उदयपुर: 70 पंचायतों के लोगों ने पट्टे की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर किया जोरदार प्रदर्शन

उदयपुर की पैराफेरी क्षेत्र की करीब 70 ग्राम पंचायतों के हजारों लोगों ने भूमि पट्टे नहीं मिलने और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के खिलाफ कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की, बैरिकेड्स पर चढ़ गए और प्रशासन को 10 दिनों की चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो बड़ा आंदोलन होगा। मुख्य मांगें शामिल हैं - आबादी भूमि पंचायतों को सौंपना, तोड़े गए मकानों का मुआवजा और पहाड़ी क्षेत्रों को यूडीए से बाहर करना।

Dec 16, 2025 - 17:20
उदयपुर: 70 पंचायतों के लोगों ने पट्टे की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर किया जोरदार प्रदर्शन

उदयपुर शहर की परिधि (पैराफेरी) में आने वाली करीब 70 ग्राम पंचायतों के हजारों लोगों ने पट्टे (भूमि स्वामित्व दस्तावेज) नहीं मिलने और अतिक्रमण हटाओ अभियान से उत्पन्न समस्याओं को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने नारेबाजी की, बैरिकेड्स पर चढ़ गए और प्रशासन को 10 दिनों की चेतावनी दी। यह प्रदर्शन उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) और नगर निगम में शामिल हुई पंचायतों के लोगों के लंबे समय से चले आ रहे गुस्से का इजहार था।

प्रदर्शन का विवरण प्रदर्शन में उदयपुर शहर के आसपास की विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट के सामने सड़क पर एक सभा आयोजित की गई, जिसमें पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने अपनी मांगों को जोरदार तरीके से रखा और सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्षों से इन क्षेत्रों में रह रहे गरीब परिवारों को उनके वैध पट्टे नहीं दिए जा रहे हैं, जिससे वे मूलभूत सुविधाओं और सरकारी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं।संघर्ष समिति के प्रमुख चंदन सिंह देवड़ा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बार-बार आश्वासन दिए गए, लेकिन अधिकारी जनता की जायज मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि "अब बहुत हो गया" और आगे कड़ा संघर्ष किया जाएगा। हाल के दिनों में सविना क्षेत्र में यूडीए द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गरीबों के मकान बिना नोटिस तोड़े जा रहे हैं।प्रदर्शन के दौरान भावनाएं उफान पर थीं। जब 10 लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने अंदर जा रहा था, तो भीड़ में से कई लोग गेट की ओर बढ़ गए और अंदर घुसने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने छोटे गेट को बंद करने की कोशिश की, लेकिन बाहर से धक्कामुक्की हुई। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स पर चढ़ गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) उमेश ओझा मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाया और बैरिकेड्स से उतरने को कहा। प्रतिनिधिमंडल ने अंदर जाकर ज्ञापन सौंपा, जबकि बाकी लोग बाहर शांत हुए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर 10 दिनों में मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो आगे की रणनीति बनाई जाएगी और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

 मुख्य मांगें प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं: यूडीए पैराफेरी में शामिल पंचायतों की 31 दिसंबर 2024 तक की आबादी वाली जमीन को संबंधित पंचायतों को आबादी उपयोग के लिए सौंपा जाए। बिना नोटिस तोड़े गए गरीबों के मकानों का तुरंत मुआवजा दिया जाए और भविष्य में किसी का मकान बिना सुनवाई के नहीं तोड़ा जाए। पहाड़ी भूभाग वाले नए पैराफेरी गांवों को यूडीए से बाहर निकाला जाए। यूडीए पैराफेरी में शामिल 70 नए गांवों की आबादी वाली, बिलानाम और चरागाह किस्म की भूमि संबंधित पंचायतों को ही दी जाए। 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.