CM विजय की छोड़ी सीट पर सियासी संग्राम: DMK-VCK कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प, इलाके में भारी पुलिस फोर्स तैनात
तमिलनाडु के पेरम्बलूर जिले में वीसीके और डीएमके कार्यकर्ताओं के बीच विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसक झड़प हो गई। दोनों पक्षों में पथराव और लकड़ी के डंडों से हमला हुआ, जिसके बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया।
तमिलनाडु के पेरम्बलूर जिले में मंगलवार को राजनीतिक तनाव हिंसक झड़प में बदल गया। विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के कार्यकर्ताओं के बीच कुन्नम बस स्टैंड इलाके में जमकर हंगामा हुआ। दोनों पक्षों के बीच पहले नारेबाजी हुई और फिर मामला पथराव तथा लकड़ी के डंडों से हमले तक पहुंच गया।
घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बाजार की दुकानें बंद कर दी गईं और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
राजनीतिक बयान से शुरू हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत डीएमके के उप महासचिव और नीलगिरि सांसद ए. राजा की सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। उन्होंने अपने पोस्ट में राजनीतिक गठबंधन और समर्थन को लेकर टिप्पणी की थी, जिसे वीसीके कार्यकर्ताओं ने अपमानजनक बताया।
ए. राजा ने अपने पोस्ट में लिखा था कि यदि कोई सहयोगी केवल लाभ लेने के लिए संबंध बनाए रखे तो राजनीति में ऐसे रिश्तों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने पेरियार की विचारधारा और सामाजिक संघर्ष का भी जिक्र किया।
इस पोस्ट के बाद वीसीके कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई और पार्टी नेताओं ने इसका खुलकर विरोध किया।
विरोध प्रदर्शन को लेकर बढ़ा तनाव
वीसीके ने ए. राजा के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए पेरम्बलूर के कुन्नम बस स्टैंड इलाके में अनुमति मांगी थी। दूसरी ओर डीएमके की युवा इकाई ने भी उसी स्थान पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति मांगी।
पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए दोनों दलों को अनुमति देने से इनकार कर दिया और इलाके में प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया। हालांकि इसके बावजूद दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता इलाके के अलग-अलग हिस्सों में जमा हो गए।
नारेबाजी के बाद शुरू हुई झड़प
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस दोनों पक्षों को वहां से हटाने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान डीएमके कार्यकर्ता नारे लगाते हुए उस रास्ते से गुजरे जहां वीसीके समर्थक खड़े थे। इसके बाद माहौल अचानक गर्म हो गया।
देखते ही देखते दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे पर पत्थर फेंकने लगे। कई लोगों ने लकड़ी के डंडों से भी हमला किया। इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया। पुलिसकर्मियों ने दोनों गुटों को अलग किया और भीड़ को तितर-बितर किया। झड़प के बाद कुन्नम बाजार क्षेत्र की दुकानें एहतियातन बंद करा दी गईं।
फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी है।
गठबंधन की राजनीति में बढ़ती खींचतान
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि डीएमके और वीसीके के बीच यह टकराव सिर्फ एक सोशल मीडिया पोस्ट का नतीजा नहीं है, बल्कि गठबंधन के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान भी इसकी वजह हो सकती है।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद वीसीके ने सरकार को समर्थन दिया था। इसके बाद वीसीके विधायक वन्नियारासु को मंत्री बनाए जाने पर डीएमके के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी की चर्चा रही थी।
इलाके में तनाव बरकरार
घटना के बाद पूरे पेरम्बलूर जिले में तनाव का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।