Illegal Petrol Sales: डूंगरपुर में रसद विभाग का एक्शन, प्लास्टिक बोतलों में पेट्रोल बरामद, दुकानदारों को चेतावनी
डूंगरपुर में रसद विभाग की टीम ने अवैध पेट्रोल बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चाय की दुकान और जनरल स्टोर से प्लास्टिक बोतलों में भरा पेट्रोल बरामद किया। दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी गई है।
डूंगरपुर जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ प्रशासन और पुलिस की सख्त कार्रवाई देखने को मिली है। एक ओर जहां रसद विभाग की टीम ने अवैध पेट्रोल भंडारण और बिक्री पर बड़ी कार्रवाई की, वहीं दूसरी ओर पुलिस ने गांजा खेती का भी खुलासा किया है।
अवैध पेट्रोल बिक्री पर छापा
रसद विभाग की टीम ने गुरुवार को भंडारिया और माडा क्षेत्र में औचक निरीक्षण करते हुए अवैध पेट्रोल बिक्री का भंडाफोड़ किया। जिला रसद अधिकारी के निर्देश पर प्रवर्तन अधिकारी नीलेशकुमार खांट, निरीक्षक हिमांशु डामोर और हर्षिल कोडिया की टीम ने डूंगरपुर-सीमलवाड़ा रोड पर स्थित चाय की दुकान और जनरल स्टोर पर दबिश दी।
निरीक्षण के दौरान प्लास्टिक की बोतलों में पेट्रोल भरा हुआ पाया गया, जो नियमों के खिलाफ है। मौके पर दुकानदारों से पूछताछ की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
टीम ने मौके पर सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में पेट्रोल को प्लास्टिक बोतलों या अनाधिकृत पात्रों में बेचना प्रतिबंधित है। इस संबंध में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और पेट्रोल पंप संचालकों को भी निर्देश जारी किए गए हैं।
गांवों में चल रहा था अवैध कारोबार
गौरतलब है कि पेट्रोल के बढ़ते दामों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगहों पर अवैध रूप से प्लास्टिक बोतलों में पेट्रोल बेचने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी के चलते प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। जिला प्रशासन ने पूर्व में प्रकाशित खबरों के बाद इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे जिले में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे।
ऑपरेशन त्रिनेत्र: गांजा खेती का खुलासा
इसी बीच डूंगरपुर पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा खेती का भी पर्दाफाश किया है। वरदा पुलिस और डीएसटी टीम ने हिराता गांव में एक खेत में छापेमारी की। जांच के दौरान थावरचंद रोत के खेत से गांजे के पौधे बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार खेत में कुल 50 गांजे के पौधे पाए गए, जबकि 558 ग्राम सूखा गांजा भी बरामद किया गया। जब्त किए गए पौधों का कुल वजन करीब 4 किलो 210 ग्राम बताया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 75 हजार रुपये आंकी गई है।
आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस ने मौके से थावरचंद रोत को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह खेती किस स्तर पर की जा रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
डूंगरपुर में हुई यह दोहरी कार्रवाई दर्शाती है कि प्रशासन अवैध पेट्रोल बिक्री और नशे के कारोबार पर अब सख्त रुख अपना रहा है। लगातार हो रही छापेमारियों से ऐसे अवैध नेटवर्क पर शिकंजा कसता जा रहा है।