बीकानेर बॉर्डर पर अमित शाह का बड़ा संदेश: वॉच टावर से देखा पाकिस्तान, ‘स्मार्ट बॉर्डर’ का नया सुरक्षा मॉडल किया लॉन्च
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीकानेर के सांचू बॉर्डर पोस्ट पहुंचकर सीमा सुरक्षा का जायजा लिया। उन्होंने ‘स्मार्ट बॉर्डर’ के लिए चार स्तंभों वाला नया सुरक्षा मॉडल पेश किया और ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2’ की शुरुआत करते हुए राजस्थान के 184 सीमावर्ती गांवों के विकास का बड़ा रोडमैप भी दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को राजस्थान के बीकानेर स्थित सांचू बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) पहुंचे, जहां उन्होंने भारत-पाकिस्तान सीमा की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यह वही ऐतिहासिक धरती है जिसने 1965 और 1971 के युद्ध में पाकिस्तानी सेना को करारा जवाब दिया था।
सांचू पोस्ट पर बने वॉच टावर पर चढ़कर अमित शाह ने दूरबीन से सीमा पार की गतिविधियों को देखा। इस दौरान उनके साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल भी मौजूद रहे।
गृह मंत्री का यह दौरा रणनीतिक, सैन्य और राजनीतिक तीनों लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। खास बात यह रही कि पूरे दौरे में वीवीआईपी तामझाम बेहद कम नजर आया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सादगी और न्यूनतम प्रोटोकॉल” का संदेश साफ दिखाई दिया।
जवानों से हाथ मिलाकर बढ़ाया हौसला
सांचू पोस्ट पहुंचने पर अमित शाह ने सीमा पर तैनात बीएसएफ जवानों से मुलाकात की। उन्होंने जवानों से हाथ मिलाया, उनके कंधे थपथपाए और कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा के लिए उनका आभार जताया।
शाह ने कहा कि बीएसएफ जवानों ने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए हर मौसम में अदम्य साहस और बलिदान का परिचय दिया है।
उन्होंने कहा,
“45 डिग्री की भीषण गर्मी से लेकर -45 डिग्री की कड़ाके की ठंड तक, हमारे सीमा प्रहरी लगातार देश की सुरक्षा में डटे रहते हैं।”
‘स्मार्ट बॉर्डर’ के लिए नया सुरक्षा मॉडल
बीएसएफ मुख्यालय में जवानों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने देश की सीमा सुरक्षा को लेकर नया और आधुनिक सुरक्षा मॉडल पेश किया। उन्होंने सीमाओं को “स्मार्ट बॉर्डर” में बदलने की प्रतिबद्धता जताई।
अमित शाह के ‘Four-Dimensional Grid’ के 4 मुख्य स्तंभ:
1. सीमा सुरक्षा बल (BSF)
सीमा पर पहली सुरक्षा पंक्ति, जिसे आधुनिक ड्रोन, राडार और एंटी-ड्रोन तकनीक से लैस किया जाएगा।
2. भारतीय सेना
आपातकालीन युद्ध जैसी स्थिति में तुरंत मोर्चा संभालने वाली बैकअप शक्ति।
3. जागरूक नागरिक
सीमावर्ती गांवों के लोग संदिग्ध गतिविधियों की पहली सूचना देने में अहम भूमिका निभाएंगे।
4. स्थानीय प्रशासन
जिला प्रशासन और साइबर विंग तस्करी और घुसपैठ के नेटवर्क को जमीनी स्तर पर खत्म करेंगे।
अमित शाह ने कहा,
“जब ये चारों स्तंभ मिलकर चक्रव्यूह की तरह काम करेंगे, तो सीमा पार से आने वाले हर खतरे को हवा में ही खत्म कर दिया जाएगा।”
ऑपरेशन ‘सिन्दूर’ और शहीदों को किया याद
अपने संबोधन के दौरान अमित शाह भावुक भी नजर आए। उन्होंने सांचू पोस्ट के गौरवशाली इतिहास और भारतीय जवानों के बलिदान को याद किया।
उन्होंने कहा कि 1965 और 1971 की जंग में भारतीय सैनिकों ने अद्भुत वीरता दिखाई थी। शाह ने ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ के दौरान बीएसएफ जवानों की बहादुरी की भी सराहना की।
उन्होंने कहा,
“देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए 200 सीमा प्रहरियों का बलिदान ऐसा ऋण है जिसे 140 करोड़ भारतीय कभी नहीं चुका सकते।”
‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2’ की शुरुआत
बीकानेर दौरे के दौरान अमित शाह ने सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2’ की शुरुआत की।
योजना के तहत राजस्थान के ये जिले शामिल:
- बीकानेर
- जैसलमेर
- बाड़मेर
- श्रीगंगानगर
184 गांवों का होगा विकास
इन जिलों के 184 सीमावर्ती गांवों को योजना में शामिल किया गया है।
गांवों में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं:
- ऑल-वेदर सड़कें
- 4G और 5G नेटवर्क
- टेलीविजन कनेक्टिविटी
- स्वच्छ पेयजल
- 24 घंटे बिजली
सरकार का मानना है कि सीमावर्ती गांवों का विकास राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत करेगा।
महिला जवानों के लिए हाईटेक बैरकों का लोकार्पण
अमित शाह ने सीमा चौकियों पर तैनात महिला बीएसएफ जवानों के लिए बनी 14 हाईटेक महिला बैरकों का डिजिटल माध्यम से ई-लोकार्पण भी किया।
इन बैरकों में सुरक्षा, गोपनीयता और आधुनिक जीवनशैली की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है।
एंटी-ड्रोन तकनीक का लिया जायजा
गृह मंत्री ने ‘प्रहरी शस्त्र गैलरी’ का निरीक्षण किया और आधुनिक हथियारों व एंटी-ड्रोन सिस्टम की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से सीमा पार से आने वाले नार्को-ड्रोन को रोकने और मार गिराने वाली तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
सांचू माता मंदिर में की पूजा
दौरे के दौरान अमित शाह ने सांचू माता मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। उनके साथ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और अर्जुनराम मेघवाल भी मौजूद रहे।
इसके बाद गृह मंत्री ने जवानों के साथ बैठकर जलपान किया और उनके परिवार, ड्यूटी और सुविधाओं को लेकर सीधा संवाद किया। जवानों के साथ शाह का यह सहज अंदाज चर्चा का विषय बना रहा।
पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश
अपने दौरे की यादगार के रूप में अमित शाह ने सांचू पोस्ट परिसर में एक औषधीय पौधा भी लगाया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।