“120 दिन… और अब भी 14 वर्षीय बच्ची गायब ! शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी का पुलिस पर फूटा गुस्सा”

बाड़मेर के शिव क्षेत्र में 14 वर्षीय बालिका के चार महीने से लापता होने का मामला तूल पकड़ गया है। पुलिस की धीमी कार्रवाई से नाराज़ परिवार और समाज के बीच रविंद्र सिंह भाटी ने थाने का घेराव कर धरना दिया। उन्होंने मामले में SIT गठन और तेज जांच की मांग की। बढ़ते दबाव के बाद प्रशासन हरकत में आया है।

May 6, 2026 - 16:27
“120 दिन… और अब भी 14 वर्षीय बच्ची गायब ! शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी का पुलिस पर फूटा गुस्सा”

बाड़मेर शिव 6 मई 2026:-  सरहदी जिले बाड़मेर के शिव विधानसभा क्षेत्र में एक नाबालिग बालिका के चार महीने से लापता होने का मामला अब गंभीर राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन चुका है। 14 साल की बच्ची के अचानक गायब होने के बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर परिवार और स्थानीय समाज में गहरी नाराज़गी है। इस बीच रविंद्र सिंह भाटी के सीधे हस्तक्षेप ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।

चार महीने बाद भी खाली हाथ पुलिस

जानकारी के अनुसार, गवारिया समाज की 14 वर्षीय बालिका करीब 120 दिन पहले घर से निकली थी, लेकिन उसके बाद से वह वापस नहीं लौटी। परिवार ने बार-बार पुलिस से मदद की गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।

परिवार का आरोप है कि शुरुआत से ही जांच में गंभीरता की कमी रही

इतने लंबे समय के बाद भी पुलिस के पास कोई स्पष्ट सुराग नहीं

स्थानीय लोगों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है

विधायक भाटी का एक्शन: थाने का घेराव

बुधवार को विधायक रविंद्र सिंह भाटी पीड़ित परिवार के समर्थन में खुद मैदान में उतर आए। उन्होंने समर्थकों के साथ शिव थाने का घेराव किया और वहीं धरने पर बैठ गए।

भाटी ने साफ कहा कि एक नाबालिग का इतने लंबे समय तक लापता रहना बेहद गंभीर मामला है और इसे सामान्य ढंग से नहीं लिया जा सकता। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे प्रशासनिक विफलता बताया।

मुख्य मांगें और चेतावनी

धरने के दौरान विधायक ने प्रशासन के सामने कई अहम मांगें रखीं:

मामले की जांच के लिए विशेष टीम (SIT) गठित की जाए

साइबर सेल की मदद लेकर हर संभावित एंगल की जांच हो

जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए

साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को पूरे जिले में फैलाया जाएगा।

पीड़ित परिवार की अपील

धरने में मौजूद परिवार के सदस्यों ने भावुक होकर सिर्फ अपनी बेटी की सुरक्षित वापसी की मांग की। उनका कहना है कि वे पिछले चार महीनों से न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है।

क्या हो सकते हैं संभावित एंगल?

मामले की गंभीरता को देखते हुए अब कई पहलुओं पर चर्चा हो रही है:

क्या यह मानव तस्करी से जुड़ा मामला हो सकता है?

क्या किसी निजी रंजिश के कारण बच्ची को गायब किया गया?

या फिर कोई संगठित अपराध इसके पीछे हो सकता है?

हालांकि इन सभी बिंदुओं की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगी।

प्रशासन में हलचल तेज

विधायक के धरने और बढ़ते जनदबाव के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आया है। सूत्रों के मुताबिक अब इस केस को उच्च स्तर पर मॉनिटर किया जा रहा है और जल्द ही विशेष जांच टीम गठित होने की संभावना है।

चार महीने से लापता एक मासूम की तलाश अब सिर्फ एक परिवार की लड़ाई नहीं रही, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही और कानून व्यवस्था की परीक्षा बन गई है। विधायक रविंद्र सिंह भाटी के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी कायम है—आखिर वो बच्ची कहां है?