रील्स की दुनिया में छाई अनीता बिश्नोई, जानिए कैसे बनीं राजस्थान की चर्चित सोशल मीडिया स्टार
जोधपुर की लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर अनीता बिश्नोई इन दिनों सुर्खियों में हैं। खेतों में ट्रैक्टर चलाने से लेकर राजस्थानी संस्कृति को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पहचान दिलाने तक, उनका सफर लाखों लोगों के लिए प्रेरणा रहा है। जानिए अनीता बिश्नोई की A to Z कहानी, परिवार, करियर, सोशल मीडिया फेम और विवादों से जुड़ी पूरी जानकारी।
जोधपुर। सोशल मीडिया की चमक-दमक के पीछे छिपे मानसिक दबाव और ऑनलाइन ट्रोलिंग का एक बेहद दर्दनाक मामला राजस्थान के जोधपुर से सामने आया है। लाखों लोगों के बीच अपनी पहचान बनाने वाली लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर अनीता बिश्नोई ने कथित तौर पर लगातार हो रही ऑनलाइन ट्रोलिंग और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर जहर खा लिया। गंभीर अवस्था में उन्हें बुधवार को जोधपुर के मथुरादास माथुर (एमडीएम) अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार शुरुआती गंभीर स्थिति के बाद गुरुवार को उनके स्वास्थ्य में सुधार देखा गया है। डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं और फिलहाल उनकी हालत पहले की तुलना में अधिक स्थिर बताई जा रही है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर बढ़ती साइबर बुलिंग, ऑनलाइन नफरत और कंटेंट क्रिएटर्स पर पड़ने वाले मानसिक प्रभाव को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
अस्पताल में चल रहा उपचार, डॉक्टरों ने बताई स्थिति
एमडीएम अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार अनीता बिश्नोई को गंभीर अवस्था में भर्ती कराया गया था। यूनिट हेड डॉ. अमित सागर ने बताया कि मरीज को गहन चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक संकट की स्थिति के बाद अब स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार दिखाई दे रहा है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और उपचार पर प्रतिक्रिया भी बेहतर मिल रही है।
हालांकि मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं, वहीं कुछ सूत्रों ने पारिवारिक विवाद की संभावना भी जताई है। पुलिस और परिजन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जानकारी जुटा रहे हैं।
कौन हैं अनीता बिश्नोई?
अनीता बिश्नोई राजस्थान के जोधपुर में रहने वाली एक लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर और कंटेंट क्रिएटर हैं। उन्होंने अपनी सादगी, ग्रामीण जीवनशैली और राजस्थानी संस्कृति को सोशल मीडिया के माध्यम से लाखों लोगों तक पहुंचाया है।
मूल निवास और परिवार
32 वर्षीय अनीता मूल रूप से जैसलमेर जिले के लाठी गांव की रहने वाली हैं। वर्तमान में वे जोधपुर के बनाड़ थाना क्षेत्र स्थित शिकारगढ़ इलाके में निवास करती हैं।
वे एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखती हैं और बिश्नोई समाज से आती हैं, जो पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों के प्रति अपनी संवेदनशीलता के लिए देशभर में प्रसिद्ध है।
अनीता विवाहित हैं। उनके पति दीनाराम बिश्नोई खेती और ट्यूबवेल संचालन का कार्य करते हैं और सोशल मीडिया के सफर में उन्होंने अनीता का हर कदम पर साथ दिया।
कैसे शुरू हुआ सोशल मीडिया का सफर?
अनीता ने वर्ष 2018 के आसपास सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर छोटे-छोटे वीडियो बनाना शुरू किया था। शुरुआत में वे राजस्थानी संस्कृति, लोकगीतों और ग्रामीण जीवन से जुड़े वीडियो साझा करती थीं।
उनकी लोकप्रियता को सबसे बड़ा मुकाम वर्ष 2022 में मिला, जब "हनुमान हठीला" भजन पर बनाया गया उनका एक वीडियो वायरल हो गया। इस वीडियो को लाखों लोगों ने देखा और इसके बाद उनकी पहचान तेजी से बढ़ने लगी।
पति ने निभाई बड़ी भूमिका
अनीता की मेहनत और लगन को देखते हुए उनके पति दीनाराम ने भी उनका पूरा सहयोग किया। उन्होंने यूट्यूब के माध्यम से वीडियो एडिटिंग सीखकर खुद अनीता के वीडियो तैयार करने शुरू किए।
धीरे-धीरे अनीता का नाम ग्रामीण कंटेंट क्रिएटर्स की दुनिया में तेजी से उभरने लगा।
क्या था उनका खास कंटेंट?
अनीता बिश्नोई की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण उनका वास्तविक और जमीन से जुड़ा कंटेंट रहा।
वे खेतों में काम करते हुए वीडियो बनाती थीं, ट्रैक्टर चलाते हुए नजर आती थीं और ग्रामीण महिलाओं के जीवन को सोशल मीडिया पर प्रस्तुत करती थीं।
उनके वीडियो में राजस्थानी पहनावा, घूंघट, लोकसंस्कृति, खेती-किसानी और सामाजिक संदेश प्रमुख रूप से दिखाई देते थे।
यही कारण रहा कि लोग उन्हें एक सामान्य इन्फ्लूएंसर नहीं बल्कि ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की प्रतीक के रूप में देखने लगे।
लाखों में है फैन फॉलोइंग
सोशल मीडिया पर अनीता की लोकप्रियता का अंदाजा उनके फॉलोअर्स से लगाया जा सकता है।
- फेसबुक पर 14 लाख से अधिक फॉलोअर्स
- इंस्टाग्राम पर 7 लाख 34 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स
- लाखों लोगों तक पहुंचने वाले वीडियो और रील्स
ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली अनीता ने बेहद कम समय में सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
कुछ समय पहले अनीता बिश्नोई ने महिलाओं के पहनावे को लेकर एक वीडियो साझा किया था। वीडियो में उन्होंने कहा था—
"अगर कपड़े छोटे हो गए, तो शर्म कहां से आएगी?"
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने उनकी बात का समर्थन किया, जबकि कई यूजर्स ने इसे महिलाओं की स्वतंत्रता के खिलाफ बताते हुए आलोचना शुरू कर दी।
इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें लगातार ट्रोल किया जाने लगा। आरोप है कि कुछ अन्य कंटेंट क्रिएटर्स ने भी इस विवाद को बढ़ाते हुए उनके खिलाफ निजी टिप्पणियां और आरोप लगाने शुरू कर दिए।
लाइव के दौरान खाया जहर
जानकारी के अनुसार लगातार ट्रोलिंग, आपत्तिजनक टिप्पणियों और मानसिक दबाव से परेशान होकर अनीता बिश्नोई ने 3 जून 2026 को इंस्टाग्राम लाइव के दौरान जहर खा लिया।
बताया जा रहा है कि लाइव के दौरान वे भावुक हो गईं और रोते हुए कहा—
"मैंने सिर्फ छोटे कपड़ों को लेकर वीडियो बनाया था, लेकिन अब मुझे बदनाम किया जा रहा है।"
इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और परिजनों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
साइबर बुलिंग पर फिर उठे सवाल
अनीता बिश्नोई का मामला केवल एक सोशल मीडिया विवाद नहीं बल्कि डिजिटल दौर की एक गंभीर सामाजिक चुनौती को भी सामने लाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बढ़ती ट्रोलिंग, व्यक्तिगत हमले और चरित्र हनन जैसी घटनाएं कई बार लोगों को गहरे मानसिक तनाव में धकेल देती हैं।
अनीता की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी व्यक्ति को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना उचित है?
फिलहाल अनीता बिश्नोई अस्पताल में उपचाराधीन हैं और चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। वहीं उनके समर्थक और शुभचिंतक जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।