पश्चिम बंगाल में BJP की ऐतिहासिक जीत: सुवेंदु अधिकारी होंगे नए मुख्यमंत्री, कल लेंगे शपथ
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर हो गया है। BJP ने ऐतिहासिक जीत के बाद सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री चुन लिया है। अब कोलकाता में होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह पर पूरे देश की नजर टिकी हुई है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। लंबे समय तक वामपंथ और फिर तृणमूल कांग्रेस के प्रभुत्व वाले राज्य में अब भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाने जा रही है। भाजपा विधायक दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी को नेता चुने जाने के बाद यह तय हो गया कि वे पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री होंगे।
कोलकाता के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित भाजपा विधायक दल की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुवेंदु अधिकारी के नाम का ऐलान किया। बैठक में भाजपा के सभी नवनिर्वाचित विधायक मौजूद रहे। जैसे ही शाह ने सुवेंदु के नाम की घोषणा की, पूरे हॉल में “जय श्रीराम” और “भारत माता की जय” के नारे गूंज उठे। इसके बाद अमित शाह ने सुवेंदु अधिकारी को माला पहनाकर बधाई दी।
कल होगा भव्य शपथ ग्रहण समारोह
सुवेंदु अधिकारी शनिवार सुबह 10 बजे कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। भाजपा इस समारोह को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी में जुटी है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और कई केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे।
कोलकाता में शपथ ग्रहण को लेकर जबरदस्त तैयारियां की जा रही हैं। ब्रिगेड परेड ग्राउंड में विशाल मंच तैयार किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद कड़ी कर दी गई है। राज्यभर से भाजपा कार्यकर्ता कोलकाता पहुंच रहे हैं। कई जिलों में मिठाइयां बांटी जा रही हैं और जश्न का माहौल बना हुआ है।
भाजपा की ऐतिहासिक जीत
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा ने इतिहास रच दिया। 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया। वहीं ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस केवल 80 सीटों पर सिमट गई।
यह पहली बार है जब भाजपा अपने दम पर पश्चिम बंगाल में सरकार बना रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार बंगाल की राजनीति में यह बदलाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि राज्य की राजनीतिक दिशा बदलने वाला घटनाक्रम माना जा रहा है।
ममता को हराकर बने सबसे बड़े चेहरे
56 वर्षीय सुवेंदु अधिकारी इस चुनाव में भाजपा का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट से हराया। इसके अलावा वे नंदीग्राम सीट से भी लगातार दूसरी बार चुनाव जीतने में सफल रहे।
नंदीग्राम वही सीट है जहां 2021 के विधानसभा चुनाव में भी सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया था। उस समय से ही उन्हें भाजपा के मजबूत बंगाली चेहरे के रूप में देखा जाने लगा था।
अमित शाह बोले- श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना पूरा हुआ
विधायक दल की बैठक में अमित शाह ने कहा कि बंगाल में भाजपा सरकार बनना पार्टी के लिए ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि 1950 के दशक में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिस विचारधारा के साथ निकले थे, आज उनकी ही पार्टी बंगाल में सरकार बनाने जा रही है।
शाह ने कहा, “2014 में बंगाल में भाजपा का खाता खुला था। फिर हमारी सीटें बढ़ती गईं और आज हम सरकार बनाने की स्थिति में पहुंचे हैं। यह कार्यकर्ताओं के संघर्ष और जनता के भरोसे की जीत है।”
उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल की जनता ने भय, हिंसा और राजनीतिक आतंक से मुक्त शासन के लिए भाजपा को चुना है। भाजपा अब राज्य में विकास, कानून व्यवस्था और निवेश को प्राथमिकता देगी।
चुनाव बाद तनाव और हिंसा की घटनाएं
चुनाव परिणाम आने के बाद कई इलाकों से हिंसा और टकराव की खबरें भी सामने आई हैं। हावड़ा, शिवपुर, मध्यमग्राम और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुईं।
सबसे बड़ी घटना सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या रही। मध्यमग्राम में बदमाशों ने उनकी गाड़ी पर फायरिंग कर हत्या कर दी। घटना के बाद राजनीतिक माहौल और ज्यादा गरमा गया।
राज्यभर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
ममता बनर्जी ने उठाए सवाल
चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी लगातार चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जनादेश से नहीं बल्कि “साजिश” से हारी है। ममता ने शुरुआत में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से भी इनकार कर दिया था।
हालांकि बाद में राज्यपाल द्वारा विधानसभा भंग किए जाने के बाद नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई। इस फैसले पर TMC ने नाराजगी जताई और इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया।
बंगाल की राजनीति में नया दौर
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा की यह जीत राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ा संदेश देती है। बंगाल जैसे राज्य में भाजपा का सत्ता तक पहुंचना पार्टी के लिए रणनीतिक और वैचारिक दोनों स्तरों पर बड़ी सफलता माना जा रहा है।
अब सभी की नजर सुवेंदु अधिकारी की नई सरकार पर है। भाजपा ने चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था सुधारने, राजनीतिक हिंसा रोकने, उद्योग निवेश बढ़ाने और रोजगार के अवसर पैदा करने का वादा किया था। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि नई सरकार इन वादों को किस तरह जमीन पर उतारती है।