सब्सिडी वाले सिलेंडर की कालाबाजारी पर लगेगी रोक,रसोई गैस सिलेंडर के लिए अब ओटीपी जरूरी

सरकार ने NFSA और उज्जवला लाभार्थियों के लिए रसोई गैस सिलेंडर की डिलीवरी OTP के आधार पर करने का फैसला किया है, ताकि सब्सिडी का सही उपयोग हो और कालाबाजारी रुके।

Sep 10, 2025 - 13:16
सब्सिडी वाले सिलेंडर की कालाबाजारी पर लगेगी रोक,रसोई गैस सिलेंडर के लिए अब ओटीपी जरूरी

राज्य सरकार ने नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA) और उज्जवला योजना के लाभार्थियों के लिए रसोई गैस सिलेंडर की डिलीवरी को और सुरक्षित करने का फैसला किया है। अब इन लाभार्थियों को सिलेंडर लेने के लिए ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) दिखाना होगा। सरकार ने तेल कंपनियों (इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि वे सब्सिडी वाले सिलेंडर की डिलीवरी केवल ओटीपी के आधार पर ही करें। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे और कालाबाजारी पर रोक लगे।

क्यों लिया गया यह फैसला?

राज्य में करीब 70 लाख NFSA लाभार्थी परिवार हैं, जिन्हें सरकार हर सिलेंडर पर 450 रुपये की सब्सिडी देती है। वहीं, उज्जवला योजना के लाभार्थियों को केंद्र सरकार 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी दे रही है। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए लाभार्थियों के खाते में पहुंचती है। लेकिन, खाद्य आपूर्ति विभाग के सूत्रों के मुताबिक, कुछ लोग या गैस एजेंसी संचालक लाभार्थियों के नाम पर सिलेंडर बुक करवाकर उन्हें बाजार में ऊंची कीमत पर बेच रहे हैं। इससे सरकार को हर महीने करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।

पहले कितने सिलेंडर लेते थे लाभार्थी?

सब्सिडी शुरू होने से पहले NFSA और उज्जवला लाभार्थी औसतन साल में 6 से 9 सिलेंडर ही लेते थे। लेकिन अब ये लाभार्थी हर महीने सिलेंडर रिफिल कर रहे हैं, क्योंकि सरकार साल में 12 सिलेंडर तक सब्सिडी दे रही है। इस वजह से शक है कि कुछ लोग लाभार्थियों के नाम पर सिलेंडर बुक कर कालाबाजारी कर रहे हैं।

ओटीपी से कैसे रुकेगी कालाबाजारी?

नई व्यवस्था के तहत, जब कोई लाभार्थी सिलेंडर बुक करेगा, तो डिलीवरी के समय उसे एक ओटीपी मिलेगा। यह ओटीपी दिखाने के बाद ही सिलेंडर दिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सिलेंडर सही व्यक्ति तक पहुंच रहा है। खाद्य आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त आयुक्त ने पत्र में साफ कहा है कि इस कदम से सब्सिडी की गलत इस्तेमाल को रोका जा सकेगा और सरकारी खजाने को होने वाले नुकसान पर अंकुश लगेगा।

सरकार का लक्ष्य

सरकार का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि NFSA और उज्जवला योजना का लाभ केवल असली हकदारों को मिले। ओटीपी सिस्टम से न केवल कालाबाजारी पर रोक लगेगी, बल्कि सब्सिडी की राशि का सही उपयोग भी होगा। यह कदम गरीब परिवारों को सस्ती रसोई गैस उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।

Web Desk Web Desk The Khatak