कोटा में फॉर्च्यूनर कार से स्मैक तस्करी: महिला-पुरुष गिरफ्तार, 72.47 ग्राम स्मैक और 9.75 लाख नकद जब्त

कोटा के उद्योग नगर थाना पुलिस ने ऑपरेशन गरुड़ व्यूह के तहत नाकाबंदी दौरान एक फॉर्च्यूनर कार से 72.47 ग्राम स्मैक, 9.75 लाख रुपये नकद और चाकू बरामद कर रामस्वरूप उर्फ राजू और राधा बाई को गिरफ्तार किया। आरोपी पिछले 2 साल से चुनिंदा ग्राहकों को ड्रग्स सप्लाई कर रहे थे और पुलिस देखकर भागने की कोशिश की।

Jan 7, 2026 - 11:55
कोटा में फॉर्च्यूनर कार से स्मैक तस्करी: महिला-पुरुष गिरफ्तार, 72.47 ग्राम स्मैक और 9.75 लाख नकद जब्त

राजस्थान के कोटा शहर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई हुई है। उद्योग नगर थाना पुलिस ने एक लग्जरी एसयूवी टोयोटा फॉर्च्यूनर कार से 72.47 ग्राम स्मैक (हेरोइन), 9 लाख 75 हजार रुपये नकद, एक चाकू और खुद कार जब्त करते हुए एक महिला और एक पुरुष को गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस नाकाबंदी देखकर भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने पीछा करके उन्हें दबोच लिया।यह कार्रवाई अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन गरुड़ व्यूह' के तहत की गई। थाना अधिकारी जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम सोमवार (5 जनवरी 2026) को शहर में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए दाईं मुख्य नहर फोरलेन के स्लीप लेन पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच कर रही थी।

घटना का विवरण

पुलिस को दूर से एक फॉर्च्यूनर कार (नंबर RJ20 UD 5786) आती दिखी। नाकाबंदी देखते ही कार चालक ने अचानक गाड़ी मुड़ाने और भागने की कोशिश की। इससे पुलिस को तुरंत संदेह हुआ। पुलिस टीम ने तुरंत पीछा किया और वाहन को रोक लिया।तलाशी लेने पर कार में सवार दो लोगों की पहचान रामस्वरूप उर्फ राजू उर्फ बाबा (पुरुष) और राधा बाई (महिला) के रूप में हुई। इनके पास से 72.47 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली स्मैक बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। साथ ही 9.75 लाख रुपये नकद, एक धारदार चाकू और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही फॉर्च्यूनर कार भी जब्त कर ली गई।आरोपियों के खिलाफ उद्योग नगर थाने में एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांसेज एक्ट) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ और जांच शुरू कर दी गई है।

तस्करों का पुराना नेटवर्क

थाना अधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों आरोपी पिछले डेढ़ से दो वर्षों से स्मैक की तस्करी में सक्रिय थे। इनका तरीका काफी चालाकी भरा था – वे मादक पदार्थ केवल चुनिंदा और विश्वसनीय ग्राहकों को ही सप्लाई करते थे। बेचने वालों को अपना घर का पता तक नहीं बताते थे, जिसके कारण लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहे।पुलिस अब तस्करी से कमाई गई संपत्तियों की जांच कर रही है। संभावना है कि नकद राशि और लग्जरी कार भी इसी अवैध कारोबार से अर्जित की गई हो। जांच में अगर और संपत्तियां मिलीं तो उन्हें भी जब्त किया जा सकता है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.