सीएम शुभेन्दु अधिकारी के फैसले के बाद बॉर्डर पर बढ़ी सुरक्षा: BSF ने शुरू की फेंसिंग, सीमा इलाकों में राहत

भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने BSF को 27 किलोमीटर जमीन सौंप दी है। सिलीगुड़ी के फांसीदेवा इलाके में फेंसिंग का काम शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों ने इसे सुरक्षा और राहत से जुड़ा बड़ा कदम बताया है।

May 22, 2026 - 12:00
सीएम शुभेन्दु अधिकारी के फैसले के बाद बॉर्डर पर बढ़ी सुरक्षा: BSF ने शुरू की फेंसिंग, सीमा इलाकों में राहत

भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) को 27 किलोमीटर जमीन सौंप दी है, जिसके बाद सिलीगुड़ी सब-डिवीजन के फांसीदेवा इलाके में सीमा पर फेंसिंग का काम शुरू कर दिया गया है।

लंबे समय से लंबित जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब जमीनी स्तर पर तेजी से काम चल रहा है। सीमावर्ती इलाके से सामने आई तस्वीरों में BSF और संबंधित एजेंसियों को फेंसिंग का कार्य करते देखा जा सकता है।

माना जा रहा है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद भारत-बांग्लादेश सीमा पर निगरानी और सुरक्षा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएगी। यह इलाका लंबे समय से अवैध घुसपैठ और सुरक्षा चुनौतियों के कारण संवेदनशील माना जाता रहा है।

स्थानीय लोगों ने जताई राहत

फेंसिंग का काम शुरू होने के बाद सीमावर्ती गांवों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से वे असुरक्षा और डर के माहौल में जी रहे थे।

स्थानीय निवासी अनिल घोष ने कहा कि पहले इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर थी। उन्होंने बताया कि हालात इतने खराब थे कि लोग पशुपालन तक करने से डरते थे।

उन्होंने कहा,
“यह सिर्फ पश्चिम बंगाल नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा का मामला था। अब हमें लगता है कि हम सुरक्षित हैं।”

“अब चैन से सो पाएंगे”

एक अन्य निवासी नारायण साहा ने कहा कि गांव वालों की लंबे समय से सीमा पर फेंसिंग की मांग थी, लेकिन पहले इसे पूरा नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि अब लोगों को राहत महसूस हो रही है और गांव में सुरक्षा का माहौल बना है।

नारायण साहा के अनुसार,
“अब हमें लगता है कि हम आजादी से सांस ले सकते हैं और चैन से सो सकते हैं।”

राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला

स्थानीय निवासी शिवम मोदक ने इस परियोजना को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग लंबे समय से खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे थे।

उनका कहना था कि जमीन मिलने के बाद अब BSF सीमा पर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था तैयार कर सकेगा, जिससे अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने की थी घोषणा

यह घटनाक्रम उस घोषणा के कुछ दिनों बाद सामने आया है, जिसमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने कहा था कि राज्य सरकार सीमा फेंसिंग, सीमा चौकियों और BSF के बुनियादी ढांचे के लिए अतिरिक्त जमीन देने को तैयार है।

मुख्यमंत्री ने पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर सहयोग नहीं करने का आरोप भी लगाया था।

उन्होंने कहा था कि सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया था कि 45 दिनों के भीतर जमीन गृह मंत्रालय को सौंप दी जाएगी, ताकि BSF सीमा फेंसिंग का काम पूरा कर सके।

घुसपैठ और सुरक्षा चुनौतियों पर लगेगी रोक

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग का विस्तार अवैध घुसपैठ, तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर नियंत्रण लगाने में अहम भूमिका निभाएगा।

सिलीगुड़ी और आसपास के सीमावर्ती इलाके रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ऐसे में यहां सुरक्षा मजबूत करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है।

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