बाड़मेर गर्ल्स कॉलेज में फीस वृद्धि के विरोध में छात्राओं का जोरदार प्रदर्शन

बाड़मेर के सरकारी गर्ल्स कॉलेज की छात्राओं ने जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी द्वारा परीक्षा शुल्क तीन गुना बढ़ाने के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। एबीवीपी के बैनर तले छात्राओं ने कॉलेज गेट पर ताला लगाया, सड़क जाम की और पुरानी फीस बहाल करने की मांग पर अड़ी रहीं। पुलिस और प्रिंसिपल की मध्यस्थता से वीसी से बात हुई, जहां 850 रुपये की कमी का आश्वासन मिला, लेकिन छात्राएं संतुष्ट नहीं हुईं।

Dec 20, 2025 - 13:56
बाड़मेर गर्ल्स कॉलेज में फीस वृद्धि के विरोध में छात्राओं का जोरदार प्रदर्शन

बाड़मेर, राजस्थान (दिसंबर 2025): बाड़मेर के सरकारी गर्ल्स कॉलेज (एमबीसी गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज) में परीक्षा शुल्क में अचानक तीन गुना वृद्धि करने के फैसले के खिलाफ छात्राओं ने शनिवार को बड़ा प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के बैनर तले छात्राओं ने कॉलेज गेट पर ताला जड़ दिया, सड़क पर धरना देकर रास्ता जाम कर दिया और जिला कलेक्टर, यूनिवर्सिटी तथा कुलपति (वीसी) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन करीब तीन घंटे तक चला, जिससे इलाके में यातायात प्रभावित हुआ।

प्रदर्शन की शुरुआत और कारण प्रदर्शन की शुरुआत सुबह से हुई जब छात्राएं कॉलेज गेट पर एकत्रित हुईं। उन्होंने गेट पर ताला लगा दिया और किसी को भी अंदर जाने नहीं दिया, जिसमें प्रिंसिपल और लेक्चरर भी शामिल थे। कुछ स्टाफ सदस्य कॉलेज के अंदर ही फंसे रहे। छात्राओं का मुख्य आरोप है कि जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी (जोधपुर) ने प्रति सेमेस्टर परीक्षा शुल्क को पहले के 1200-1400 रुपये से बढ़ाकर 3100-3300 रुपये कर दिया है। छात्राओं ने कहा, "हम गांवों से आकर पढ़ाई करती हैं। इतनी बढ़ी हुई फीस भरना हमारे लिए असंभव है। यूनिवर्सिटी ने शिक्षा को व्यापार बना लिया है। यह अनैतिक और अव्यावहारिक है। हम पुरानी फीस को ही यथावत रखने की मांग कर रही।

पुलिस का पहुंचना और स्थिति नियंत्रण प्रदर्शन की सूचना मिलते ही डीएसपी अरविंद जागीड़, कोतवाल मनोज कुमार और पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने छात्राओं और कॉलेज प्रशासन से बातचीत की। रास्ता जाम होने से आमजन को काफी परेशानी हुई। डीएसपी ने स्थिति को शांत करने की कोशिश की।

वीसी से तीन बार बातचीत कॉलेज प्रिंसिपल मुकेश पचौरी ने यूनिवर्सिटी के कुलपति को फोन किया और स्पीकर पर छात्राओं से बात करवाई। पहली दो बार वीसी ने फोन नहीं उठाया। तीसरी बार डीएसपी अरविंद जागीड़ ने फोन लगवाया। वीसी ने कहा कि फीस में 800 रुपये की कमी कर दी गई है, लेकिन छात्राएं पुरानी फीस बहाल करने पर अड़ी रहीं। वे तीन गुना वृद्धि को पूरी तरह वापस लेने की मांग पर डटी हुई थीं। प्रिंसिपल मुकेश पचौरी ने छात्राओं को आश्वासन दिया कि पहले से 850 रुपये कम कर दिए गए हैं और आगे भी कमी करने की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा, "कुलपति और यूनिवर्सिटी प्रशासन गंभीरता से विचार कर रहा है। छात्राओं को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है।"

प्रदर्शन का प्रभाव प्रदर्शन के दौरान कॉलेज में पढ़ाई पूरी तरह ठप रही। छात्राओं ने साफ कहा कि जब तक फीस पुरानी दर पर बहाल नहीं होती, वे प्रदर्शन जारी रखेंगी। यह घटना राजस्थान में सरकारी कॉलेजों में फीस वृद्धि के मुद्दे पर बढ़ते असंतोष को दर्शाती है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं के लिए। फिलहाल प्रदर्शन समाप्त हो गया है, लेकिन छात्राएं यूनिवर्सिटी के अंतिम फैसले का इंतजार कर रही हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.