क्या एक 21 साल का युवा खिलाड़ी बड़े मंच पर ऐसा कमाल कर सकता है… कि हार के कगार पर खड़ी टीम अचानक जीत की कहानी लिख दे?

झुंझुनूं का एक युवा… और बड़े मंच पर ऐसा धमाका कि सब हैरान रह गए! जब मैच हाथ से निकलता दिख रहा था, तभी इस खिलाड़ी ने कुछ ऐसा किया जिसने पूरी कहानी बदल दी… आखिर कौन है ये नया सितारा और कैसे बना रातों-रात चर्चा का केंद्र? पूरी कहानी आपको चौंका देगी…

Apr 10, 2026 - 13:36
क्या एक 21 साल का युवा खिलाड़ी बड़े मंच पर ऐसा कमाल कर सकता है… कि हार के कगार पर खड़ी टीम अचानक जीत की कहानी लिख दे?

झुंझुनूं से ईडन गार्डन्स तक: एक ‘तूफानी’ कहानी

राजस्थान के झुंझुनूं जिले के छोटे से इलाके गुढ़ागौड़जी से आने वाले 21 साल के मुकुल दलिप चौधरी ने वो कर दिखाया, जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की थी।

IPL 2026 के एक हाई-वोल्टेज मुकाबले में, जब लखनऊ सुपर जायंट्स हार के करीब थी, तब इस युवा बल्लेबाज़ ने मैच का पूरा रुख बदल दिया।

27 गेंद… 54 रन… और 7 छक्कों का तूफान

कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में खेलते हुए मुकुल ने 27 गेंदों में नाबाद 54 रन ठोक दिए।

  • स्ट्राइक रेट: 200+
  • छक्के: 7
  • मैच: जीत 3 विकेट से

उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स के गेंदबाजों को चारों तरफ से निशाना बनाया और दबाव को पूरी तरह विपक्षी टीम पर डाल दिया।

आखिरी विकेट की साझेदारी बनी ‘गेम चेंजर’

जब मैच हाथ से निकलता दिख रहा था, तब मुकुल ने आवेश खान के साथ मिलकर 8वें विकेट के लिए सिर्फ 22 गेंदों में 54 रन जोड़ दिए।

यह साझेदारी ही मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुई।

पिता का सपना… बेटे की मेहनत

मुकुल की कहानी सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं है—यह एक पिता के सपने और बेटे की मेहनत की कहानी है।

उन्होंने खुद बताया:
“जब मेरे पापा की शादी भी नहीं हुई थी, तब से उनका सपना था कि उनका बेटा क्रिकेट खेले।”

उनके पिता दलिप कुमार चौधरी खुद क्रिकेट के दीवाने रहे हैं।

कठिन आर्थिक हालात के बावजूद उन्होंने अपने बेटे के सपने को जिंदा रखा।

छोटे शहर से बड़े मंच तक का संघर्ष

  • शुरुआत: 12-13 साल की उम्र में क्रिकेट
  • ट्रेनिंग: SBS क्रिकेट अकादमी सीकर
  • आगे की तैयारी: जयपुर की अरावली क्रिकेट अकादमी
  • टी20 अनुभव: गुरुग्राम और दिल्ली में मैच

छोटे शहर में सीमित सुविधाएं, आर्थिक तंगी और शुरुआती असफलताओं के बावजूद मुकुल ने हार नहीं मानी।

असफलता से सीख, फिर धमाकेदार वापसी

  • रणजी डेब्यू में सिर्फ 2 रन
  • टीम से बाहर होना
  • लगातार संघर्ष

लेकिन परिवार के सपोर्ट और खुद के विश्वास ने उन्हें टूटने नहीं दिया।

“मैं फ्रस्ट्रेट हो गया था, लेकिन परिवार की वजह से टिका रहा…” – मुकुल

आईपीएल तक का सफर

लखनऊ सुपर जायंट्स ने IPL 2026 की मिनी ऑक्शन में मुकुल को 30 लाख के बेस प्राइस से बढ़ाकर 2.60 करोड़ रुपये में खरीदा।

यह सिर्फ एक खरीद नहीं थी—यह एक टैलेंट पर भरोसा था, जो अब रंग ला रहा है।

धोनी हैं आदर्श, फिनिशर है पहचान

मुकुल खुद को एक “क्लीन हिटर” और “फिनिशर” मानते हैं।
उनके आदर्श हैं एमएस धोनी—और उनकी बल्लेबाजी में वही आत्मविश्वास और मैच फिनिश करने की झलक साफ दिखती है।

परिवार: सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्टम

  • पिता: शिक्षक से बिजनेसमैन बने
  • मां: बेटे के साथ जयपुर शिफ्ट हुईं
  • बहन: हमेशा सपोर्ट में

यह कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि पूरे परिवार के त्याग की है।

झुंझुनूं से निकला ‘जवान’ मैदान में छा गया

जब उनसे पूछा गया कि छोटे शहर से आकर बड़े मंच पर खेलने का दबाव कैसा था, तो उनका जवाब दिल छू लेने वाला था—

“हमारे यहां लोग सेना में जाते हैं… मैं यहां खेल रहा हूं, वो वहां देश के लिए लड़ते हैं।”

अब सबकी नजरें इस नए सितारे पर

मुकुल दलिप चौधरी ने सिर्फ एक मैच नहीं जीता—
उन्होंने यह साबित कर दिया कि अगर सपना बड़ा हो और मेहनत सच्ची, तो छोटे शहर की सीमाएं भी रास्ता नहीं रोक सकतीं।