तस्कर मां-बेटे के अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर, 1.5 बीघा जमीन मुक्त; 360 किलो डोडा पोस्त केस में 20 साल की सजा

कोटा ग्रामीण पुलिस ने नशा तस्करी और अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तस्कर मां-बेटे के अवैध मकानों पर बुलडोजर चलाया और 1.5 बीघा सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया।

Jun 5, 2026 - 13:13
तस्कर मां-बेटे के अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर, 1.5 बीघा जमीन मुक्त; 360 किलो डोडा पोस्त केस में 20 साल की सजा
अवैध कब्जों पर हुई कार्रवाई

कोटा ग्रामीण जिले में नशे के कारोबार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ प्रशासन और पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में सीमलिया थाना क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जहां तस्करी में लिप्त मां-बेटे के अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाकर सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया गया।

यह कार्रवाई सीमलिया थाना पुलिस, प्रशासन और सीएडी विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई। कार्रवाई के दौरान एनएच-52 के समीप नहर किनारे स्थित सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाया गया और दो पक्के मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान करीब 1.5 बीघा सरकारी जमीन को मुक्त कराया गया, जिसकी बाजार कीमत लगभग 25 लाख रुपए आंकी गई है।

ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि जिले को नशामुक्त बनाने के लिए लगातार ऐसे अपराधियों की पहचान की जा रही है, जो नशे के कारोबार और अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हैं। इसी अभियान के तहत कल्याणपुरा निवासी सुगना बाई और उसके बेटे धीरज के खिलाफ यह कार्रवाई की गई। जांच में यह सामने आया कि दोनों ने सीएडी विभाग की सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा था और वहां पक्के मकान बना लिए थे।

थानाधिकारी नंदसिंह ने स्पष्ट किया कि ऐसे अपराधियों और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि सरकारी संपत्ति को सुरक्षित रखा जा सके और नशे के नेटवर्क पर लगाम लगाई जा सके।

डोडा पोस्त तस्करी मामले में बड़ा फैसला

कोटा में एक अन्य गंभीर मामले में विशिष्ट न्यायालय एनडीपीएस ने डोडा पोस्त तस्करी के छह साल पुराने केस में बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायाधीश रामपाल जाट ने आरोपी कालू गुर्जर को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 2 लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।

विशिष्ट लोक अभियोजक महेंद्र सिंह निर्भय के अनुसार, 27 जून 2020 को अनंतपुरा थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रानपुर रीको क्षेत्र स्थित एक गोदाम में छापेमारी की थी। इस दौरान 24 कट्टों में भरा 360 किलो डोडा पोस्त बरामद किया गया था।

इस मामले में कालू गुर्जर और हरिशंकर मीणा को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 27 गवाह और 178 दस्तावेज पेश किए। अदालत ने कालू गुर्जर को दोषी मानते हुए कठोर सजा सुनाई, जबकि सह-आरोपी हरिशंकर मीणा को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।

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