जिला कलेक्टर टीना डाबी ने बाड़मेर के राजकीय बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय का किया निरीक्षण, सुविधाओं को मजबूत बनाने के दिए निर्देश

बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी ने राजकीय बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने दवाओं की उपलब्धता, उपचार व्यवस्था, साफ-सफाई और स्टाफ की उपस्थिति का जायजा लिया तथा पशुपालकों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। पशुपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार बताते हुए उन्होंने सेवाओं को मजबूत बनाने पर जोर दिया।

Feb 3, 2026 - 12:19
Feb 3, 2026 - 12:27
जिला कलेक्टर टीना डाबी ने बाड़मेर के राजकीय बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय का किया निरीक्षण, सुविधाओं को मजबूत बनाने के दिए निर्देश

बाड़मेर, 3 फरवरी 2026। राजस्थान के बाड़मेर जिले की जिला कलेक्टर टीना डाबी ने मंगलवार को शहर स्थित राजकीय बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय (Government Multi-Purpose Veterinary Hospital) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सालय की समग्र व्यवस्था का गहन जायजा लिया और पशुपालकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने चिकित्सालय परिसर में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने दवाओं के स्टॉक, विभिन्न प्रकार की दवाओं की उपलब्धता, उपचार कक्षों की स्थिति, ऑपरेशन थिएटर (यदि उपलब्ध हो), तथा अन्य चिकित्सकीय उपकरणों की जांच की। विशेष रूप से पशुओं के उपचार के लिए प्रदान की जा रही सेवाओं, इमरजेंसी हैंडलिंग, वैक्सीनेशन, और सामान्य चेकअप प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी ली गई।

टीना डाबी ने साफ-सफाई की स्थिति पर भी गौर किया और चिकित्सालय परिसर, वार्डों, स्टॉक रूम तथा शौचालयों आदि की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की गंदगी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारियों से पशुपालकों को समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कहा। जिला कलक्टर ने जोर देकर कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। यदि पशु चिकित्सालय प्रभावी ढंग से कार्य नहीं करेंगे तो किसानों और पशुपालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए उपचार प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और तेज बनाने की आवश्यकता है।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टाफ की उपस्थिति, ड्यूटी रजिस्टर, उपचार रिकॉर्ड, दवा वितरण रजिस्टर, तथा आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों की भी समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट रखे जाएं और किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई हो।

इस मौके पर पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. विनय मोहन, डॉ. रमेश कुमार सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कार्मिक उपस्थित रहे। उन्होंने जिला कलक्टर को विभिन्न सेवाओं और चुनौतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

जिला कलेक्टर टीना डाबी, जो अपनी सक्रिय और जन-उन्मुख प्रशासनिक शैली के लिए जानी जाती हैं, नियमित रूप से विभिन्न सरकारी संस्थानों का औचक निरीक्षण करती रहती हैं ताकि आम जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें। यह निरीक्षण भी पशुपालकों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे चिकित्सालय की कार्यप्रणाली में और सुधार की उम्मीद जगी है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.