विदेश में नौकरी के नाम पर 26.45 लाख रुपए की ठगीः फर्जी वीजा देकर एजेंट फरार, मोबाइल स्विच ऑफ

सीकर जिले के नरसास गांव में दिल्ली के एजेंट मनीष कुमार ने इजराइल में क्लीनर-हेल्पर की नौकरी दिलाने के नाम पर 5 लोगों से 26.45 लाख रुपए ठग लिए। फर्जी वीजा देकर एजेंट फरार हो गया। पीड़ित श्रवण कुमार ने कोर्ट के आदेश पर लक्ष्मणगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज कराया, पुलिस जांच कर रही है।

Nov 27, 2025 - 15:03
विदेश में नौकरी के नाम पर 26.45 लाख रुपए की ठगीः फर्जी वीजा देकर एजेंट फरार, मोबाइल स्विच ऑफ

सीकर (राजस्थान)। विदेश में अच्छी सैलरी वाली नौकरी का लालच देकर ठगों ने एक बार फिर बड़ी रकम हड़प ली। सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के नरसास गांव निवासी श्रवण कुमार के साथ दिल्ली का एक एजेंट 26 लाख 45 हजार रुपए की ठगी कर फरार हो गया। एजेंट ने इजराइल में क्लीनर और हेल्पर की नौकरी दिलाने के नाम पर पहले तो असली जैसे दिखने वाले वीजा बनवा दिए, लेकिन जब जाने का समय आया तो वीजा फर्जी निकला और एजेंट का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया।पीड़ित श्रवण कुमार ने कोर्ट के आदेश पर लक्ष्मणगढ़ पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कैसे हुई ठगी की पूरी वारदात?  श्रवण कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि साल 2024 के शुरू में दिल्ली निवासी मनीष कुमार नाम का व्यक्ति उनसे मिला। मनीष खुद को विदेशी जॉब प्लेसमेंट एजेंट बताता था। उसने कहा कि इस समय इजराइल में क्लीनर, हेल्पर और मजदूरी के बहुत सारे जॉब हैं और सैलरी भी अच्छी है।श्रवण कुमार ने अपने बेटे अभिषेक कुमार को विदेश भेजने की इच्छा जताई। मनीष ने कहा कि एक व्यक्ति के लिए करीब 5-6 लाख रुपए खर्च आएगा। श्रवण कुमार ने जब अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों से बात की तो कुल 5 लोग विदेश जाने को तैयार हो गए।

 इन पांच लोगों के नाम इस प्रकार हैंःअभिषेक कुमार (श्रवण कुमार का बेटा) ,तीन अन्य रिश्तेदार,एक पड़ोसी,मनीष ने सभी से 5-5 लाख रुपए लेने की बात कही। इस तरह कुल 25 लाख रुपए का सौदा तय हुआ। इसके अलावा वीजा फीस, टिकट और अन्य खर्च के नाम पर अतिरिक्त 1.45 लाख रुपए भी लिए गए। कुल मिलाकर श्रवण कुमार ने अलग-अलग किस्तों में मनीष कुमार को 26 लाख 45 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए।

फर्जी वीजा और फिर गायब हुआ एजेंट पैसे मिलने के बाद मनीष ने सभी पांच लोगों को इजराइल का वीजा दिखाया। वीजा देखने में बिल्कुल असली लग रहे थे। तय तारीख पर जब सभी लोग दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे तो इमीग्रेशन काउंटर पर वीजा स्कैन करने पर वे फर्जी निकले। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने साफ मना कर दिया।इसके बाद सभी लोग मनीष कुमार से संपर्क करने लगे, लेकिन उसका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था। उसका दिल्ली वाला पता भी फर्जी निकला। अब तक न तो पैसे वापस आए और न ही कोई विदेश जाने का इंतजाम हुआ।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा लंबे इंतजार के बाद श्रवण कुमार ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने इस्तगासा (निजी शिकायत) स्वीकार करते हुए लक्ष्मणगढ़ पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (विश्वासघात) सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।पुलिस का कहना है कि आरोपी मनीष कुमार की तलाश की जा रही है। उसका दिल्ली का पता और बैंक खातों की डिटेल खंगाली जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं यह किसी बड़े गैंग का हिस्सा तो नहीं है, क्योंकि राजस्थान से इजराइल, दुबई, सऊदी अरब आदि देशों में नौकरी के नाम पर इस तरह की ठगी के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.