मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम कटवाने का खेल? बायतु में कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ने लगाए गंभीर आरोप

राजस्थान के बायतु विधानसभा क्षेत्र में भारत निर्वाचन आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR 2026) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के आरोप लगे हैं। कांग्रेस नेता एवं बायतु विधायक हरीश चौधरी ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर प्रक्रिया में अनियमितता, बिना सत्यापन और पूर्व सूचना के नाम काटने, निरक्षर महिलाओं से फर्जी हस्ताक्षर कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मांग की कि गलत तरीके से हटाए नाम बहाल किए जाएं और जांच हो, क्योंकि इससे हजारों पात्र मतदाताओं का मताधिकार प्रभावित हो रहा है। यह मामला लोकतंत्र पर हमले के रूप में देखा जा रहा है।

Jan 19, 2026 - 16:14
मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम कटवाने का खेल? बायतु में कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ने लगाए गंभीर आरोप

बायतु (बारमेर), 19 जनवरी 2026 – राजस्थान के बायतु विधानसभा क्षेत्र में भारत निर्वाचन आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नामों को बड़े पैमाने पर हटाए जाने को लेकर तीखी राजनीतिक बहस छिड़ गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी और बायतु विधायक हरीश चौधरी ने सोमवार को स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर बायतु एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, गैर-पारदर्शिता और फर्जीवाड़े के आरोप लगाए गए हैं।

ज्ञापन में मुख्य रूप से ये दावे किए गए हैं कि नाम हटाने के लिए जमा कई आवेदनों में निर्वाचन आयोग के निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया। कई मामलों में बिना स्थलीय सत्यापन, बिना मतदाता को पूर्व सूचना दिए और आवश्यक दस्तावेजों की उचित जांच के बिना नाम विलोपित कर दिए गए। सबसे चिंताजनक आरोप यह है कि कुछ निरक्षर महिलाओं से झूठे हस्ताक्षर कराए गए, जबकि पति-पत्नी या पूरे परिवार के नाम अलग-अलग तरीकों से काटे गए। ग्रामीणों का कहना है कि इससे हजारों पात्र मतदाताओं का संवैधानिक मताधिकार छिनने का खतरा मंडरा रहा है, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां लोग पहले से ही जागरूकता की कमी से जूझते हैं।

विधायक हरीश चौधरी ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "निर्वाचन आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि नाम हटाने से पहले पूरी पारदर्शी, निष्पक्ष और कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाए, ताकि किसी योग्य मतदाता का अधिकार प्रभावित न हो। लेकिन यहां बिना उचित प्रक्रिया के बड़े पैमाने पर नाम कटवाए जा रहे हैं, जो लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने वाला गंभीर कदम है।" उन्होंने मांग की कि सभी प्राप्त आपत्तियों की तुरंत निष्पक्ष जांच हो, गलत तरीके से हटाए गए नामों को तत्काल बहाल किया जाए और भविष्य में ऐसी प्रक्रिया पूरी तरह कानूनसम्मत, पारदर्शी और लोकतांत्रिक हो, इसकी सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाए।

इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान बायतु प्रधान सिमरथाराम चौधरी, गिड़ा पूर्व प्रधान लक्ष्मण राम डेलू, गिड़ा मंडल अध्यक्ष ओमप्रकाश घाट, परेऊ ब्लॉक अध्यक्ष हेमंत भाटिया, संतरा मंडल अध्यक्ष तेजा राम मेघवाल, केसुम्बला भाटियान सरपंच प्रतिनिधि दावद खान सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने बताया कि कई परिवारों में पति-पत्नी या पूरे परिवार के नाम एक साथ सूची से गायब हो गए हैं, जिससे आगामी चुनावों में उनका वोट डालना मुश्किल हो जाएगा।

यह घटना राजस्थान में SIR अभियान के दौरान उठ रहे अन्य विवादों से जुड़ी हुई लगती है, जहां कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल प्रक्रिया को पक्षपातपूर्ण बताते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला करार दे रहे हैं। हरीश चौधरी ने पहले भी भाजपा पर मतदाता सूची में फर्जीवाड़े और नाम कटवाने के आरोप लगाए हैं, और यह मामला अब और तेजी से राजनीतिक गलियारों में गूंज रहा है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.