्टी ऑडिट करने के आदेश दिए गए हैं। पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट को कैंप और आसपास की सड़कों की मरम्मत एवं ब्लैकटॉपिंग का कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

जोखिम नहीं लेना चाहती सरकार
सुरक्षा के मोर्चे पर भी इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। IGP ने सुरक्षा बलों की तैनाती योजना की समीक्षा करते हुए सभी लॉजमेंट सेंटरों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने और यात्रा कट-ऑफ समय का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा ड्रोन निगरानी बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों पर डॉग स्क्वॉड तैनात करने और एंटी-सैबोटेज जांच को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि यात्रा मार्ग और प्रमुख ठहराव स्थलों पर रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। इससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी और आवश्यक कार्रवाई समय रहते की जा सकेगी। सरकार इस बार सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। पिछले वर्ष हुए आतंकी हमलों और सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी कारण इस बार सुरक्षा बलों की रिकॉर्ड तैनाती की जा रही है ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

अमरनाथ यात्रा देश की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु कठिन पर्वतीय मार्गों से गुजरकर बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सरकार का फोकस इस बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर है।

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