3 फीट पानी में निकली अंतिम यात्रा: 2 किमी तक चले ग्रामीण, जलभराव ने बढ़ाया दुख

जोधपुर में भारी बारिश से जलभराव ने जनजीवन प्रभावित किया, चेराई के पांचला खुर्द में एक बुजुर्ग की अंतिम यात्रा में ग्रामीणों को 2 किमी तक गहरे पानी में चलना पड़ा। फसलों का नुकसान और कच्चे मकानों में दरारें भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।

Sep 7, 2025 - 19:51
3 फीट पानी में निकली अंतिम यात्रा: 2 किमी तक चले ग्रामीण, जलभराव ने बढ़ाया दुख

जोधपुर जिले में लगातार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। रविवार को भी भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। ग्रामीण क्षेत्रों, खासकर चेराई और पांचला खुर्द जैसे इलाकों में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर पानी भरने से न केवल दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि गंभीर परिस्थितियों में भी लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

अंतिम यात्रा में पानी बना बाधा

चेराई के पांचला खुर्द में एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां सामेरी भाखरी भाटियों की ढाणी के 82 वर्षीय जोग सिंह भाटी का निधन हो गया। उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने वाले परिजनों और ग्रामीणों को भारी बारिश और जलभराव के कारण करीब 2 किलोमीटर तक ढाई से तीन फीट गहरे पानी में चलकर श्मशान घाट तक पहुंचना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि अंतिम संस्कार के लिए जाने वाला रास्ता पूरी तरह पानी में डूबा हुआ था, जिसके कारण यह दुखद यात्रा और भी कष्टकारी बन गई।

फसलों का नुकसान, घरों में दरारें

स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के कारण चेराई, महादेव नगर और पांचला खुर्द जैसे क्षेत्रों में जलभराव एक आम समस्या बन गई है। इस बारिश ने हजारों बीघा फसलों को नुकसान पहुंचाया है, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। इसके अलावा, कच्चे मकानों में दरारें पड़ने से लोग डर के साये में जी रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश ने न केवल उनकी आजीविका को प्रभावित किया है, बल्कि अब अंतिम संस्कार जैसे पवित्र कार्यों में भी बाधा उत्पन्न हो रही है।

प्रशासन से समाधान की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि हर बारिश में यही स्थिति बनती है, लेकिन नालियों और सड़कों की उचित व्यवस्था न होने के कारण हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे। लोगों ने मांग की है कि सरकार इस समस्या पर ध्यान दे और प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करे।

Web Desk Web Desk The Khatak