बाड़मेर में भीषण बस हादसा: टायर फटने से अनियंत्रित बस मंदिर की दीवार में घुसी, 12 घायल; ड्राइवर को JCB से निकाला, लोहे की चादर तोड़ी
बाड़मेर के नींबड़ी माता मंदिर के पास प्राइवेट बस का टायर फटने से अनियंत्रित होकर दीवार में घुस गई। 12 यात्री घायल, ड्राइवर फंस गया जिसे JCB से निकाला। किसी की जान नहीं गई, गनीमत रही मंदिर गेट खाली था।
बाड़मेर, राजस्थान – सोमवार शाम करीब 6 बजे बाड़मेर जिले के सदर थाना क्षेत्र में चौहटन रोड पर स्थित नींबड़ी माता मंदिर के पास एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। एमआर प्राइवेट बस (बाड़मेर से जैसार चौहटन की ओर जा रही) का अचानक टायर फट गया, जिससे बस बेकाबू हो गई और मंदिर की दीवार में जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में बस के आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और ड्राइवर बस के अंदर फंस गया। कुल 12 यात्री घायल हुए, हालांकि किसी की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है।
हादसे का विवरण
बस सवारियों से खचाखच भरी हुई थी और सामान्य गति से चल रही थी। नींबड़ी माता मंदिर के पास पहुंचते ही अचानक टायर ब्लास्ट (फटने) की आवाज आई। बस अनियंत्रित होकर सीधे मंदिर के गेट के पास दीवार से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का आगे का हिस्सा दीवार में धंस गया और लोहे की चादरें मुड़कर ड्राइवर को जकड़ लिया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लोग चीखने-चिल्लाने लगे और भीड़ जमा हो गई।सौभाग्य रहा कि उस समय मंदिर के गेट पर कोई श्रद्धालु नहीं था, अन्यथा हादसा और भी भयानक रूप ले सकता था। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल यात्रियों को बस से बाहर निकाला। चार गंभीर रूप से घायलों को प्राइवेट कारों और एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ यात्री सदमे में बेहोश भी हो गए।
ड्राइवर को JCB से निकाला
ड्राइवर के पैर बस के मुड़े हुए लोहे और क्षतिग्रस्त हिस्से में बुरी तरह फंस गए थे। स्थानीय लोगों ने हाथों-हाथ कई प्रयास किए, लेकिन ड्राइवर को बाहर नहीं निकाला जा सका। अंत में पुलिस ने JCB मशीन बुलाई। JCB ने बस के पिचके हुए आगे के हिस्से और लोहे की चादर को तोड़कर ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम सक्रिय रही।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
मौके पर सदर थाना पुलिस, डीएसपी रमेश कुमार शर्मा, सीआई करतार सिंह और कोतवाली थाने के सीआई मनोज कुमार पहुंचे। सीआई मनोज कुमार ने बताया, "टायर ब्लास्ट होने से बस अनियंत्रित हो गई और मंदिर की दीवार में घुस गई। कुल 12 लोग घायल हुए हैं, लेकिन कोई भी बहुत गंभीर रूप से घायल नहीं है। कुछ लोग सदमे की वजह से बेहोश हुए। सभी का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।"जिला अस्पताल में भी पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पहुंचे और अस्पताल प्रशासन को अलर्ट किया गया ताकि घायलों को तुरंत बेहतर इलाज मिल सके।यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहनों के रखरखाव की कमी को उजागर करता है। टायर फटने जैसी छोटी सी चूक ने पूरे हादसे को जन्म दिया। पुलिस जांच कर रही है कि टायर की स्थिति कैसी थी और क्या कोई अन्य तकनीकी खामी थी।