नंदबई में बेसहारा गोवंश से टकराई बाइक: युवक का जबड़ा टूटा, गंभीर चोटों के कारण भरतपुर के अस्पताल में भर्ती
राजस्थान के भरतपुर जिले के नदबई में बस स्टैंड के पास बेसहारा गोवंश से बाइक टकराने से पिपरई गांव के 32 वर्षीय दिनेश गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका जबड़ा टूट गया और गंभीर चोटों के कारण उन्हें भरतपुर रेफर किया गया। क्षेत्र में आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या के कारण इस तरह की दुर्घटनाएं आम हो रही हैं।
भरतपुर, 25 नवंबर 2025: राजस्थान के भरतपुर जिले के नंदबई कस्बे में एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें एक बेसहारा गोवंश से बाइक के टकराने के कारण 32 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में युवक का जबड़ा टूट गया, जिसके बाद प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल भरतपुर रेफर कर दिया गया। स्थानीय लोगों ने इस घटना को सड़क सुरक्षा और आवारा पशुओं की समस्या का एक उदाहरण बताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
घटना का विवरण; घटना नंदबई के मुख्य बाजार क्षेत्र में बस स्टैंड के नजदीक दोपहर करीब 2 बजे घटी। नंदबई तहसील के अंतर्गत आने वाले पिपरई गांव के निवासी दिनेश पुत्र तुहीराम (उम्र 32 वर्ष) अपनी बाइक पर सवार होकर पेट्रोल भरवाने के लिए नजदीकी पेट्रोल पंप की ओर जा रहे थे। वे सामान्य रफ्तार से बाइक चला रहे थे, तभी बस स्टैंड के पास सड़क पर घूम रहे एक बेसहारा गोवंश से उनकी बाइक अचानक टकरा गई।आंखों देखी घटना के अनुसार, गोवंश अचानक सड़क पार करने के प्रयास में युवक की बाइक के सामने आ गया, जिससे दिनेश का संतुलन बिगड़ गया। तेज रफ्तार के कारण बाइक गोवंश से जोरदार तरीके से जा टकराई, और दिनेश सड़क पर गिर पड़े। हादसे में गोवंश को भी मामूली चोटें आईं, लेकिन वह मौके से भाग निकला। स्थानीय लोग तुरंत दौड़े और घायल युवक को नंदबई के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए।
चोटें और चिकित्सा सहायता; हादसे के तुरंत बाद दिनेश को गंभीर दर्द हुआ। प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों ने पाया कि उनका जबड़ा बुरी तरह टूट चुका है, साथ ही चेहरे पर गहरी चोटें, सिर में सूजन और संभवतः हड्डियों में फ्रैक्चर है। युवक को तुरंत प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया, जिसमें दर्द निवारक दवाएं, पट्टी बांधना और एक्स-रे कराया गया। चोटों की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें उच्च स्तरीय इलाज के लिए भरतपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।वर्तमान में दिनेश भरतपुर के अस्पताल में भर्ती हैं, जहां सर्जरी की संभावना जताई जा रही है। उनके परिवार वाले भी अस्पताल पहुंच चुके हैं और उनकी स्थिति को लेकर चिंतित हैं। दिनेश एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं और दैनिक मजदूरी करके गुजारा करते हैं। इस हादसे से उनके परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया और समस्या की जड़; नंदबई क्षेत्र में बेसहारा पशुओं की समस्या लंबे समय से चली आ रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बाजार क्षेत्र और बस स्टैंड जैसे व्यस्त स्थानों पर आवारा गायें-बकरी आदि सड़कों पर घूमती रहती हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। एक स्थानीय व्यापारी ने बताया, "यह पहली घटना नहीं है। हर साल दर्जनों ऐसी दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। गौशालाओं का अभाव और पशु पकड़ने की व्यवस्था की कमी से यह समस्या बढ़ती जा रही है।"पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। नंदबई थाना प्रभारी ने कहा कि हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन चूंकि इसमें कोई आपराधिक लापरवाही नहीं पाई गई, इसलिए इसे सड़क हादसा माना जा रहा है। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
सड़क सुरक्षा पर सवाल; यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ी करती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा के मानकों का पालन कितना सख्ती से किया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि व्यस्त सड़कों पर पशु नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और नियमित पशु पकड़ अभियान आवश्यक हैं। साथ ही, वाहन चालकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।