अंता विधानसभा उपचुनाव: 11वें राउंड में कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया ने बनाई मजबूत बढ़त, निर्दलीय नरेश मीणा 7171 वोट पीछे
अंता विधानसभा उपचुनाव के 11वें राउंड में कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया 7171 वोटों से आगे, निर्दलीय नरेश मीणा दूसरे और भाजपा के मोरपाल सुमन तीसरे स्थान पर; 9 राउंड बाकी।
बारां (राजस्थान), 14 नवंबर 2025:
राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में मतगणना का रोमांच चरम पर पहुंच गया है। सुबह से शुरू हुई वोटों की गिनती में अब तक 11 राउंड पूरे हो चुके हैं, और कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया ने अपनी लीड को मजबूती से बनाए रखा है। वे निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा से करीब 7171 वोटों से आगे चल रहे हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी मोरपाल सुमन सभी राउंडों में तीसरे स्थान पर बने हुए हैं, जो पार्टी के लिए चिंता की बात है। अभी तक कुल 9 राउंड की गिनती बाकी है, जिससे मुकाबला और भी रोचक हो सकता है।
अब तक की मतगणना का विवरण; मतगणना केंद्र पर सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू हुई, और अब तक 1 लाख से अधिक मतदाताओं के वोट गिने जा चुके हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया: 40,047 वोट
निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा: 32,876 वोट (कांग्रेस से 7,171 वोट पीछे)
भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन: 29,707 वोट
ये आंकड़े 11 राउंड की गिनती के बाद के हैं। प्रत्येक राउंड में औसतन 8,000-10,000 वोट गिने जा रहे हैं, और बाकी 9 राउंडों में करीब 80,000-90,000 वोटों की गिनती होनी बाकी है। कुल मतदान प्रतिशत की बात करें तो उपचुनाव में करीब 65-70% वोटिंग हुई थी, जिसमें ग्रामीण इलाकों से भारी मतदान दर्ज किया गया।
प्रमुख उम्मीदवारों का प्रदर्शन; प्रमोद जैन भाया (कांग्रेस): पूर्व में कई बार विधायक रह चुके भाया इस उपचुनाव में कांग्रेस की मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं। वे शुरूआती राउंडों से ही लीड बनाए हुए हैं और 11वें राउंड तक अपनी बढ़त को दोगुना से अधिक रखने में सफल रहे। कांग्रेस कार्यकर्ता मतगणना केंद्र के बाहर जश्न मना रहे हैं, और भाया के समर्थक उन्हें विजयी मानकर उत्साहित हैं।
नरेश मीणा (निर्दलीय): मीणा समुदाय के प्रभावशाली नेता नरेश मीणा ने निर्दलीय लड़कर सभी को चौंकाया है। वे दूसरे स्थान पर मजबूती से कायम हैं, लेकिन कांग्रेस से पीछे चल रहे हैं। उनकी रणनीति मीणा वोट बैंक को एकजुट करने पर केंद्रित थी, जो काफी हद तक सफल दिख रही है। हालांकि, बाकी राउंडों में अगर वे स्पर्ट दिखाते हैं, तो मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है।
मोरपाल सुमन (भाजपा): भाजपा के लिए यह उपचुनाव निराशाजनक साबित हो रहा है। सुमन सभी 11 राउंडों में तीसरे नंबर पर रहे हैं, और उनकी वोट शेयर कांग्रेस व निर्दलीय से काफी कम है। पार्टी के स्थानीय नेता इसे 'वोट कटवा' निर्दलीय की वजह से होने वाली हार बता रहे हैं, लेकिन भाजपा की आंतरिक कलह भी इसका कारण मानी जा रही है।
पृष्ठभूमि और मुद्दे; अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव कांग्रेस विधायक की मृत्यु के कारण हुआ था। यह सीट बारां जिले में आती है, जहां मीणा, गुर्जर और दलित वोटरों का बड़ा प्रभाव है। चुनाव प्रचार के दौरान जल संकट, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी और स्थानीय विकास प्रमुख मुद्दे रहे। कांग्रेस ने केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों पर हमला बोला, जबकि भाजपा ने मोदी सरकार की योजनाओं को हाइलाइट किया। निर्दलीय नरेश मीणा ने जातीय समीकरणों को भुनाने की कोशिश की।मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं, और ईवीएम व वीवीपैट की जांच चल रही है। चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक मौके पर मौजूद हैं। बाकी राउंडों में अगर कोई बड़ा उलटफेर होता है, तो परिणाम बदल सकता है, लेकिन फिलहाल कांग्रेस की जीत की राह आसान दिख रही है।
आगे की संभावनाएं: अभी 9 राउंड बाकी हैं, और ग्रामीण बूथों के वोट अंतिम राउंडों में गिने जाएंगे, जहां निर्दलीय मीणा को फायदा हो सकता है। यदि कांग्रेस अपनी लीड बनाए रखती है, तो यह पार्टी के लिए राजस्थान में मजबूत संदेश होगा। परिणाम दोपहर बाद या शाम तक स्पष्ट हो सकते हैं।