हाईटेंशन बिजली लाइन अचानक टूटने से,पांच कर्मचारी करंट की चपेट में आए.

जोधपुर की मिल्कमैन कॉलोनी में 11 केवी की बिजली लाइन टूटने से हड़कंप मच गया! अचानक स्पार्किंग के साथ तार गिरे, और सोलंकी भोजनालय के पांच कर्मचारी—भरत, महेंद्र, चंद्र कुमार, प्रकाश और बदन—बिजली की चपेट में आकर घायल हो गए। चार घायलों को मथुरादास माथुर अस्पताल में भर्ती किया गया, जबकि गंभीर हालत में प्रकाश को श्री राम अस्पताल ले जाया गया। शास्त्री नगर पुलिस और डिस्कॉम की टीमें मौके पर सक्रिय, हादसे के कारणों की जांच जारी। क्षेत्रीय पार्षद घनश्याम भाटी ने भी घटनास्थल का दौरा किया। क्या पुरानी लाइनों की लापरवाही है इस हादसे की जड़?

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
August 21, 2025 • 4:25 PM  33
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राजस्थान
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हाईटेंशन बिजली लाइन अचानक टूटने से,पांच कर्मचारी करंट की चपेट में आए.
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हाईटेंशन बिजली लाइन अचानक टूटने से,पांच कर्मचारी करंट की चपेट में आए.

जोधपुर शहर के मिल्कमैन कॉलोनी के बाहर एक बड़ा हादसा हो गया, जब 11 केवी की हाईटेंशन बिजली लाइन अचानक टूट गई। इस घटना में स्पार्किंग के साथ तार नीचे गिरे, जिसके चलते पांच लोग बिजली की चपेट में आ गए। हादसे में सोलंकी भोजनालय में काम करने वाले पांच कर्मचारी घायल हो गए। घायलों की पहचान भरत, महेंद्र, चंद्र कुमार, प्रकाश और बदन के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही शास्त्री नगर पुलिस और डिस्कॉम की टीम मौके पर पहुंची, जबकि क्षेत्रीय पार्षद घनश्याम भाटी ने भी स्थिति का जायजा लिया।

हादसे का विवरण

मिल्कमैन कॉलोनी के बाहर उस समय हुई, जब सोलंकी भोजनालय के पास अचानक 11 केवी की बिजली लाइन में स्पार्किंग शुरू हुई। इसके तुरंत बाद तार टूटकर नीचे गिर गए, जिससे वहां मौजूद भोजनालय के पांच कर्मचारी बिजली की चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बिजली की चपेट में आने से सभी कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए।

घायलों का इलाज

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को मथुरादास माथुर अस्पताल पहुंचाया। प्रारंभिक जांच में चार घायलों—भरत, महेंद्र, चंद्र कुमार और बदन—की हालत स्थिर बताई गई और उन्हें मथुरादास माथुर अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। हालांकि, प्रकाश की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें श्री राम अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, प्रकाश की स्थिति अभी नाजुक बनी हुई है, लेकिन उनकी जान को खतरा नहीं है।

पुलिस और डिस्कॉम की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही शास्त्री नगर पुलिस थाने की टीम थाना अधिकारी जुल्फिकार अली के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर स्थिति को नियंत्रण में लिया। साथ ही, जोधपुर डिस्कॉम की तकनीकी टीम भी तत्काल मौके पर पहुंची और टूटी हुई बिजली लाइन को ठीक करने का काम शुरू किया। डिस्कॉम की टीम इस बात की जांच कर रही है कि आखिर लाइन टूटने और स्पार्किंग का कारण क्या था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पुराने तारों और रखरखाव की कमी को इस हादसे का कारण माना जा रहा है, लेकिन विस्तृत जांच के बाद ही सटीक कारणों का पता चल सकेगा।

क्षेत्रीय पार्षद का दौरा

क्षेत्रीय पार्षद घनश्याम भाटी भी घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों के परिजनों से मुलाकात की और अस्पताल में उनका हालचाल जाना। भाटी ने डिस्कॉम अधिकारियों से तुरंत बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा, "यह बेहद दुखद घटना है। बिजली विभाग को तारों और ट्रांसफार्मरों का नियमित रखरखाव करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं न हों।"

प्रत्यक्षदर्शियों का बयान

स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह के समय भोजनालय के बाहर कर्मचारी काम में व्यस्त थे, तभी अचानक जोरदार स्पार्किंग के साथ तार टूटकर नीचे गिरे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, "हमने देखा कि तारों से चिंगारी निकल रही थी, और इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, तार नीचे गिर गए। कर्मचारी चीखने लगे और हमने तुरंत बिजली बंद करवाकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया।"

प्रशासन की प्रतिक्रिया

डिस्कॉम अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद तत्काल बिजली आपूर्ति को बंद कर तारों को ठीक करने का काम शुरू किया गया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए बिजली लाइनों का निरीक्षण और मरम्मत कार्य तेज किया जाएगा। वहीं, शास्त्री नगर पुलिस ने घटना की प्रारंभिक रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना अधिकारी जुल्फिकार अली ने कहा, "हमारी प्राथमिकता घायलों को बेहतर इलाज दिलवाना और घटना के कारणों का पता लगाना है।"

भविष्य में रोकथाम के लिए मांग

इस हादसे ने एक बार फिर बिजली विभाग के रखरखाव और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि पुरानी और जर्जर बिजली लाइनों को तुरंत बदला जाए। साथ ही, नियमित निरीक्षण और मरम्मत कार्य को अनिवार्य किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।यह हादसा जोधपुर में बिजली व्यवस्था की लचर स्थिति को उजागर करता है। प्रशासन और डिस्कॉम को इस दिशा में त्वरित और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है ताकि आम लोगों की जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। 

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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