हनुमान बेनीवाल की हुंकार: नागौर में रेलवे लाइन, कानून व्यवस्था और बजरी माफिया पर आक्रोश

नागौर में 15 जुलाई 2025 को सांसद हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में रालोपा की जन आक्रोश रैली हुई, जिसमें किसानों के मुआवजे, थार एक्सप्रेस-वे सर्वे, कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे उठाए गए, साथ ही अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा की गई। जिला प्रशासन ने धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा और सीसीटीवी निगरानी के साथ कड़े सुरक्षा इंतजाम किए।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
July 15, 2025 • 6:11 PM  763
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हनुमान बेनीवाल की हुंकार: नागौर में रेलवे लाइन, कानून व्यवस्था और बजरी माफिया पर आक्रोश
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हनुमान बेनीवाल की हुंकार: नागौर में रेलवे लाइन, कानून व्यवस्था और बजरी माफिया पर आक्रोश

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में आज नागौर जिला मुख्यालय के पशु प्रदर्शनी स्थल पर विशाल जन आक्रोश रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में हजारों की संख्या में स्थानीय लोग, किसान, पशुपालक और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। रैली के बाद सांसद बेनीवाल ने कई जनहित के मुद्दों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा की।

रैली स्थल पर विशाल वाटरप्रूफ पंडाल लगाया गया था, जिसे देखने के लिए रालोपा के पूर्व विधायक नारायण बेनीवाल ने एक दिन पहले व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। जन आक्रोश सभा के मंच पर पूर्व विधायक इंदिरा बावरी, नारायण बेनीवाल, विधानसभा चुनाव प्रत्याशी कनिका बेनीवाल सहित रालोपा के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी मौजूद थे। सांसद हनुमान बेनीवाल ने रैली को संबोधित करते हुए प्रशासन और सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए।

जनहित के प्रमुख मुद्दे

रैली में कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया गया, जिनमें शामिल हैं:

  • भूमि अवाप्ति में कम मुआवजा: रास-मेड़ता और मेड़ता-पुष्कर रेलवे लाइन के लिए भूमि अवाप्ति में किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिलने और मनमाफिक प्रक्रिया अपनाने का आरोप।

  • थार एक्सप्रेस-वे में गलत सर्वे: जयपुर-नागौर-फलौदी के प्रस्तावित थार एक्सप्रेस-वे के सर्वे में अनियमितताओं की शिकायत।

  • कानून व्यवस्था की स्थिति: नागौर जिले में बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराधों पर चिंता।

  • बजरी माफिया का आतंक: अवैध बजरी खनन और माफियाओं की मनमर्जी के खिलाफ कार्रवाई की मांग।

  • सीमेंट और सोलर कंपनियों की मनमानी: स्थानीय संसाधनों के दुरुपयोग और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने की शिकायत।

  • संस्थागत भ्रष्टाचार: विभिन्न सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने की मांग।

  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: समय पर उचित क्लेम न मिलने और बीमा कंपनियों व दलालों के गठजोड़ की शिकायत।

  • पशु परिवहन में समस्याएं: पशु मेलों में पशुपालकों द्वारा बेचे गए पशुओं के परिवहन में आने वाली दिक्कतें।发布的

पुलिस और प्रशासन के इंतजाम

रैली को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने धारा 163 के तहत जिला मुख्यालय, सर्किट हाउस से कलेक्ट्रेट, रेलवे तिराहा से कोर्ट परिसर, कलेक्ट्रेट, और एसपी ऑफिस से निकास गेट तक के क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू की। इसके अलावा, नगर परिषद ने पशु प्रदर्शनी स्थल से कलेक्ट्रेट तक सीसीटीवी कैमरे लगाए, ताकि रैली की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

बेनीवाल के आरोप और मांगें

सांसद हनुमान बेनीवाल ने अपने संबोधन में सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह रैली केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की आवाज है जिनके हक और अधिकारों को दबाया जा रहा है। बेनीवाल ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो यह आंदोलन और तेज होगा। रालोपा ने पहले भी रियां बड़ी में बजरी खनन के खिलाफ इसी तरह की रैली आयोजित की थी, जिसके बाद सरकार को लीज निरस्त करने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन देना पड़ा था।

रैली में भारी संख्या में स्थानीय लोगों की भागीदारी देखी गई। सोशल मीडिया पर भी इस रैली को लेकर व्यापक चर्चा हुई, जिसमें कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने इसे किसानों, पशुपालकों और आम जनता के हक की लड़ाई बताया।

हनुमान बेनीवाल ने घोषणा की कि रैली के बाद वे और उनके समर्थक अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे, जब तक कि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती। इस धरने का उद्देश्य सरकार पर दबाव बनाना और जनहित के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है।

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